Saturday - 16 January 2021 - 1:18 PM

ममता के करीबी इमाम ने बीजेपी को जिताने के लिए मांगी ये कीमत

शबाहत हुसैन विजेता

लखनऊ. कोलकाता की टीपू सुल्तान मस्जिद के पूर्व शाही इमाम मौलाना नूर-उर-रहमान बरकाती एक बार फिर चर्चा में हैं. कभी ममता बनर्जी के खासमखास रहे बरकाती अब बीजेपी के पाले में खड़े नज़र आ रहे हैं. जिन बरकाती ने कभी नरेन्द्र मोदी के खिलाफ फ़तवा दिया था, आज वही बंगाल में उनकी सरकार बनवाने को बेचैन नज़र आ रहे हैं. इसके लिए उन्होंने पांच करोड़ रुपये फीस भी मुकर्रर कर दी है.

मौलाना बरकाती ने कहा है कि मुसलमान तो भूखा-नंगा है. उसे पैसा मिलेगा तो वह अपना वोट भी ट्रांसफर कर देगा. अपने तल्ख़ बयानों की वजह से हमेशा चर्चा में रहने वाले बरकाती इस बार बीजेपी से पैसा मांगने की वजह से चर्चा में है. वह पैसे को लक्ष्मी भी बता रहे हैं और सबसे बड़ा इमाम भी. वह कहते हैं कि पैसा माया इमाम है. माया इमाम के सामने बुखारी इमाम भी आ जाएगा और बरकाती इमाम भी आ जाएगा.

पश्चिम बंगाल की टीपू सुल्तान मस्जिद के शाही इमाम नूर-उर-रहमान बरकाती अपने बयानों की वजह से हमेशा चर्चा में रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ फ़तवा जारी करने के बाद उन्हें मई 2017 में शाही इमाम पद से बर्खास्त कर दिया गया था. बरकाती तृणमूल कांग्रेस के समर्थक और ममता बनर्जी के करीबी माने जाते हैं. उन्हें ममता के साथ रैलियों में भी देखा गया है.

मोदी सरकार से उनकी भिड़ंत उनकी गाड़ी पर लगी लाल बत्ती की वजह से हुई थी. उन्होंने लाल बत्ती हटाने से यह कहकर इनकार कर दिया था कि वह दशकों से इसका इस्तेमाल करते रहे हैं. सरकार ने जब मंत्रियों और अधिकारियों की गाड़ियों से भी लाल बत्ती हटा दी थी तब भी बरकाती अपनी गाड़ी से लाल बत्ती हटाने को तैयार नहीं हुए थे.

लाल बत्ती ज़बरदस्ती हटाई गई तो उन्होंने पीएम मोदी के खिलाफ फ़तवा जारी कर दिया था. फ़तवा जारी करने के फ़ौरन बाद उन्हें मस्जिद के शाही इमाम पद से बर्खास्त कर दिया गया था.

मौलाना बरकाती इसके बाद तब चर्चा में आये थे जब उन्होंने बीजेपी और आरएसएस से जुड़ने वाले मुसलमानों को पीटने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि ऐसे मुसलमानों को इस्लाम से निकाल दिया जायेगा. उन्होंने पीएम मोदी को भी चेतावनी दी थी कि वह संघ के सदस्य होने के साथ ही देश के प्रधानमंत्री भी हैं इसलिए उन्हें मुसलमानों के खिलाफ बोलने से परहेज़ करना चाहिए.

मौलाना बरकाती के फतवों और उनके भाषणों का नतीजा यह हुआ कि एक वक्त में बंगाल के मुसलमानों ने भी उनसे किनारा कर लिया. वह मस्जिद में नमाज़ पढ़ाने आये तो लोग उठकर खड़े हो गए और उनकी इमामत में नमाज़ पढने से इनकार कर दिया.

उन्हीं मौलाना बरकाती का एक वीडियो देखने को मिला है. बंगाल में उनका एक स्टिंग आपरेशन किया है. इस स्टिंग में मौलाना बरकाती यह कहते नज़र आ रहे हैं कि बीजेपी बंगाल में हुकूमत बनाना चाहती है तो वह उन्हें पांच करोड़ रुपये दे. इन रुपयों के इस्तेमाल से वह पांच लाख मुसलमानों की रैली कर बीजेपी के पक्ष में माहौल तैयार करेंगे.

स्टिंग आपरेशन में बरकाती यह कहते नज़र आ रहे हैं कि रैली में मुसलमानों को लाने के लिए उन्हें दो सौ-तीन सौ रुपये देने होंगे. रैली करने में भी पैसे लगेंगे. बीजेपी पैसा खर्च करेगी तो वह ममता बनर्जी की हुकूमत को पलट देंगे.

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इस स्टिंग में मौलाना ने कहा है कि यह पैसा वह अपने लिए नहीं ले रहे हैं. इसे मुसलमानों में बांटा जाएगा. कुछ पैसा मीडिया को भी खिलाया जाएगा. इन पांच करोड़ रुपये से पांच लाख मुसलमानों का वोट बीजेपी को ट्रांसफर हो जायेगा.

मौलाना कहते हैं कि पालिटिक्स करने के लिए खर्च करना पड़ेगा. इस वीडियो में मौलाना कहते हैं कि पैसा तो लक्ष्मी है. पैसा सबसे बड़ा इमाम है. पैसा माया इमाम है. बीजेपी पैसा देगी तो बरकाती इमाम भी आ जायेगा और बुखारी इमाम भी आ जायेगा.

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