Wednesday - 15 July 2020 - 3:50 AM

व्हाइट हाउस तक पहुंची हिंसक झड़पों की आग

जुबिली न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली. पुलिस हिरासत में एक अश्वेत की मौत के बाद अमेरिका में ऐसा उबाल आया कि व्हाइट हॉउस तक बंद करना पड़ गया. सरकार को हालात को काबू में करने के लिए नेशनल गार्ड इस्तेमाल करने पड़े. किसी भी हालात से निबटने के लिए सेना को तैयार रहने को कहा गया है. पिछले चार दिन से लगातार प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पों का सिलसिला जारी है. कई वाहनों में आगजनी के अलावा सरकारी सम्पत्ति को काफी नुक्सान पहुंचा है. लोगों की नाराजगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को अपने एक ट्वीट के बाद लोगों को सफाई देनी पड़ गई.

जानकारी के अनुसार एक अश्वेत व्यक्ति 46 वर्षीय जार्ज फ्लायड की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी. जार्ज फ्लायड की मौत के बाद पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन का जो सिलसिला शुरू हुआ उसकी आंच वाशिंगटन डीसी, अटलांटा, डेनवर, लॉस एंजिल्स और फिनिक्स समेत 25 शहरों तक पहुँच गई. ज़िम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने आन्दोलन शुरू किया तो सरकार को स्पष्ट सन्देश भेज दिया कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिलेगा तो फिर अमेरिका में शान्ति भी नहीं रहेगी. यह आन्दोलन पहले शांतिपूर्ण था लेकिन पुलिस ने इसे कुचलने की कोशिश की तो आन्दोलनकारी भी हिंसक हो गए. पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी गई और नारेबाजी तेज़ हो गई.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आन्दोलनकारियों से निबटने के लिए नेशनल गार्ड तैनात कर दिए हैं और सेना को तैयार रहने को कह दिया है. नेशनल गार्ड तैनात हो जाने के बाद भी प्रदर्शनकारियों के तेवर वैसे ही उग्र बने हुए हैं.

 

जार्ज फ्लायड को एक दुकान में फर्जी बिल के इस्तेमाल के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. पूछताछ के दौरान पुलिस अधिकारी डेरेक चाउविन ने अपने घुटनों से उसका गला दबाया जिससे उसकी मौत हो गई. श्वेत पुलिस अधिकारी द्वारा अश्वेत व्यापारी की हत्या के बाद प्रदर्शन शुरू हो गया. प्रदर्शन की आग जब कई शहरों में फ़ैल गई तो सरकार ने इस पुलिस अधिकारी के साथ ही मौके पर मौजूद तीन अन्य पुलिस अधिकारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया लेकिन प्रदर्शनकारी इतने भर से संतुष्ट नहीं हुए और उसे हत्या की सजा दिलवाने की मांग पर अड़ गए.

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अश्वेत व्यापारी की पुलिस हिरासत में हुई मौत के बाद भड़की हिंसा में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दो ट्वीट आग में घी का काम कर गए. प्रदर्शनकारी जब व्हाइट हाउस के पास जमा थे तब ट्रम्प ने ट्वीट किया कि प्रदर्शनकारी अगर व्हाइट हाउस के करीब आयेंगे तो खौफनाक कुत्ते और खतरनाक हथियार उनका स्वागत करेंगे. इस ट्वीट का जवाब वाशिंगटन डीसी के मेयर म्युरिएल बाउज़र ने मज़ाक उड़ाते हुए कहा कि वहां खौफनाक कुत्ते और खतरनाक हथियार नहीं बल्कि दीवार के पीछे छुपे डरे हुए ट्रम्प दिखाई दे रहे थे.

इस करारे जवाब से बौखलाए ट्रम्प ने फिर ट्वीट किया कि व्हेन द लूटिंग स्टार्ट, शूटिंग स्टार्ट. इस ट्वीट से ट्रम्प ऐसा घिर गए कि उन्हें सफाई देनी पड़ गई. ट्रम्प ने प्रदर्शनकारियों को ठग कहा लेकिन इस बयान पर भी वह बैकफुट पर चले गए.

अमेरिका में श्वेत और अश्वेत के बीच नफरत जैसा माहौल है. यह प्रदर्शन सिर्फ पुलिस हिरासत में हुई एक मौत की वजह से नहीं है. प्रदर्शन की असल वजह यह है कि मरने वाला अश्वेत व्यापारी है और मारने वाला श्वेत पुलिस अधिकारी. इन दिनों अमेरिका में एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें हाथों में हथकड़ी पहने फ्लायड की गर्दन की पुलिस अधिकारी और घुटनों से दबा रहा है. सांस घुटने से व्यापारी की मौत हो जाती है. यह वीडियो वायरल होने के बाद ही अमेरिका में इतने व्यापक पैमाने पर हिंसा शुरू हुई और उसकी आग देश के 25 शहरों तक पहुँच गई.

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