Tuesday - 29 November 2022 - 5:38 PM

रॉबर्ट वाड्रा के ‘भविष्य की योजना’ पर नकवी बोले, सियासी सर्कस में ‘जोकर’ की एंट्री

कांगेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा ने राजनीति में आने के संकेत दिए हैं। पूर्वी यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ने मीडिया से कहा वह कि राजनीति में आने को लेकर वह किसी जल्दबाजी में नहीं हैं और समय पर फैसला लेंगे, लेकिन भविष्य में इस दिशा में काम करेंगे।

हालांकि, कांग्रेस ने तुरंत ही उनके बयान को खारिज करते हुए कहा था कि रॉबर्ट वाड्रा एनजीओ के जरिए लोगों की सेवा के काम से जुड़े हैं। उनके बयान को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

वाड्रा ने राजनीति में आने के सवाल पर कहा,

 ‘सबसे पहले तो मैं अपने ऊपर लगे तथ्यहीन आरोपों से मुक्त होना चाहता हूं। लेकिन, हां, मैं इस पर काम करना जल्द ही शुरू करनेवाला हूं। इसके लिए किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं हूं। लोगों को यह महसूस करना चाहिए कि मैं भी कुछ बदलाव ला सकता हूं… यह सब वक्त की बात है।’

उम्मीदवार बनाने के लिए लगे पोस्टर

इससे पहले पेशे से बिजनेसमैने रॉबर्ट वाड्रा ने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर यूपी की राजनीति में उतरने के संकेत दिए थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश से खास लगाव का जिक्र करते हुए कहा कि वह भविष्य में अपने लिए बड़ी भूमिका देख रहे हैं।  वाड्रा की इस पोस्ट के बाद मुरादाबाद में उन्हें उम्मीदवार बनाने के लिए पोस्टर भी लगने लगे।

वहीं, मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री और बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने रॉबर्ट वाड्रा की आड़ में प्रियंका और राहुल गांधी पर तंज कसा है।  उन्‍होंने कहा कि ‘राबर्ट वाड्रा जी को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने का स्वागत करते हैं. पी-आर (प्रियंका-राहुल) के सियासी सर्कस में एक जोकर की एंट्री बाकी थी और जोकर की एंट्री अब दिखाई पड़ रही है।

मुरादाबाद लोकसभा सीट

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद लोकसभा सीट पर इस समय बीजेपी का कब्जा है। साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में यहां पर बीजेपी के कुंवर सर्वेश कुमार सिंह ने समाजवादी पार्टी सपा के उम्मीदवार डॉ. एसटी हसन को 87504 मतों से पराजित किया था। सर्वेश कुमार सिंह और एसटी हसन के बीच हार-जीत का अंतर सात प्रतिशत वोटों का रहा था। पिछले पांच सालों में इनकी सक्रियता सदन में 81 प्रतिशत रही और इन्होंने मात्र 106 प्रश्न पूछे।

मुरादाबाद में पांच विधानसभा क्षेत्र आते हैं, जिनके नाम बरहापुर, कंठ, ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद देहात और मुरादाबाद नगर हैं। 1996 से समाजवादी पार्टी ने लगातार दो बार मुरादाबाद सीटी जीती। इसके बाद 1999 में सहसपुर के राजा चन्द्र विजय सिंह अखिल भारतीय लोकतान्त्रिक कांग्रेस की टिकट पर मुरादाबाद से जीते थे।

कांग्रेस से मोहम्मद अजहरुद्दीन जीते

2004 में शाफिकुर रहमान बर्क समाजवादी पार्टी के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीते। इसके बाद 2009 में पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन कांग्रेस के टिकट पर यहां जीते थे। साल 2014 में ये सीट भाजपा के कब्जे में आ गई। उस बार यहां सपा दूसरे नंबर पर, बसपा तीसरे, PECP चौथे और कांग्रेस 5वें नंबर पर रही।

मुरादाबाद के वोटर

2011 की जनगणना के अनुसार मुरादाबाद जिले की कुल जनसंख्या 4,772,006 है जो कि लगभग सिंगापुर की जनसंख्या के बराबर है, उत्तर प्रदेश का यह शहर प्रदेश का दूसरा सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर है।

मुरादाबाद की 52 प्रतिशत आबादी हिंदू और 47 प्रतिशत जनसंख्या मुस्लिम है, इस इलाके में साल 2014 के चुनाव में 1771985 वोटरों ने हिस्सा लिया था, जिसमें 54 प्रतिशत पुरुष और 45 प्रतिशत महिलाएं शामिल थीं।

 

English

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com