Friday - 19 August 2022 - 1:25 PM

सीएम सिटी के एक हजार से ज्यादा आयकरदाता ले रहे थे पीएम किसान निधि का फायदा

जुबिली न्यूज डेस्क

गोरखपुर। केंद्र सरकार ने किसानों के लिए खेती आसान बनाने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई जिसका मकसद था कि देश के लघु और मध्यम किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। इस योजना के तहत देशभर के लगभग 10 करोड़ से ज्यादा किसानों को इस योजना के तहत लाभावन्वित किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के जनपद गोरखपुर में पीएम किसान निधि से जुड़ा हुआ एक चौंकाने वाला मामला जांच में सामने आया है। जांच में यह पाया गया है कि जनपद के लगभग 1218 ऐसे लोग पीएम किसान निधि का फायदा उठा रहे हैं जो आयकर दात है और पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी भी। जिले में सबसे अधिक ऐसे फर्जी लाभ लेने वालों की संख्या उरुवा ब्लॉक में है जो कुल 318 है। खजनी ब्लॉक में 304, कौड़ीराम में 298 और कैंपियरगंज में इनकी संख्या 183 है।

लघु और मध्यम किसानों की मदद के लिए शुरू हुई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ गोरखपुर में आयकर भरने वाले लोग उठा रहे हैं इसका खुलासा आधार सत्यापन के दौरान सामने आया कि यह आयकर भी जमा करते हैं। इसकी जानकारी होने पर केंद्र सरकार ने इनकी सम्मान निधि रोक दी है।  जनपद में लगभग 1218 ऐसे व्यक्ति संज्ञान में आए हैं जो आयकर भी भर रहे हैं और सम्मान निधि भी डकार रहे हैं। फिलहाल अब केंद्र सरकार इनके खातों में सम्मान निधि का पैसा नहीं भेजेगी। लेकिन, इन्होंने पूर्व में जो किसान सम्मान निधि का पैसा लिया है उसकी वसूली के लिए कृषि विभाग ने अब इन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है।गरीब और मध्यम वर्ग के किसान अपनी खेती कर सकें इसलिए सरकार पिछले तीन वर्षों से उन्हें सम्मान निधि दे रही है। जिले में करीब 5 लाख 24 हजार 213 किसानों के खाते में 835 करोड़ रुपये अब तक भेजे जा चुके हैं। इनमें 1218 आयकरदाताओं ने भी झूठा घोषणा पत्र भरकर सम्मान निधि की राशि हजम कर ली है। इनके खाते में अब तक 96.80 लाख रुपए भेजे जा चुके हैं। अधिकतर को छठी किस्त का भी लाभ प्राप्त हो चुका है। जब ऐसे लोगों की सूची कृषि विभाग के पास भेजी गई तो विभाग के भी होश उड़ गए। इस पर वसूली के लिए उन्होंने ऐसे आयकरदाताओं के पास फोन करना शुरू किया तो इससे बचने के लिए लोग तरह-तरह के बहाने ढूंढने लगे। ऐसे लोगों को अब नोटिस भी जारी की जा रही है। कुछ लोगों ने कहा कि उन्हें जानकारी ही नहीं कि कैसे उनका नाम इसमें शामिल हो गया। लेकिन, खाते में रकम आई और लोग उसे हड़प करते चले गए।

गोरखपुर के उपकृषि निदेशक रहे संजय सिंह जिनका नयी तबादला नीति के तहत गोरखपुर से तबादला हो चुका है। उन्होंने इस संबंध में बताया कि वसूली के लिए 300 से अधिक लोगों से संपर्क किया जा चुका है। वह इससे बचने के लिए तरह-तरह के बहाने बना रहे हैं। सम्मान निधि की राशि उन्हें वापस करनी होगी नहीं तो आगे की कार्यवाही के लिए रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

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