…ताकि यूपी के राजनीतिक दल चुनाव में बुन्देलखण्ड के मुद्दों को भूल न जाएं

जुबिली न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ. उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब में शुक्रवार को 2022 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र जल जन जोड़ो अभियान के तहत बुन्देलखण्ड के विशेष सन्दर्भ में जन घोषणापत्र जारी किया गया. जल जन जोड़ो अभियान की समन्वयक शिवानी सिंह ने इस मौके पर बताया कि बुन्देलखण्ड एक ऐसा क्षेत्र है जहां की भौगोलिक स्थिति पूरे प्रदेश से भिन्न है. इस क्षेत्र को विशेषकर सूखाग्रस्त क्षेत्र के रूप में जाना जाता है. पिछले एक दशक से ज्यादा समय से इस क्षेत्र में सूखा रहा है.

उन्होंने बताया कि बुन्देलखण्ड की कुल आबादी 1.3 करोड़ के लगभग है. यह इलाका मुख्य रुप से कृषि आधारित है, यही इस इलाके में लोगों की आजीविका का एकमात्र साधन है. क्षेत्र में आजीविका के कोई अन्य साधन न होने के कारण वर्तमान में यहां की ज्यादातर आबादी आर्थिक रुप से विपन्न है और 40 से 50 प्रतिशत से अधिक आबादी नियमित रूप से रोज़गार के लिए दूसरे स्थानों और अन्य राज्यों के लिए पलायन करती है, ऐसे में बुंदेलखंड के असल मुद्दों को राजनैतिक दलों के घोषणा पत्र में शामिल कराने के लिए जन घोषणा पत्र बनाया गया है.

बुंदेलखंड के झांसी जिले की जल सहेली मीरा ने कहा कि तमाम सरकारों के द्वारा इस क्षेत्र में सूखे, रोज़गार, खेती और खुशहाली के लिए हर पांच साल में वायदे तो किये जाते है लेकिन चुनावी माहौल खत्म होने पर यह वायदे केवल जुमले होकर रह जाते हैं. जिन योजनाओं का निर्माण किया जाता है वह देश एवं प्रदेश के हिसाब से होती हैं. जिससे योजनाओं का लाभ सही तौर पर बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लोगों को नहीं मिल पाता है. ऐसे में उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर बुंदेलखंड के असली सवालों और जनता के मुद्दों को राजनैतिक दलों के घोषणा पत्र में शामिल करने के लिए बुंदेलखंड के सामाजिक संगठनों, सिविल सोसाइटी एवं जल सहेलियों द्वारा जन घोषणा पत्र तैयार किया गया है.

इस जन घोषणा पत्र के बिन्दुओं को राजनैतिक दलों के घोषणा पत्र में शामिल कराने के लिए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू एवं सपा के प्रतिनिधियों को इसे सौंपा गया. सभी राजनैतिक दलों ने अपने घोषणा पत्र में इन बिन्दुओ को शामिल करने का आश्वासन भी दिया है.

जल जन जोड़ो अभियान के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. संजय सिंह ने घोषणा पत्र के मुख्य बिन्दुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जन घोषणा पत्र में मुख्य रूप से जल संकट, भूमि कब्जा, पटटा, मनरेगा, कृषि, शिक्षा, महिला अधिकार, सामाजिक सुरक्षा, बेरोजगारी, पर्यावरण, पर्यटन, कला एवं संस्कृति की समस्याओं को शामिल किया गया है. उन्होंने कहा कि घोषणा पत्र में जल संकट समाधान के सन्दर्भ में मुख्य रूप से तालाब संरक्षण प्राधिकरण के गठन, प्रति व्यक्ति 55 लीटर शुद्ध पेयजल हेतु कानून का निर्माण करना, योजनाओं के मूल्याकंन एवं अनुश्रवण में स्थानीय कैडरों की भूमिका सुनिश्चितता, जल संरचनाओं का सीमाकंन एवं चिन्हाकंन तथा भूमि कब्जा पटटा में भूमिहीन परिवार को एक एकड़ भूमि एवं आवास की उपलब्धता सुनिश्चित कराना प्रमुख है.

मनरेगा के कार्यो को सही ढंग से क्रियान्वयन हो इसके लिए मनरेगा के कार्यो में स्वैच्छिक संस्थाओं की भागेदारी का बढ़ाने, ग्राम प्रधान की भूमिका मनरेगा कार्यो में नगण्य करने के साथ अलग से मनरेगा समस्या सुनवायी के लिए रिटायर्ड जज की सिफारिश की गई है. घोषणा पत्र में यह भी सिफारिश की गई है कि पुरूषों की तरह महिलाओं को भी किसानों की श्रेणी में रखा जाये एवं उन्हें सम्पत्ति रखने का समान हक हो.

आपको बता दे जल जन जोड़ो अभियान के राष्ट्रीय अभियान है जो पूरे देश मे जल साक्षरता को बढ़ावा देने एवं जलाधिकार के कानून के निर्माण के लिए लगातार प्रयासरत है. बुंदेलखंड में अभियान के द्वारा जल सहेलियों के साथ मिलकर क्षेत्र को जल संकट मुक्त हेतु प्रयास किया जा रहा है. इस अवसर पर बुंदेलखंड से जल सहेली गीता, कमला, नीलम ने भी बुंदेलखंड के मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी.

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