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	<title>उज्ज्वला योजना Archives &#060; Jubilee Post | जुबिली पोस्ट</title>
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	<description>News &#38; Information Portal</description>
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		<title>महंगाई की मार! पेट्रोल-डीजल के बाद अब रसोई गैस के दाम बढ़े, जानिए ताजा कीमतें</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/inflation-hits-after-petrol-and-diesel-now-lpg-prices-have-increase/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Supriya Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Apr 2025 11:58:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[इण्डिया]]></category>
		<category><![CDATA[ब्रेकिंग न्यूज़]]></category>
		<category><![CDATA[LPG गैस सिलेंडर]]></category>
		<category><![CDATA[उज्ज्वला योजना]]></category>
		<category><![CDATA[पेट्रोल और डीजल]]></category>
		<category><![CDATA[मंत्री हरदीप सिंह]]></category>
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					<description><![CDATA[जुबिली न्यूज डेस्क  महंगाई से जूझ रही आम जनता को सरकार ने एक और झटका दे दिया है। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने के बाद अब LPG गैस सिलेंडर के दामों में भी 50 रुपये का इजाफा कर दिया गया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने खुद इस बढ़ोतरी की घोषणा की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p data-start="901" data-end="1198"><span style="color: #0000ff"><strong>जुबिली न्यूज डेस्क </strong></span></p>
<p class="" data-start="901" data-end="1198">महंगाई से जूझ रही आम जनता को सरकार ने एक और झटका दे दिया है। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने के बाद अब LPG गैस सिलेंडर के दामों में भी 50 रुपये का इजाफा कर दिया गया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने खुद इस बढ़ोतरी की घोषणा की है। नई कीमतें 8 अप्रैल 2025 रात 12 बजे से लागू हो जाएंगी।</p>
<p data-start="901" data-end="1198"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-317538 size-large" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2025/04/LpG1-1024x576.webp" alt="" width="618" height="348" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2025/04/LpG1-1024x576.webp 1024w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2025/04/LpG1-300x169.webp 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2025/04/LpG1-768x432.webp 768w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2025/04/LpG1.webp 1200w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" /></p>
<h2 data-start="1205" data-end="1260"><strong><span style="color: #0000ff">उज्ज्वला योजना और सामान्य ग्राहकों के लिए नई कीमतें</span></strong></h2>
<p class="" data-start="1262" data-end="1330">सरकार ने साफ कर दिया है कि यह बढ़ोतरी सभी उपभोक्ताओं पर लागू होगी।</p>
<ul data-start="1331" data-end="1540">
<li class="" data-start="1331" data-end="1442">
<p class="" data-start="1333" data-end="1442"><strong data-start="1333" data-end="1378">उज्ज्वला योजना (PMUY) लाभार्थियों के लिए:</strong><br data-start="1378" data-end="1381" />500 रुपये से बढ़कर अब <strong data-start="1403" data-end="1430">550 रुपये प्रति सिलेंडर</strong> हो गई है।</p>
</li>
<li class="" data-start="1443" data-end="1540">
<p class="" data-start="1445" data-end="1540"><strong data-start="1445" data-end="1472">अन्य उपभोक्ताओं के लिए:</strong><br data-start="1472" data-end="1475" />803 रुपये से बढ़ाकर अब <strong data-start="1498" data-end="1525">853 रुपये प्रति सिलेंडर</strong> कर दी गई है।</p>
</li>
</ul>
<p class="" data-start="1542" data-end="1718">उज्ज्वला योजना के तहत ग्रामीण इलाकों की गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया जाता है, ताकि स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल हो सके। लेकिन अब उन्हें भी इस बढ़ोतरी का सामना करना पड़ेगा।</p>
<h3 class="" data-start="1725" data-end="1761"><strong><span style="color: #0000ff">पेट्रोल-डीजल पर भी महंगाई का असर</span></strong></h3>
<p class="" data-start="1763" data-end="1989">गौरतलब है कि आज ही केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दामों में भी 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की है। नई दरें आज रात से लागू होंगी। इससे पहले भी तेल कंपनियों को हुए घाटे की भरपाई के लिए दामों में संशोधन किया गया था।</p>
<p data-start="1763" data-end="1989"><span style="color: #993366"><strong>ये भी पढ़ें-<a style="color: #993366" href="https://www.jubileepost.in/bahujan-samaj-party-expelled-2-former-district/">बहुजन समाज पार्टी ने 2 पूर्व जिलाध्यक्षों को पार्टी से किया बाहर</a></strong></span></p>
<h3 class="" data-start="1996" data-end="2054"><strong><span style="color: #0000ff">हरदीप सिंह पुरी का बयान</span></strong></h3>
<p class="" data-start="2056" data-end="2402">केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यह फैसला स्थायी नहीं है। LPG की कीमतों की समीक्षा हर 2 से 3 हफ्ते में की जाएगी।<br data-start="2177" data-end="2180" />उन्होंने यह भी जोड़ा कि पेट्रोल और डीजल पर बढ़ाई गई एक्साइज ड्यूटी का बोझ आम उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा। सरकार का उद्देश्य तेल कंपनियों को हुए 43,000 करोड़ रुपये के घाटे की भरपाई करना है, ताकि सप्लाई चैन को बनाए रखा जा सके।</p>
<p data-start="2056" data-end="2402"><span style="color: #993366"><strong>ये भी पढ़ें-<a style="color: #993366" href="https://www.jubileepost.in/what-is-rahul-gandhi-doing-in-bihar/">बिहार में राहुल गाँधी क्या कर रहे हैं ?</a></strong></span></p>
<h3 class="" data-start="2409" data-end="2431"><strong><span style="color: #0000ff">जनता पर कितना असर?</span></strong></h3>
<p class="" data-start="2433" data-end="2598">एलपीजी गैस की कीमत में बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी के बजट पर पड़ने वाला है। रसोई खर्च बढ़ेगा, और महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए यह एक और चिंता का कारण बन सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>योगी खुद बताएंगे साढ़े चार साल में यूपी के लिए क्या-क्या किया</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/yogi-himself-will-tell-what-he-has-done-for-up-in-four-and-a-half-years/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Sep 2021 14:04:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[अखिलेश यादव]]></category>
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					<description><![CDATA[जुबिली न्यूज़ ब्यूरो लखनऊ. उत्तर प्रदेश चुनावी मोड में आ चुका है. 19 सितम्बर को योगी आदित्यनाथ की सरकार को छह महीने पूरे हो जायेंगे. जनता की अदालत में जाने का समय आ रहा है. सरकार और विपक्ष दोनों ही जीजान से जुट गए हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #0000ff;">जुबिली न्यूज़ ब्यूरो</span> </strong></p>
<p><strong>लखनऊ.</strong> उत्तर प्रदेश चुनावी मोड में आ चुका है. 19 सितम्बर को योगी आदित्यनाथ की सरकार को छह महीने पूरे हो जायेंगे. जनता की अदालत में जाने का समय आ रहा है. सरकार और विपक्ष दोनों ही जीजान से जुट गए हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि मुख्यमंत्री साढ़े चार साल से हमारे काम का फीता काट रहे हैं तो मुख्यमंत्री ने साढ़े चार साल के कार्यकाल की बुकलेट तैयार करवा ली है.</p>
<p>19 सितम्बर को साढ़े चार साल पूरा होने पर योगी आदित्यनाथ लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी सरकार की साढ़े चार साल की उपलब्धियां गिनवाएंगे. उत्तर प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में केन्द्र और राज्य सरकार के मंत्रियों और सांसदों को ज़िम्मेदारी दी गई है कि वह 19 सितम्बर को ही प्रेस कांफ्रेंस के ज़रिये सरकार की उपब्धियों का बखान करें. साढ़े चार साल की उपलब्धियों को बताने के लिए एक बुकलेट भी तैयार की गई है.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-233753 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/09/yogi-.jpg" alt="" width="640" height="424" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/09/yogi-.jpg 640w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/09/yogi--300x199.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/09/yogi--310x205.jpg 310w" sizes="auto, (max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>
<p>इस बुकलेट के ज़रिये जनता को बताया जायेगा कि योगी सरकार ने यूपी में क़ानून का राज स्थापित कर दिया. माफियाओं की कमर तोड़ दी गई. किसानों को सम्मान मिला, बेरोजगारों को रोज़गार दिए गए, स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर की गई. यही बुकलेट पुरानी सरकारों के कामकाज से मौजूदा सरकार के कामकाज की तुलना भी दिखायेगी.</p>
<p>योगी सरकार यह बतायेगी कि माफियाओं की अवैध ढंग से कमाई गई 1866 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कर ली गईं. यूपी में क़ानून का राज स्थापित किया गया. 2016 से 2020 की तुलना करने पर डकैती में 70 फीसदी, लूट में 69 फीसदी, हत्या में 29 फीसदी, बलवा में 33 फीसदी, अपहरण में 35 फीसदी, बलात्कार में 52 फीसदी और दहेज मृत्यु में 11 फीसदी की कमी आई है.</p>
<p>लखनऊ, नोएडा, कानपुर और वाराणसी में पुलिस कमिश्नरेट बनाया गया. 150 अपराधी मुठभेड़ में मारे गए. गैंगस्टर एक्ट में 44 हज़ार 759 अपराधी गिरफ्तार किये गए. सीएए के खिलाफ प्रदर्शन में सरकारी संपत्तियों को क्षति पहुँचाने वालों से वसूली की गई. जबरन धर्म परिवर्तन रोकने के लिए क़ानून बनाया गया. 214 नये थानों का निर्माण किया. हर जिले में साइबर सेल और ज़ोन में साइबर थाने खोले.</p>
<p>इस बुकलेट में पूर्व की सरकारों से योगी सरकार के कामकाज की तुलना की गई है. इसमें बताया गया है कि अखिलेश यादव की सरकार ने 55 लाख 31 हज़ार लोगों को उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन दिए थे जबकि योगी सरकार ने एक करोड़ 67 लाख कनेक्शन दिए.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-234919 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/09/pm-housing-scheeme.jpg" alt="" width="578" height="480" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/09/pm-housing-scheeme.jpg 578w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/09/pm-housing-scheeme-300x249.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 578px) 100vw, 578px" /></p>
<p>प्रधानमन्त्री आवास योजना के बारे में बताया गया है कि मायावती ने 16 लाख, अखिलेश यादव ने 13 लाख लोगों को आवास मुहैया कराये जबकि योगी सरकार ने 42 लाख से अधिक आवासों का निर्माण करवाया.</p>
<p>योगी सरकार ने दावा किया है कि उसने 86 लाख किसानों के 36 हज़ार करोड़ के ऋण माफ़ कर दिए. गन्ना किसानों के एक लाख 44 लाख करोड़ से अधिक का गन्ना मूल्य का भुगतान किया. एमएसपी में दोगुना तक वृद्धि की. प्रधानमन्त्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत दो करोड़ 53 लाख 98 हज़ार किसानों के खातों में 37 हज़ार 388 करोड़ रुपये ट्रांसफर किये. इसके अलावा किसानों को चार लाख 72 हज़ार करोड़ के फसली ऋण का भुगतान भी किया. मंडी शुल्क में एक फीसदी की कमी की. 220 मंडियों का आधुनिकीकरण किया.</p>
<p>बुकलेट में बताया गया है कि योगी सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में कई कदम उठाये. बालिकाओं की शिक्षा स्नातक तक मुफ्त कर दी. मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में एक लाख 52 हज़ार निर्धन कन्याओं का विवाह करवाया. मुस्लिम महिलाओं को बगैर महरम के हज पर जाने की सुविधा दी. उत्तर प्रदेश के सभी 1535 थानों पर महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की. महिलाओं को त्वरित न्याय के लिए 218 नये फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाये. बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना में एक करोड़ 80 लाख बच्चियों को लाभ मिला.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-234918 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/09/poorvanchal-express-way.jpg" alt="" width="640" height="422" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/09/poorvanchal-express-way.jpg 640w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/09/poorvanchal-express-way-300x198.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/09/poorvanchal-express-way-310x205.jpg 310w" sizes="auto, (max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>
<p>योगी सरकार ने दावा किया है कि उसने उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेस वे का जाल बिछा दिया है. राज्य में पांच इंटरनेशनल हवाई अड्डे बनाये. 341 किलोमीटर लम्बा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बनाया. 297 किलोमीटर लम्बे बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस वे का निर्माण चल रहा है. 594 किलोमीटर लम्बे गंगा एक्सप्रेस वे के लिए भूमि अधिग्रहण का कम हो चुका है. 91 किलोमीटर लम्बे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे काम तेज़ी से चल रहा है. बलिया लिंक एक्सप्रेस वे को मंजूरी दे दी गई है.</p>
<p>योगी सरकार का दावा है कि उसने स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी एतिहासिक काम किया है. राज्य के 59 जिलों में कम से कम एक मेडिकल कालेज ज़रूर है. 16 जिलों में पीपीपी माडल पर मेडिकल कालेज की स्थापना का काम किया जा रहा है. महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है. लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय का निर्माण चल रहा है. चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति की उम्र 60 से बढ़ाकर 62 साल कर दी गई है.</p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/captain-government-sacrificed-in-the-guise-of-punjab-congress/">पंजाब कांग्रेस की रार में चढ़ गई कैप्टन सरकार की बलि</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/in-the-raid-a-stock-of-silverware-found-at-the-engineers-house/">छापेमारी में इंजीनियर के घर मिला चांदी के बर्तनों का भंडार</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/petrol-and-diesel-prices-will-not-come-down-after-the-meeting-of-the-gst-council/">जीएसटी काउंसिल की बैठक खत्म, नहीं घटेंगे पेट्रोल डीज़ल के दाम</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/the-government-was-trolled-for-the-first-time/">डंके की चोट पर : पहली बार देखी ट्रोल होती सरकार</a></strong></span></p>
<p>योगी सरकार के साढ़े चार साल के कामकाज को जनता तक पहुँचाने के लिए जिलों में जिन्हें ज़िम्मेदारी दी गई है उनमें महाराजगंज में केन्द्रीय राज्यमंत्री पंकज चौधरी, मुज़फ्फरनगर में केन्द्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान और आगरा में केन्द्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल सरकार की उपलब्धियां बताएँगे. यूपी सरकार की उपलब्धियां गिनाने की ज़िम्मेदारी जिन सांसदों को दी गई है उनमें पीलीभीत में वरुण गांधी, इटावा में रामशंकर कठेरिया, संत कबीरनगर में प्रवीण निषाद, लखीमपुर में अजय कुमार मिश्र, प्रतापगढ़ में संगम लाल गुप्ता, शाहजहांपुर में अरुण सागर, अम्बेडकरनगर में जय प्रकाश निषाद, गौतमबुद्ध नगर में महेश शर्मा, बाराबंकी में उपेन्द्र रावत, बरेली में संतोष गंगवार, फिरोजाबाद में चन्द्रसेन जादौन, मुरादाबाद में ज़फर इस्लाम, कन्नौज में सुब्रत पाठक, बहराइच में अक्षयवर लाल गोंड, झांसी में अनुराग शर्मा, उन्नाव में साक्षी महाराज, कानपुर में सत्यदेव पचौरी, मेरठ में विजयपाल सिंह तोमर, आज़मगढ़ में सुरेन्द्र नगर और कुशीनगर में सांसद विजय दुबे को प्रेस कांफ्रेंस कर जनता को सरकार की उपलब्धियां बताने का ज़िम्मा दिया गया है.</p>
<p>अमरोहा में मंत्री गुलाब देवी, मैनपुरी में मंत्री उदय भान सिंह, बलरामपुर में मंत्री मनोहर लाल कोरी और रायबरेली में एमएलसी विद्यासागर सोनकर यूपी सरकार की उपलब्धियां बताएँगे.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>उज्ज्वला योजना : मुफ्त रिफिल के बाद भी नहीं भरवाए गए 9.88 करोड़ सिलेंडर</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/ujjwala-scheme-9-88-crore-cylinders-not-filled-even-after-free-refill/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 10 Feb 2021 07:46:14 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जुबिली न्यूज डेस्क कोरोना महामारी के कारण उपजे आर्थिक संकट के मद्देनजर केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत प्रत्येक उज्जवला सिलेंडर धारक को तीन रिफिल मुफ्त देने की योजना बनाई थी। इस दौरान इस योजना के तहत 1अप्रैल से 31 दिसम्बर 2020 के बीच 14.17 करोड़ सिलेंडर मुफ्त रिफिल किए गए। यह &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #000080;"><strong>जुबिली न्यूज डेस्क</strong></span></p>
<p>कोरोना महामारी के कारण उपजे आर्थिक संकट के मद्देनजर केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत प्रत्येक उज्जवला सिलेंडर धारक को तीन रिफिल मुफ्त देने की योजना बनाई थी। इस दौरान इस योजना के तहत 1अप्रैल से 31 दिसम्बर 2020 के बीच 14.17 करोड़ सिलेंडर मुफ्त रिफिल किए गए।</p>
<p>यह जानकारी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में दिया। इस योजना का मकसद कोविड महामारी से उपजी आर्थिक तंगी के दौरान लोगों को स्वच्छ ईंधन प्रदान करना था।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-208191" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/01/lpg-cylinder-delivery-1603689603.jpg" alt="" width="902" height="508" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/01/lpg-cylinder-delivery-1603689603.jpg 715w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/01/lpg-cylinder-delivery-1603689603-300x169.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 902px) 100vw, 902px" /></p>
<h3><span style="color: #800000;"><strong>किन राज्यों में कितना भरवाया गया मुफ्त सिलेंडर</strong></span></h3>
<p>पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस योजना के तहत सबसे अधिक गैस सिलेंडर यूपी में में रिफिल किए गए थे। उ</p>
<p>उत्तर प्रदेश में कुल 2.7 करोड़ सिलेंडर रिफिल किए गए थे। इसके बाद नंबर आता है बिहार का। वहां 1.5 करोड़ सिलेंडर रिफिल हुए। इसके बाद मध्य प्रदेश और राजस्थान का नंबर रहा।</p>
<blockquote><p><strong><span style="color: #ff0000;">इन दोनों राज्यों में करीब 1.1 करोड़ गैस सिलेंडर रिफिल हुए थे। वहीं ओडिशा में 83.7 लाख तो महाराष्ट्र में 76.3 लाख सिलेंडर रिफिल हुए।</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">इसके अलावा तमिलनाडु में 61.9 लाख, कर्नाटक में 57.2 लाख, झारखण्ड में 53.8 लाख और असम में 52.9 लाख गैस सिलेंडर रिफिल हुए थे।</span></strong></p></blockquote>
<p><span style="color: #800000;"><strong>ये भी पढ़े: <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/prachanda-appeals-to-india-and-china-for-oli/">प्रचंड ने ओली को लेकर भारत और चीन से मदद की लगाई गुहार</a></strong> </span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>ये भी पढ़े:  <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%aa/">किसान आंदोलन को लेकर भाजपा सांसद ने कहा- तीन मुख्यमंत्री करते हैं फंडिंग…</a></strong></span></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-210385" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/02/ujjawala-yojna.jpg" alt="" width="1024" height="684" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/02/ujjawala-yojna.jpg 1024w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/02/ujjawala-yojna-300x200.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/02/ujjawala-yojna-768x513.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></p>
<p>कोविड महामारी के दौरान चलायी गई इस योजना के अनुसार पिछले साल अप्रैल से दिसंबर माह के बीच प्रत्येक उज्ज्वला कनेक्शन पर 3 मुफ्त सिलेंडर भरे जा रहे थे।</p>
<p>पूरे देश में उज्ज्वला योजना के तहत 8.02 करोड़ कनेक्शन जरूरतमंद परिवारों को दिए गए थे, तो इस हिसाब से करीब 24.05 करोड़ सिलेंडर रिफिल होने चाहिए थे।</p>
<p>लेकिन इस अवधि के दौरान सिर्फ 14.17 करोड़ सिलेंडर मुफ्त भरवाए गए। इस हिसाब से देखें तो पता चलता है कि इस दौरान 9.88 करोड़ सिलेंडर नहीं भराए गए, जोकि मुफ्त मिल रहे थे।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>इससे पता चलता है कि या तो जरुरतमंद परिवारों को मुफ्त सिलेंडर की जरूरत नहीं, या फिर उन्हें इस योजना के बारे में जानकारी नहीं थी। दूसरी वजह यह भी हो सकती है कि वो मुफ्त सिलेंडर इसलिए रिफिल नहीं करवा पाए क्योंकि उनकी पहुंच से दूर था। इसीलिए वो इस योजना का फायदा नहीं उठा पाए।</strong></span></p></blockquote>
<p>पिछले काफी समय से यह सवाल उठ रहा है कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थी सिलेंडर नहीं भराते। इस योजना का पूरा लाभ न उठा पाना एक बड़ी समस्या है। इसके पीछे कई कारण हैं।</p>
<h3><span style="color: #800000;"><strong>क्या है उज्ज्वला योजना ?</strong></span></h3>
<p>&#8220;स्वच्छ ईंधन, बेहतर जीवन&#8221; के नारे के साथ शुरु की गई उज्ज्वला योजना एक बेहतरीन योजना है। मोदी सरकार ने मई 2016 को उज्ज्वला योजना की शुरुआत की थी।</p>
<p>सरकार के आंकड़ों के मुताबिक अब तक इस योजना के तहत गरीब तबके को रियायती दर पर करीब 8.01 करोड़ एलपीजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं। जिसके बाद देश में खाना बनाने को लेकर स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल में बढ़ोत्तरी हुई है।</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>ये भी पढ़े: <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/why-yogi-government-became-strict-about-oxytocin-injection/">ऑक्सीटोसिन इन्जेक्शन को लेकर क्यों सख्त हुई योगी सरकार</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>ये भी पढ़े: <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/new-ministers-of-cm-nitish-kumar/">जानिए बिहार में किस मंत्री को मि कौन सा विभाग</a>  </strong></span></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-210384" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/02/pm-ujjwala-yojna.jpg" alt="" width="646" height="416" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/02/pm-ujjwala-yojna.jpg 646w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/02/pm-ujjwala-yojna-300x193.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 646px) 100vw, 646px" /></p>
<h3><span style="color: #800000;"><strong>स्वच्छ ईंधन के मामले में कई राज्य थे काफी पीछे</strong></span></h3>
<p>कुछ दिनों पहले जारी हुए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2019-20 (एनएफएचएस -5) में भी ये खुलासा हुआ था कि बिहार और मेघालय जैसे कई राज्यों में 60 प्रतिशत से अधिक घरों में खाना पकाने के लिए स्वच्छ ईंधन का प्रयोग नहीं होता।</p>
<p>एनएफएचएस -5 के आंकड़ों के अनुसार मेघालय में केवल 33.7 प्रतिशत घरों में साफ ईंधन का उपयोग किया जा रहा है। यही हाल बिहार में भी है, जहां सिर्फ 37.8 प्रतिशत घरों में खाना पकाने के लिए स्वच्छ ईंधन का उपयोग किया जा रहा है।</p>
<p>सरकार के तमाम योजनाओं के बाद भी शहरों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति अब भी बदतर है। जहां बंगाल की केवल 20.5 प्रतिशत आबादी स्वच्छ ईंधन का उपयोग कर रही है तो वहीं मेघालय (21.7), बिहार (30.3), नागालैंड (24.9), त्रिपुरा (32.6), असम (33.7), लक्षद्वीप (24.7), हिमाचल प्रदेश (44.5) और गुजरात (46.1) की स्थिति भी कोई खास अच्छी नहीं है।</p>
<p>ऐसा नहीं है कि इस दिशा में सुधार नहीं हो रहा है। सुधार हो रहा है लेकिन अभी उतना नहीं है कि जिस पर देश गर्व कर सके। अभी इस दिशा में बहुत कुछ किया जाना है।</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>ये भी पढ़े: <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/scientists-told-how-the-accident-happened-in-chamoli/">वैज्ञानिकों ने बताया कि चमोली में कैसे हुआ हादसा</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>ये भी पढ़े: <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/uttar-pradesh-panchayat-election-2021-reservation-policy/">पंचायत चुनाव में कुछ इस तरह से लागू होगा आरक्षण, जाने नए नियम</a></strong></span></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बिहार : एनडीए की जीत की क्या रही वजह</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/bihar-what-was-the-reason-for-the-victory-of-nda/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 11 Nov 2020 04:49:01 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जुबिली न्यूज डेस्क बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने जा रही है। तमाम एग्जिट पोल को पछाड़ते हुए नीतीश कुमार की अगुवाई में एनडीए ने जीत दर्ज की और बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया। वहीं, महागठबंधन जादुई नंबर पाने से चूक गया। फिलहाल यदि एनडीए फिर से सरकार बनाने जा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #000080;"><strong>जुबिली न्यूज डेस्क</strong></span></p>
<p>बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने जा रही है। तमाम एग्जिट पोल को पछाड़ते हुए नीतीश कुमार की अगुवाई में एनडीए ने जीत दर्ज की और बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया। वहीं, महागठबंधन जादुई नंबर पाने से चूक गया।</p>
<p>फिलहाल यदि एनडीए फिर से सरकार बनाने जा रही है तो इसकी वजह से भारतीय जनता पार्टी। एनडीए की जीत की हीरो इस बार भारतीय जनता पार्टी है, जिसने जदयू से कहीं ज्यादा सीट हासिल की।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-195895" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/11/modi-with-nitish-kumar.jpg" alt="" width="1200" height="630" /></p>
<p>भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में चले कैंपेन के दम पर ही ऐतिहासिक नंबर ला पाई है। फिलहाल इस बार बिहार में एनडीए की इस अप्रत्याशित जीत के लिए तीन एम फैक्टर सामने आए हैं, जिनके दम पर फिर सरकार बनती दिख रही है।</p>
<h3><span style="color: #800000;"><strong>क्या है पहला एम फैक्टर </strong></span></h3>
<p>इस बार तमाम सर्वे में दिख रहा था कि महागठबंधन एकतरफा जीत हासिल कर लेगा। वहीं, नीतीश कुमार के प्रति जनता में गुस्सा था, लेकिन जैसे ही बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए की ओर से मोर्चा संभाला तो हवा का रुख बदलना शुरू हो गया।</p>
<p>मोदी ने करीब एक दर्जन सभाएं की। कई रैलियों में वो नीतीश कुमार के साथ भी नजर आए। पीएम ने लगातार नीतीश की तारीफ की, लोगों से अपील करते हुए कहा कि उन्हें नीतीश सरकार की जरूरत है।</p>
<p>इसके अलावा उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज मे राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर विपक्ष पर वार किया और राजद के जंगलराज का जिक्र कर तेजस्वी पर निशाना साधा। मोदी ने अकेले दम पर एनडीए के प्रचार को आगे बढ़ाया, जिसने हार और जीत का अंतर तय कर दिया।</p>
<p>चुनाव नतीजों ने भी दिखाया कि जहां जदयू को सीटों में घाटा हुआ वहां पर बीजेपी की बढ़त ने एनडीए को बहुमत तक पहुंचा दिया।</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/mi-vs-dc-ipl-final-2020/">MI vs DC, IPL Final 2020: मुंबई की बादशाहत कायम, जीता 5वां खिताब</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें :  <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/hearing-this-story-on-the-day-of-dhanteras-removes-money-related-problems/">धनतेरस के दिन ये कथा सुनने से धन संबंधी समस्या होती है दूर</a></strong></span></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-193961" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/10/modi-bihar.jpg" alt="" width="789" height="414" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/10/modi-bihar.jpg 789w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/10/modi-bihar-300x157.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/10/modi-bihar-768x403.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 789px) 100vw, 789px" /></p>
<h3><span style="color: #800000;"><strong>क्या है दूसरा एम फैक्टर</strong></span></h3>
<p>एनडीए की जीत का एक अहम फैक्टर बिहार की महिला वोटर रहीं। बिहार में महिला वोटरों को नीतीश कुमार का पक्का मतदाता माना जाता रहा है, जो हर बार साइलेंट तरीके से नीतीश के पक्ष में वोट करता है। यही नतीजा इस बार के चुनाव में भी दिख रहा है।</p>
<p>इसके अलावा एनडीए के पक्ष में महिलाओं का वोट आने का एक बड़ा कारण मोदी और महिलाओं से जुड़ी योजनाएं रहीं। लोकसभा में इसका असर दिखा था और फिर एक बार बहार में भी दिखा।</p>
<p>केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना, शौचालयों का निर्माण, पक्का घर, मुफ्त राशन, महिलाओं को आर्थिक मदद जैसी कई ऐसी योजनाएं हैं जिनका सीधा लाभ महिलाओं को होता है। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा की गई शराबबंदी के पक्ष में भी बिहार की महिलाएं बड़ी संख्या में नजऱ आती हैं। ऐसे में फिर एक बार एनडीए की जीत में 50 फीसदी आबादी निर्णायक भूमिका निभाते नजर आए हैं।</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/bihar-nda-with-absolute-majority-rjd-largest-party/">बिहार : एनडीए को पूर्ण बहुमत, आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें :  <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/bihar-election-nationalism-dominates-employment/">बिहार चुनाव : रोज़गार पर हावी हो गया राष्ट्रवाद</a></strong></span></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-195956" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/11/mahila-matdata.jpg" alt="" width="919" height="701" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/11/mahila-matdata.jpg 603w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/11/mahila-matdata-300x229.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 919px) 100vw, 919px" /></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी बिहार चुनाव के नतीजों के बाद महिला मतदाताओं को खास तौर पर धन्यवाद किया। मोदी ने लिखा, &#8216;बिहार की बहनों-बेटियों ने इस बार रिकॉर्ड संख्या में वोटिंग कर दिखा दिया है कि आत्मनिर्भर बिहार में उनकी भूमिका कितनी बड़ी है। हमें संतोष है कि बीते वर्षों में बिहार की मातृशक्ति को नया आत्मविश्वास देने का हृष्ठ्र को अवसर मिला, यह आत्मविश्वास बिहार को आगे बढ़ाने में हमें शक्ति देगा।Ó</p>
<h3><span style="color: #800000;"><strong>क्या है तीसरा एम फैक्टर</strong></span></h3>
<p>बिहार में मुस्लिम मतदाता मुख्य रूप से लालू यादव की पार्टी राजद के साथ जुड़ता रहा है और यही कारण है कि राजद का माई समीकरण निर्णायक माना जाता रहा है।</p>
<p>बिहार में करीब 17 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं, जो चुनाव में हार जीत का अंतर पैदा कर सकते हैं, लेकिन इस बार यही मतदाता अलग-अलग हिस्सों में बंटते हुए नजर आए, जिसका फायदा एनडीए को हो गया।</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/mp-by-election-live/">MP उपचुनाव: भाजपा में जश्न, कमलनाथ ने स्वीकारी हार</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें :  <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/bollywood-irfan-khan-son-babil-wrote-a-emotional-post-to-irfan-khan/">बेटे बाबिल ने पिता इरफ़ान के लिए लिखा इमोशनल पोस्ट</a></strong></span></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-88040" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/03/muslim.jpg" alt="" width="911" height="683" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/03/muslim.jpg 580w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/03/muslim-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 911px) 100vw, 911px" /></p>
<p>इस बार मुस्लिम मतदाताओं के सामने कई तरह के ऑप्शन थे। राजद की अगुवाई में महागठबंधन चुनाव लड़ रहा था तो वहीं बिहार में  AIMIM  ने भी बड़ी जीत हासिल की। इसके अलावा बसपा जैसी पार्टियां भी अपने क्षेत्र में मुस्लिम वोटरों को लुभा पाईं।</p>
<p>असदुद्दीन ओवैसी की  AIMIM  इस बार चुनाव में पांच सीटों पर जीत हासिल कर पाई, जिसे राजद का बड़ा वोट माना जा रहा है और इन्हीं सीटों ने महागठबंधन की जीत में रोड़ा अटका दिया।</p>
<p>मालूम हो बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार एनडीए को 125 सीट मिली हैं, जिनमें से बीजेपी के खाते में 74, जदयू के खाते में 43, विकासशील इंसान पार्टी के खाते में 4 और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के खाते में 4 सीटें गई हैं। दूसरी ओर महागठबंधन में राजद को कुल 75, कांग्रेस को 19 और लेफ्ट पार्टियों को मिलाकर 16 सीटें मिल पाई हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मोदी 2.0 : उम्मीद है पुरानी गलतियां नहीं दोहरायेंगे</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/modi-should-not-repeat-these-mistakes/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Utkarsh Sinha]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 May 2019 11:15:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[डा. श्रीश पाठक भाजपा की इस सुनामी में कई समीकरण और छोटे-मोटे प्रबंधन के बांस टूटकर गिर गए हैं लेकिन कठिन मुद्दों की कुछ बेहया घास अभी भी जमी हुई है l ये घास केवल सुशासन से ही हटाई जा सकती हैं l 2014 में नरेंद्र मोदी ने चुनाव लड़ने के लिए विकास और भ्रष्टाचार &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #0000ff;"><strong>डा. श्रीश पाठक</strong></span></p>
<p>भाजपा की इस सुनामी में कई समीकरण और छोटे-मोटे प्रबंधन के बांस टूटकर गिर गए हैं लेकिन कठिन मुद्दों की कुछ बेहया घास अभी भी जमी हुई है l ये घास केवल सुशासन से ही हटाई जा सकती हैं l<img loading="lazy" decoding="async" class="alignright wp-image-90092 size-medium" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/03/8.Shreesh-Pathak-1-300x226.jpg" alt="" width="300" height="226" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/03/8.Shreesh-Pathak-1-300x226.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/03/8.Shreesh-Pathak-1-768x578.jpg 768w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/03/8.Shreesh-Pathak-1-1024x770.jpg 1024w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/03/8.Shreesh-Pathak-1-1200x903.jpg 1200w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/03/8.Shreesh-Pathak-1.jpg 1420w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>2014 में नरेंद्र मोदी ने चुनाव लड़ने के लिए विकास और भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाया था और गुजरात मॉडल को सामने रखा था l मतदाताओं ने इसपर भरोसा भी किया और भाजपा ने अपने बलबूते स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाई थी l मुझे बेहद खुशी हुई थी जब मोदी जी ने अपने एक चुनावी भाषण में तब &#8216;डेमोग्राफिक डिविडेंड&#8217; की चर्चा की थी l इसका अर्थ यह है कि भारत के पास एक सुअवसर है जो उसकी जनसँख्या के युवा प्रतिशत से उभर आया है l</p>
<p>भारत की जनसँख्या में सर्वाधिक प्रतिशत युवाओं का है तो उत्पादक आयु वर्ग की संख्या सर्वाधिक हुई और निर्भर आयु वर्ग कम हुआ l यह स्थिति हमेशा नहीं रहने वाली l यदि इस युवा जनसँख्या को प्रभावी मानव संसाधन में बदल दिया जाय तो भारत विश्व के अग्रणी देशों में तुरत ही आ सकता है l नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के साथ ही यह आशा बलवती हुई कि अब नयी सरकार मानव संसाधन निर्मित करने के दो बड़े घटकों यथा-शिक्षा (कौशल) व स्वास्थ्य पर सर्वाधिक ध्यान देगी l</p>
<p>2014 से 2019 तक यदि आंकडें देखें तो मोदी सरकार ने शिक्षा मद में लगातार बजट अलोकेशन कम किया है l यह 6.15 % से घटकर 3.48 % प्रतिशत रह गयी l प्राथमिक शिक्षा और उच्च शिक्षा में कोई नया विजन नदारद रहा l नियुक्तियाँ ठिठकी ही रहीं l</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>स्वास्थ्य सेवा में मनमोहन और मोदी दोनों ही सरकारों का काम उल्लेखनीय नहीं है l स्वास्थ्य मद में दोनों के खर्च लगातार सिकुड़े हैं l मोदी सरकार ने 2025 तक स्वास्थ्य मद में जीडीपी का महज 2.5% खर्च करने का लक्ष्य रखा है। मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल के आख़िरी महीनों में (सितम्बर 2018) आयुष्मान भारत नाम से एक महत्वाकांक्षी योजना जरुर शुरू की लेकिन पूरे भारत में महज 18000 प्राइवेट अस्पतालों को ही इसमें जोड़ा जा सका l</strong></span></p></blockquote>
<p>ऐसी कोई भी योजना तब तक नहीं सफल हो सकती जबतक एक जमीनी सार्वजनिक स्वास्थ्य संरक्षा व्यवस्था न निर्मित की जाये l जन औषधि केंद्र व स्टेंट व घुटना प्रत्यारोपण सामग्रियों को सस्ता कर एक राहत देने की कोशिश अवश्य की गयी l यदि स्वास्थ्य व शिक्षा पर ध्यान न दिया जाये तो भारत अपने डेमोग्राफिक डिविडेंड का लाभ नहीं ले सकेगा और यही युवा जनसँख्या कुछ समय बाद इसी अर्थव्यवस्था पर उचित शिक्षा व स्वास्थ्य के अभाव में उलटे एक बोझ बनेगी, इस प्रकार एक ऐतिहासिक अवसर जाता रहेगा l</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-107182 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/modi-Copy.jpg" alt="" width="650" height="400" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/modi-Copy.jpg 650w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2019/05/modi-Copy-300x185.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>मोदी सरकार के पूर्व अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री मनमोहन की लगातार दो कार्यकाल की सरकार थी l मनमोहन सरकार के मंत्रियों में एक दंभ दिखने लगा था और अक्सर उनकी आलोचना उस समय ऑक्सब्रिज कुनबा कहकर की जाती थी l मोदी सरकार के अर्थवयवस्था का जायजा यदि लिया जाय तो यह कहना होगा कि मोदी सरकार ने फिस्कल घाटे को कम किया, ऋण को नियंत्रित किया, इन्फ्लेशन पर लगाम लगाई l लेकिन इसमें दो तथ्य बेहद महत्वपूर्ण भी जोड़े जाने चाहिए जिससे बात स्पष्ट हो l इसी समय में अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम बेहद निचले स्तर पर थे और लगातार अच्छे मानसून से फसल उत्पादन भी बढ़िया हुआ l 30 डॉलर प्रति बैरल पर कीमत आने के बाद भी सरकार ने देश में तेल की कीमतें घटाईं नहीं, बल्कि तेल के दामों को बाजार के नियंत्रण में छोड़ दिया गया l</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>ग्रोथ रेट के आंकड़े मोदी सरकार में कार्यकाल के दुसरे वित्तीय वर्ष से ही 2011-12 को आधार वर्ष मानकर (पहले आधार वर्ष 2004-05 था) दिखाया जा रहा था l लेकिन तीन स्तर पर बदलाव किये गए और उन आधारों पर मनमोहन सिंह के कार्यकाल और मोदी कार्यकाल के आंकड़ों की तुलना प्रदर्शित की गयी, इसमें मोदी सरकार के लिए ग्रोथ रेट जहाँ 7.5 % दिखाया गया वहीं, मनमोहन के लिए यह 6.7 % ही रहा l इस नए तरीके से मनमोहन काल में अर्जित डबल डिजिट ग्रोथ को भी सिंगल डिजिट (10.3% से 8.5 %) का बना दिया गया l </strong></span></p></blockquote>
<p>इन आंकड़ों को यूँ दिखाने के लिए तीन बदलाव किये गए- पहला आधार वर्ष बदला गया, डेटा के स्रोत आधारों को बदला गया और तीसरा जीडीपी गणना की पद्धति बदली गयी जिसमें अर्थव्यवस्था के प्राथमिक सेक्टर और द्वितीयक सेक्टर के आंकड़ो को अधिक वरीयता दी गयी और तृतीयक सेक्टर के आंकड़ों को कम महत्त्व दिया गया (जबकि तृतीयक सेक्टर यानि सेवा क्षेत्र का योग सर्वाधिक 54% है जबकि पहला और दूसरा सेक्टर क्रमशः 17%  व  29% ही योग देते हैं) l</p>
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<p>मनमोहन सिंह के एक बयान के मुताबिक UPA की ग्रोथ रेट तक पहुँचने के लिए सरकार को 10.6 % की रेट को बनाना होगा, जाहिर है जो संभव नहीं हो सका l 1% वार्षिक भी यदि जीडीपी ग्रोथ में कमी आती है तो यह तकरीबन 1.5 लाख करोड़ रूपये का नुकसान राष्ट्र को पहुँचाता है, इससे होने वाले मानवीय असर की कल्पना की जा सकती है l पिछले पाँच सालों में अप्रत्यक्ष कर की संख्या बढ़ी है जबकि सब जानते हैं कि एक बेहतरीन अर्थव्यवस्था में प्रत्यक्ष कर अधिक होते हैं और अप्रत्यक्ष कर कम रखे जाते हैं। मनरेगा में लगातार फंड घटाए गए। ग्यारह करोड़ से अधिक सीनियर सिटिजन के लिए कोई खास इंतजाम नहीं किया गया।</p>
<p>उज्ज्वला योजना और गिव अप योजना खासी सफल और चर्चित रही l यहाँ यह कहना जरुरी है कि राहुल गाँधी UPA-II के समय फिस्कल डीफिसिट को कम करने की गरज से ही साल में केवल 9 सिलेंडरों पर सब्सिडी रखना चाहते थे और बाकी तीन सिलेंडर रेफीलिंग कॉस्ट को बाजार आधारित रखना चाहते थे l उस वक्त में भाजपा के राजनाथ सिंह बेहद कड़े विरोध में संसद की कार्यवाही ही नहीं चलने दे रहे थे l</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>मोदी सरकार ने स्वयं से सब्सिडी इन सिलेंडरों पर छोड़ने की बात कही और इसे राष्ट्रीय अभिमान से जोड़ दिया और यह भी कि इससे किसी गरीब महिला के रसोई में सिलेंडर पहुंचेगा l यहाँ यह समझना जरुरी है कि यह काम सरकार का ही है कि गरीब के घर में सब्सीडाइज्ड सिलेंडर पहुंचे पर इसे गिव अप अभियान से होशियारी से जोड़ दिया गया l एक पार्टी जो तीन सिलेंडर पर भी सब्सिडी छोड़ने के खिलाफ थी, उसकी सरकार ने गिव अप अभियान में बारहो सिलेंडर पर सब्सिडी हटा ली l</strong></span></p></blockquote>
<p>बेरोजगारी के मोर्चे पर मोदी सरकार के पास कहने को यकीनन कुछ ठोस नहीं है l सरकारी आँकड़े निकाले नहीं गए और आरटीआई से भी कुछ निकालना संभव नहीं रहा l आंकड़ों के अभाव में भी फ़िलहाल यूपीएससी के भर्तियों से एक ट्रेंड समझा जा सकता है l 2015 में जहाँ 1164 भर्तियाँ प्रकाशित की गयीं थीं, वहीं 2016 में 1079, 2017 में 980, 2018 में दशक की न्यूनतम 780 भर्तियाँ ही निर्गत की गयीं, जबकि मिनिस्टर ऑफ़ स्टेट फॉर पर्सनेल जितेन्द्र सिंह ने लोकसभा को अपने एक लिखित जवाब में तकरीबन 1500 आईएएस ऑफिसर्स की कमी की बात स्वीकारी थी l UPA-II के पाँच सालों में यही भर्तियाँ बढ़कर 1364 तक पहुँच गयीं थीं l</p>
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<p>मुद्रा योजना में छोटे और लघु व्यवसायों के लिए वित्त की व्यवस्था की गयी लेकिन इस मद में दिए जाने वाले औसत मात्रा के लोन काफी छोटे हैं जो पर्याप्त नहीं है फिर चूँकि रोजगार का डेटा उपलब्ध नहीं है तो कुछ कहना भी सम्भव नहीं है।</p>
<p>नरेंद मोदी ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में कुल 94 देशों की यात्राएँ की थीं, जबकि मनमोहन ने दस वर्षों में कुल 95 देशों की यात्राएँ की थीं l खर्चों की बात यदि न भी करें तो भी एक विषय यहाँ प्रासंगिक है l मनमोहन के दुसरे कार्यकाल में ऍफ़डीआई में 20.02 % का उछाल आया था वहीं मोदी के कार्यकाल में 3.08 % की गिरावट देखी गयी l पारदर्शिता की बात भी यहीं कर लें अगर तो मनमोहन के साथ विदेश जाने वाले व्यवसायियों के नाम सार्वजनिक तौर पर जाने जा सकते थे, लेकिन आरटीआई द्वारा मोदी की विदेश यात्राओं में साथ जाने वाले व्यवसायियों के नाम जानने पर पाबंदी थी l</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>कश्मीर मुद्दे पर भी एक पड़ताल जरूरी है। मनमोहन सिंह की सरकार ने एक अपेक्षाकृत शांत कश्मीर मोदी सरकार को सौपा था। उम्मीद थी कि स्पष्ट बहुमत की मोदी सरकार कश्मीर मुद्दे को एक निर्णायक मोड़ पर पहुंचाएगी लेकिन सरकार की नीति में एकतरफा सिक्योरिटी फोर्स अप्रोच ही दिखा और आज कश्मीर फिर से अशांत हो उठा है। युद्ध और सुरक्षा दबाव अकेले इसका समाधान नहीं कर सकती। भारत, पाकिस्तान को पहले ही कितनी बार युद्ध में हरा चुका है और मोदी सरकार भी कश्मीर में एकतरफा नीति का परिणाम सकारात्मक नहीं है यह देख चुकी है।</strong></span></p></blockquote>
<p>मोदी सरकार में लोकतांत्रिक एवं सांविधानिक संस्थाएँ भी दबाव में रहीं। सुप्रीम कोर्ट के जजों ने पहली बार प्रेस कांफ्रेंस की और अपना विरोध मुख्य न्यायाधीश के प्रति जताया। इस विरोध के पीछे जो केस था वह जज लोया केस था। जज लोया सोहराबुद्दीन फेक एनकाउंटर केस को देख रहे थे, जब वे मृत पाए गए थे। सबरीमाला मंदिर केस में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट ही निर्देश दिया था कि किसी भी उम्र की महिला मंदिर में प्रवेश कर सकती है लेकिन फिर भी भाजपा केरल में इस भावना के विरुद्ध लामबंद रही। विश्वविद्यालयों पर वैचारिक आक्रमण किए गए, उनकी स्वायत्तता को परे करते हुए एच आर डी मिनिस्ट्री की तरफ से गाईडलाइन आयी कि अब पीएचडी केवल &#8216;नेशनल रिलेवेंट टॉपिक&#8217; पर ही करवायी जाय।</p>
<blockquote><p><span style="color: #ff0000;"><strong>संसद के कई बिल जैसे आधार बिल और इलेक्टोरल बॉन्ड बिल को मनी बिल व फाइनेंस बिल बताकर लोकसभा से ही पास कराया गया और उसे राज्य सभा तक पहुँचने ही नहीं दिया गया क्योंकि वहाँ भाजपा का बहुमत नहीं था। सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप हुआ तो ओर्डिनेंस रूट अपनाया गया। इस नए बहुमत के साथ अगले साल अप्रैल तक संभवतः भाजपा को राज्य सभा में भी बहुमत मिलने की उम्मीद है, आप कल्पना करिए फिर कितनी गुंजायश बचेगी बहस की।</strong></span></p></blockquote>
<p>सबसे इंट्रेस्टिंग रहा इलेक्टोरल बॉन्ड का मामला। इसमें राजनीतिक दलों को कितना भी चंदा दिया जा सकता है और उसपर कंपनी को टैक्स में 80 GGB के तहत 100% छूट भी मिलेगी और दान दाताओं को अपना नाम भी सार्वजानिक नहीं करना होगा। आरटीआई यहाँ भी बेबस रही। पूरी दुनिया में ऐसा उदाहरण नहीं मिलता। इसपर टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गोगोई ने कहा था कि इससे तो काला धन, सफेद किया जा सकता है।</p>
<p><span style="color: #800000;"><b>यह भी पढे : <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/who-will-bring-back-congress/"> कांग्रेस की डूबती नैया को आखिर कौन लगाएगा पार</a></b></span></p>
<p>पूरी आशा से यह फिर भी लिखना चाहता हूँ कि नई मोदी सरकार यह अवसर नहीं गंवायेगी और भारत को उसका वाजिब स्थान दिलायेगी।</p>
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