Saturday - 13 August 2022 - 3:34 PM

लोकसभा उपचुनाव : बीजेपी ने ‘निरहुआ’ पर फिर जताया भरोसा

जुबिली न्यूज डेस्क

भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा उपचुनावों के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। भाजपा ने एक बार फिर दिनेश लाल यादव निरहुआ पर भरोसा जताया है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकसभा और विधानसभा उपचुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। यूपी सेे घनश्याम लोधी और दिनेश लाल यादव, त्रिपुरा से सीएम माणिक साहा, दिल्ली से राजेश भाटिया और गंगोत्री कुजूर झारखंड से चुनाव लड़ेंगे।

बीजेपी ने लोकसभा उपचुनाव के लिए आजमगढ़ से भोजपुरी स्टार दिनेश लाल यादव “निरहुआ” को प्रत्याशी बनाया है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी ने दिनेश लाल यादव को आजमगढ़ सीट से उतारा था। लेकिन वह चुनाव हार गए थे।

इसके अलावा बीजेपी ने रामपुर सीट पर घनश्याम लोधी को उम्मीदवार बनाया है। मालूम हो कि आजमगढ़ सीट अखिलेश यादव और रामपुर सीट आजम खान के लोकसभा सदस्य पद से इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।

निरहुआ ने शुक्रवार को अपनी दावेदारी के लिए ट्विटर पोस्ट भी किया था। इस पोस्टर के माध्यम से दिनेश लाल यादव निरहुआ ने कहा कि जाति धरम न कवनो भरम, न कौवनौ मनब? के लिए, कमल का बटन दबईह भैय्या, अपने आजमगढ़ के लिए।

इस स्लोगन के जरिए निरहुआ ने बाहुबलियों की तरफ इशारा करते हुए लोकसभा उपचुनाव में जिले की जनता से बीजेपी को जिताने की अपील की थी।

मालूम है कि साल 2019 के लोकसभा चुनाव में भी आजमगढ़ सीट से दिनेश लाल यादव को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने हराया था। इससे पहले 2014 में इस सीट पर सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव से बीजेपी प्रत्याशी रमाकांत यादव चुनाव हारे थे।

दलित चेहरे पर सपा चला दांव

समाजवादी पार्टी ने अभी लोकसभा उपचुनाव के लिए रामपुर सीट पर उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया है लेकिन आजमगढ़ सीट के लिए दलित चेहरे पर दांव खेला है। सुशील आनंद को सपा ने आजमगढ़ सीट के लिए उम्मीदवार बनाया है।

सुशील बामसेफ के संस्थापक सदस्यों में रहे बलिहारी बाबू के पुत्र हैं। वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपना पूरा जोर मुस्लिम चेहरे गुड्डू जमाली पर लगाया है।

मालूम हो कि मार्च माह में हुए विधानसभा चुनाव में आजमगढ़ जिले की सभी 10 सीटों पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी।

मुख्तार अब्बास नकवी को लेकर चल रही अटकलों पर लगा विराम

भाजपा ने राज्यसभा के लिए किसी मुस्लिम नेता को उम्मीदवार नहीं बनाया है, जबकि केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, एमजे अकबर और सैयद जफर इस्लाम का कार्यकाल पूरा हो रहा है। ऐसे में नकवी की साख दांव पर लगी है क्योंकि वो दोबारा से संसद नहीं पहुंचते हैं तो उन्हें 6 महीने के भीतर ही मंत्री पद छोडऩा पड़ सकता है।

ऐसी अटकलें थी कि नकवी को भाजपा रामपुर से मैदान में उतार सकती है, लेकिन अब इस पर विराम लग चुका है। यहां से भाजपा ने घनश्याम लोधी को मैदान में उतारा है।

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