पवार का राज्यपाल पर तंज, बोले-कंगना से मिलने का वक्त, किसानों से नहीं

जुबिली स्पेशल डेस्क

मुम्बई। किसानों का आंदोलन अब भी जारी है। सरकार के साथ कई दौर की बातचीत हुई लेकिन इसमें कोई हल नहीं निकला है। इतना ही नहीं सरकार किसी भी तरह से तीन कृषि कानून को वापस लेना नहीं चाहती है जबकि किसान भी अपनी बात पर कायम है।

इसके आलावा गणतंत्र दिवस ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए कई राज्यों से किसान दिल्ली पहुंच रहे हैं। परेड तीन जगहों से शुरू होगी जिनमें सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर शामिल हैं।

उधर मुम्बई में भी अब किसानों का आंदोनल देखने को मिल रहा है। ऑल इंडिया किसान सभा के नेतृत्व में नासिक से पैदल चलकर हजारों किसान मुंबई पहुंचे हैं।

जानकारी के मुताबिक अलग-अलग शहरों से किसान मुम्बई पहुंचे है। इस आंदोलन की खास बात यह है कि इसमें राज्य सरकार के भी प्रतिनिधि भी शामिल हो रहे हैं।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार जहां किसानों के बीच पहुंच गए हैं। वहीं शिवसेना नेता और कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे ने अपने प्रतिनिधि को भेज दिया है।

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दूसरी ओर जानकारी मिल रही है कि कांग्रेस का भी कोई प्रतिनिधि इस आंदोलन में शामिल हो सकता है। आंदोलन में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला है।

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उन्होंने कहा कि इन कानूनों को बिना चर्चा के पास किया गया। किसानों की इस सभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने कहा कि आज देशभर में शांतिपूर्ण तरीके से किसानों का आंदोलन चल रहा है।

शरद पवार ने कहा कि राज्यपाल के पास कंगना रनौत से मिलने का वक्त है, लेकिन आंदोलन कर रहे किसानों से मिलने का वक्त नहीं है। शरद पवार ने कहा कि केंद्र ने बिना किसी चर्चा के कृषि कानूनों को पास कर दिया, जो संविधान के साथ मजाक है।

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अगर सिर्फ बहुमत के आधार पर कानून पास करेंगे तो किसान आपको खत्म कर देंगे, ये सिर्फ शुरुआत है। महाराष्ट्र में कभी ऐसा राज्यपाल नहीं आया, जिसके पास किसानों से मिलने का वक्त नहीं है।

शरद पवार ने कहा कि राज्यपाल के पास कंगना रनौत से मिलने का वक्त है, लेकिन आंदोलन कर रहे किसानों से मिलने का वक्त नहीं है।
पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, कि इस ठंडे मौसम में पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसान पिछले 60 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। क्या प्रधानमंत्री ने इनके बारे में जानकारी ली? क्या ये किसान पाकिस्तान के रहने वाले हैं?

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