Tuesday - 31 January 2023 - 10:50 PM

सियासी पार्टियों को महसूस हो रही है बुंदेलखंड की तपिश

प्रीति सिंह

गर्मियों के मौसम में बुंदेलखंड के बीहड़ो से ले कर पठारों तक सूरज एक अलग किस्म का तीखापन ले आता है। इस बार भी जब सूरज अपने चढान पर है उसी वक्त सियासत की गर्मी भी उसकी तपिश को और तेज कर रही है।

बुंदेलखंड की चारों लोकसभा सीटों पर चुनावी बिसात बिछ चुकी है। सभी दलों ने अपने पत्ते खोल दिए है और प्रत्याशियों को मैदान में उतार दिया है। एक ओर जहां सपा-बसपा गठबंधन के दम पर चुनाव लड़कर जीतने का ख्वाब देख रही है तो वहीं प्रियंका के सहारे सक्रिय हुई कांग्रेेस बीजेपी की बाजी बिगाडऩे की जुगत में है। सबसे ज्यादा दवाब में बीजेपी है। अपनी सीट बचाने के लिए सारे हथकंडे अपना रही है। शायद इसीलिए 2014 लोकसभा चुनाव में चारों सीटों पर विजय पताका फहराने वाली बीजेपी को इस बार प्रत्याशियों के चयन में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

भले ही भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में 74 पार का नारा बुलंद कर रही हो लेकिन असलियत से वह खुद भी वाकिफ है। सपा-बसपा गठबंधन ने बीजेपी का सारा समीकरण को उलट पुलट कर दिया है।इसका असर बुंदेलखंड में भी है। 2014 में चारों सीटों पर कब्जा करने वाली बीजेपी के लिए इस चुनाव में गठबंधन की कड़ी चुनौती तो है ही, कांग्रेस भी लड़ाई को त्रिकोणीय बना रही है।

आंकड़ों के खेल को समझे तो 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में बुंदेलखंड के 4 लोकसभा सीटों पर बीजेपी को कुल 19,19,551 वोट मिले थे, जबकि सपा और बसपा (दोनों को मिलाकर) को 18,21,027 मत मिले थे। यानी भाजपा को सपा-बसपा के मुकाबले सिर्फ 98,488 वोट ही ज्यादा मिले थे।

उत्तर प्रदेश के सात जिलों चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, झांसी और ललितपुर का भूभाग बुंदेलखंड कहलाता है। बुंदेलखंड में चार लोकसभा क्षेत्र आता है और 19 विधानसभा सीटें है । बांदा, जालौन, हमीरपुर और झांसी लोकसभा सीट का चुनाव हमेशा रोचक रहा है। फिलहाल इन सभी सीटों पर बीजेपी का कब्जा है।

कांग्रेस बना रही है अपनी रणनीति

पिछले चुनाव में कांग्रेस मैदान में तो थी लेकिन किसी को चुनौती पेश करने की स्थिति में नहीं थी। प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीति में उतरने से कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ता भी एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। वे कांग्रेस के उम्मीदवारों के लिए जोरशोर से कैंपेनिंग कर रहे हैं। कांग्रेस अपने पुराने वोट बैंक को फिर से साधने में जुट गई है। भाजपा खेमे में जा चुके दलितों में गैर जाटव और पिछड़ों में गैर यादव बिरादरी के वोटरों को अपने पाले में करने के लिए कांग्रेस जुटी हुई है। यदि इसमें कांग्रेस कामयाब होती है तो यहां त्रिकोणीय मुकाबला होना तय है। खासकर झाँसी, जालौन और बाँदा की सीटों पर कांग्रेस मजबूती से लड़ रही है।

सपा-बसपा गठबंधन की चुनौती

2014 के लोकसभा चुनाव में महोबा-हमीरपुर-तिंदवारी सीट पर भाजपा के पुष्पेन्द्र सिंह चंदेल को 4,52,929 मत मिले थे, जबकि सपा के विशंभर प्रसाद निषाद (राज्यसभा सदस्य) को 1,87,095 और बसपा को 1,76,360 मत मिले थे। वहीं बांदा-चित्रकूट से भाजपा उम्मीदवार भैरों प्रसाद मिश्रा को 3,42,066 मत मिले थे, जबकि बसपा के आर.के. सिंह पटेल (अब भाजपा विधायक मानिकपुर) को 2,26,278 और सपा के बाल कुमार पटेल को 1,89,730 मत मिले थे ।

इसी तरह उरई-जालौन सीट पर भाजपा के भानुप्रताप सिंह वर्मा को 5,48,631, बसपा के बृजलाल खाबरी को 2,61,429 और सपा के घनश्याम अनुरागी को 1,80,921 मत मिले थे तो झांसी-ललितपुर सीट पर भाजपा की उमा भारती को 5,75,889 मत, सपा के चंद्रपाल सिंह यादव को 3,85,422 और बसपा को 2,13,792 मत मिले थे। चार लोकसभा सीटों पर भाजपा को 19,19,515 और सपा-बसपा को 18,21,027 मत मिले थे। यानी इन दोनों दलों (सपा व बसपा) से भाजपा को 98,488 मत ज्यादा मिले थे। अबकी यदि गठबंधन अपने वोटरों को साधने में कामयाब होती है तो यहां की तस्वीर बदल सकती है।

बुंदेलखंड : मैदान में हैं ये प्रत्याशी

बांदा-चित्रकूट

बांदा में तो भाजपा को भाजपा के ही प्रत्याशी से चुनौती मिलेगी, क्योंकि सपा ने बांदा-चित्रकूट से इलाहाबाद के भाजपा सांसद रहे श्यामाचरण गुप्त को मैदान में उतारा है। बीजेपी ने आर.के. सिंह पटेल को उम्मीदवार बनाया है, तो कांग्रेस ने बांदा-चित्रकूट से ददुआ के भाई व मिर्जापुर से सपा के पूर्व सांसद बालकुमार पटेल को टिकट दिया है। इस सीट पर 6 मई को मतदान होगा।

उरई-जालौन

कांग्रेस ने उरई-जालौन में बसपा के पूर्व सांसद बृजलाल खाबरी को चुनाव मैदान में उतारा है, तो वहीं बसपा ने अजय सिंह पंकज (जाटव) पर भरोसा जताया है। भाजपा ने इस सीट से सांसद भानु प्रताप वर्मा पर भरोसा जताते हुए फिर से टिकट दिया है। इस सीट पर 29 अप्रैल को मतदान होगा।

झांसी-ललितपुर

झांसी में बीजेपी ने अनुराग शर्मा को मैदान में उतारा है तो सपा ने झांसी-ललितपुर से श्यामसुंदर सिंह यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने पूर्व मंत्री और जन अधिकार मंच (पार्टी) के अध्यक्ष बाबू सिंह कुशवाहा के भाई शिवशरण सिंह कुशवाहा एड. (बांदा निवासी) को चुनावी समर में उतारा है। इस सीट पर 29 अप्रैल को मतदान होगा।

महोबा-हमीरपुर

इस सीट पर सभी पार्टियों ने अपने प्रत्याशी की घोषणा कर दी है। सपा ने महोबा-हमीरपुर से ठाकुर दिलीप कुमार सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है तो कांग्रेस ने महोबा-हमीरपुर-तिंदवारी से प्रीतम सिंह लोधी ‘किसानÓ पर दांव लगाया है। भाजपा ने अपने मौजूदा सांसद पर भरोसा जताते हुए अस सीट पर मौजूदा सांसद पुष्पेन्द्र सिंह चंदेल को उतारा है। इस सीट पर 29 अप्रैल को मतदान होगा।

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