Sunday - 1 August 2021 - 12:26 AM

अगस्त में अपने हक़ के लिए शिक्षा मित्र अपनाएंगे यह रास्ता

जुबिली न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ. उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने योगी आदित्यनाथ की सरकार से शिक्षा मित्रों को फिर से शिक्षक का दर्जा देने की मांग की है. उन्होंने याद दिलाया है कि बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में शिक्षा मित्रों से यह वादा किया था कि शिक्षक नियमावली में संशोधन कर शिक्षा मित्रों को फिर से शिक्षक का दर्जा दिया जाएगा.

शिक्षा मित्रों ने सरकार से इंसाफ पाने के लिए 31 मई, पांच जून और 13 जून को यूपी सरकार को लाखों की संख्या में ट्वीट किये हैं. अब प्रदेश के शिक्षा मित्र 21 से 30 जून तक सभी मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और भाजपा के जिला अध्यक्षों को ज्ञापन सौंपकर उनसे संकल्प पत्र में किये गए वादे की याद दिलाएंगे.

अनिल यादव ने बताया कि पंचायत चुनाव में कोरोना से संक्रमित होकर जान गंवाने वाले शिक्षा मित्रों के आश्रितों को अब तक न तो कोई आर्थिक सहायता मिली और न ही परिवार की आजीविका चलाने के लिए किसी आश्रित की नौकरी का ही प्रबंध हुआ.

उन्होंने कहा कि भारतीय जीवन बीमा निगम से सभी शिक्षकों और शिक्षामित्रों का जीवन बीमा कराया जाना था, सरकार की तरफ से अब तक इसकी शुरुआत भी नहीं की गई है.

राज्य कर्मचारियों की तरह से सभी शिक्षकों और शिक्षा मित्रों के लिए उन्होंने पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग की है. उन्होंने बताया कि नवनियुक्त शिक्षकों का एरियर रोक कर रखा गया है. प्रदेश के लेखाधिकारी को 30 जून तक इसका हर हाल में भुगतान कर देना चाहिए.

उन्होंने बताया कि शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों से जून के महीने में भी काम लिया जा रहा है इसलिए सरकार जून का भी मानदेय का भुगतान करे.

उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ की प्रांतीय कोर की आज दारुलशफा में हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने सरकार से कहा कि शिक्षक नियमावली में संशोधन कर सरकार एक लाख 62 हज़ार शिक्षा मित्रों को शिक्षक बनाए. उन्होंने कहा कि अब दस हज़ार रुपये के मानदेय में गुज़र बसर नहीं हो पाता. शिक्षा मित्र शिक्षक बन जाएं तो अपने परिवार को सम्मान का जीवन दे पायेंगे. यह शिक्षा मित्र पिछले 21 साल से प्राथमिक विद्यालयों में अपनी सेवायें दे रहे हैं.

उन्होंने कहा कि 31 जुलाई तक अगर सरकार ने शिक्षा मित्रों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया तो अपने परिवार के भविष्य के लिए अगस्त में शिक्षा मित्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जायेंगे.

इस बैठक में यह मांग भी की गई कि कक्षाओं में 33 फीसदी उपस्थिति के आधार पर परिषदीय विद्यालयों को खोल देना चाहिए जिससे बच्चो की शिक्षा दी जा सके साथ ही विद्यालयों को निशुल्क पुस्तकें भी तत्काल उपलब्ध कराइ जाएं.

इस बैठक में प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष रश्मिकांत द्विवेदी, व उपाध्यक्ष हृदेश दुबे ने कहा कि सभी शिक्षकों, शिक्षा मित्रों का सरकार 10 लाख का सर्वजनिक बीमा कराए.

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इस दौरान महामंत्री धर्मेंद्र कुमार व प्रदेश कोषाध्यक्ष संदीप दत्त, सतेन्द्र यादव, इकसाद अली, सुमित शुक्ला, रमेश सिंह, अजित सिंह, सुधोतकर यादव, प्रवक्ता विनय कुमार, दक्ष यादव, उबैद सिद्दीकी, मंत्री विद्या निवास, अरुण तोमर, आलोक यादव, इंद्रसेन, धर्मपाल, बृजेश, जमशेद राणा, दीपाली निगम, पूनम यादव, रिंकी अरोड़ा, रामधन, विकास यादव, विजय जायसवाल, जय प्रकाश यादव, जगजीवन सिंह, विंनोद यादव रफीक अहमद, सुविद्या शाही, महेश संघर्षी सहित सभी प्रांतीय पदाधिकारी मौजूद रहे.

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