भारतीय वायुसेना होगी बेहद ताकतवर, बनेगी गेम चेंजर

जुबिली न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली. भारतीय वायुसेना के बेहद ताकतवर होने का रास्ता साफ़ हो गया है. बहुत जल्द 83 हलके लड़ाकू विमान तेजस भारतीय वायुसेना का हिस्सा बन जायेंगे. एचएएल द्वारा बनाये गए इन विमानों के लिए 48 हज़ार करोड़ रुपये अदा कर दिए गए हैं. केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खुद इस बात की जानकारी दी है.

मार्च 2020 में इन लड़ाकू विमानों की खरीद तय हुई थी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली कमेटी ने इस डील को फाइनल कर दिया है. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि यह अब तक की सबसे बड़ी स्वदेशी रक्षा डील है. यह 48 हज़ार करोड़ की डील है. इससे हमारी वायुसेना मज़बूत होगी. उन्होंने कहा कि भारत की डिफेन्स मैन्यूफैक्चरिंग हमें गेम चेंजर बनायेगी.

यह भी पढ़ें : होमगार्ड ने थाने पर की फायरिंग, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में हुई मौत

यह भी पढ़ें : बीजेपी विधायक ने बिहार सरकार से योगी माडल अपनाने को कहा

यह भी पढ़ें : गोडसे आतंकी या देशभक्त ? सियासत फिर शुरू

यह भी पढ़ें : डंके की चोट पर : इकाना से सीमान्त गांधी तक जारी है अटल सियासत

राजनाथ सिंह ने कहा है कि आने वाले दिनों में तेजस विमान भारतीय वायुसेना की रीढ़ बनेंगे. उन्होंने बताया कि एचएएल ने नासिक और बेंगलुरु डिवीज़न में अपना काम शुरू कर दिया है. यह डील पहले की गई 40 लड़ाकू विमानों की डील से अलग है. अगले छह सात साल में यह विमान भारतीय वायुसेना में शामिल कर लिए जायेंगे.

Related Articles

Back to top button