RBI ने दिया झटका, रेपो रेट में बड़ा इजाफा

जुबिली न्यूज डेस्क

केंद्रीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आज बड़ा झटका दिया। RBI  के गर्वनर शक्तिकांत दास ने अचानक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि रेपो रेट की दर 0.4 फीसदी बढ़ा दी गई है।

गवर्नर दास ने कहा कि अब रेपो रेट 4.40 फीसदी कर दी गई है। दास के अनुसार, रेपो रेट में बढ़ोतरी कमोडिटीज और वित्तीय बाजारों में जोखिम और बढ़ती अस्थिरता की वजह से की गई है।

इसके साथ ही अब बैंकों की ओर से लोन पर ब्याज दर बढ़ाए जाने का रास्ता साफ हो गया है। रेपो रेट बढऩे का मतलब यह हुआ कि आने वाले समय में आपके लोन की ईएमआई में इजाफा हो सकता है। मतलब अब सस्ते लोन का दौर खत्म हो गया है।

यह भी पढ़ें :  … तो क्या दिल्ली के चार मन्दिरों पर बुल्डोजर चलाने वाली है सरकार

यह भी पढ़ें :  नई स्टडी में कोरोना को लेकर हुआ ये चौंकाने वाला खुलासा 

मालूम हो कि RBI ने चालू वित्त वर्ष की पहली मौद्रिक समीक्षा बैठक में प्रमुख नीतिगत दर रेपो में लगातार 11 वीं बार कोई बदलाव नहीं किया था।

RBI ने इसे 4 फीसदी के निचले स्तर पर कायम रखा था। देश में आखिरी बार मई 2020 में रेपो रेट पर कैंची चली थी, जो कोरोना की पहली लहर और तालाबंदी का दौर था।

लाल हुआ शेयर बाजार

वहीं, RBI के इस फैसले के बाद शेयर बाजार में बिकवाली बढ़ गई है। 2 बजे के बाद सेंसेक्स 950 अंक या 1.65 फीसदी गिरकर 56,030 अंक के स्तर पर ठहरा। वहीं निफ्टी की बात करें तो 16,800 अंक के स्तर पर है।

यह भी पढ़ें :  आगे चलकर ट्विटर इस्तेमाल करने के लिए इन यूजर्स को देने पड़ेंगे पैसे

यह भी पढ़ें : समरथ ने तीन दुल्हनों के साथ लिए फेरे तो दरवाज़े पर लग गई भीड़

यह भी पढ़ें : क्या हार्दिक पटेल को मनाने में कामयाब हो पायेगा कांग्रेस नेतृत्व? 

एक दिन पहले के मुकाबले यह 250 अंक या 1.45 फीसदी लुढक़ा है।

महंगाई बड़ी चुनौती

RBI ने अप्रैल के मौद्रिक समीक्षा बैठक में मुद्रास्फीति को बड़ी चुनौती के तौर पर स्वीकार किया था। बीते कुछ माह के डेटा पर गौर करें तो यह एक बहुत बड़ी चुनौती है, जो छह फीसदी के ऊपरी स्तर पर बनी हुई है। आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि मार्च में भारत की खुदरा मुद्रास्फीति 17 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई है।

English

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com