उद्धव ठाकरे CMआवास छोड़ कर मातोश्री पहुंचे , क्या हैं इसके मायने?

जुबिली स्पेशल डेस्क

मुंबई। महराष्ट्र में जारी सियासी संकट लगातार बढ़ रहा है। दरअसल एकनाथ शिंदे ने  महाराष्ट्र सरकार की परेशानी लगातार बढ़ा दी है। इतना ही नहीं उनके साथ 35-36 विधायकों के साथ होने की बात सामने आ रही है।

देश की जानी-मानी न्यूज एजेंसी एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में देखा ज सकता है कि करीब 35-36 आदमी नजर आ रहे हैं। उधर शिवसेना के बागी विधायकों के संग सूरत से गुवाहाटी पहुंचे शिंदे ने 40 विधायकों के समर्थन का दावा किया है।

ऐसे में में महाराष्ट्र की सरकार के गिरने का खतरा बढ़ता जा रहा है लेकिन अब महाराष्ट्र की सरकार और शिवसेना पर संकट के बीच उद्धव ठाकरे ने इमोशनल कार्ड खेलते हुए फेसबुक लाइव पर जनता को संबोधित करते हुए भावुक अपील कर डाली है। इतना ही नहीं यदि कोई मुझे सीएम नहीं देखना चाहता है तो सामने आकर कहें, लेकिन शिवसेना के साथ गद्दारी न करें।

वहीं इसके बाद करीब रात को एक और बड़ी खबर तब देखने को मिली जब मुंबई में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपने सामान के साथ सरकारी आवास वर्षा बंगला छोड़ दिया है। इतना ही नहीं वो मातोश्री में वापस लौट आये हैं।

स्थानीय मीडिया की माने तो उनका सामान सरकारी आवास से मातोश्री लाया गया है और सरकारी आवास निकलने के वक्त सीएम ने वहां मौजूद लोगों को अभिवादन भी किया।

ऐसे में इसके कई तरह के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। हालांकि अभी ये कहना जल्दीबाजी होगा क्या वहां उद्धव ठाकरे की सरकार जाने वाली है। ये देखना होगा रोचक होगा कि महाराष्टï्र की राजनीति में अगले कुछ घंटों में क्या होगा।

इससे उन्होंने इस बात को मान लिया है कि उनकी सरकार को संकट है। इसको लेकर उन्होंने कहावत का जिक्र करते हुए कहा कि कहावत है कि पेड़ को जिस कुल्हाड़ी से काटा जाता है, उसमें लकड़ी ही लगी होती है। वही स्थिति आज पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि यदि मेरे ही लोग मुझे सीएम नहीं देखना चाहते हैं तो फिर मैं क्या कर सकता हूं, यह सबसे बड़ा सवाल है।

इसके आलावा उन्होंने कहा कि ‘यदि आप मुझे सीएम नहीं देखना चाहते हैं तो मेरे सामने कह सकते थे, इसके लिए सूरत जाने की क्या जरूरत थी। यदि गुवाहाटी गए विधायकों में से कोई भी आकर कहता है कि मुझे सीएम नहीं देखना चाहता तो तुरंत इस्तीफा दे दूंगा। जो भी कहना है, मेरे सामने आकर कहें। एक तरफ वे कहते हैं कि वे शिवसेना से गद्दारी नहीं करेंगे और बगावत भी करना गलत है।

‘ उन्होंने कहा कि मेरे सामने आकर रहें तो तुरंत इस्तीफा दे दूंगा। मेरे साथ जब तक शिवसेना के कार्यकर्ता हैं, तब तक किसी भी चुनौती से डरूंगा नहीं। यदि शिवसैनिकों को लगता है कि मैं शिवसेना का प्रमुख बनने लायक नहीं हूं तो मैं उसे भी छोडऩे के लिए तैयार हूं।

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