Monday - 30 January 2023 - 1:13 PM

Lok Sabha Election : जानें डुमरियागंज लोकसभा सीट का इतिहास

पॉलिटिकल डेस्क

डुमरियागंज, सिद्धार्थनगर की तहसील है, जो कि यूपी के पिछड़े इलाकों में आता है। अपने शाक्य खंडहरों के लिए प्रसिद्ध, भगवान बुद्ध का नाम लिये नेपाल के रुपन्देही और कपिलवस्तु जिले के पास बसा है उत्तर प्रदेश का जिला ‘सिद्धार्थ नगर’।

वैसे सिद्धार्थ नगर अपने ‘काला नमक’ चावल के लिए दुनिया भर में काफी मशहूर है, आयरन और जिंक से भरपूर इन चावलों का जिक्र संयुक्त राष्ट्र की खाद्य और कृषि सम्बन्धी संस्था ने अपनी किताब ‘स्पेसिअलिटी राइस ऑफ वल्र्ड’ में भी किया है।

पूर्वाचल में पडऩे वाला यह जिला पूर्व में यूपी के महाराजगंज, दक्षिण में बस्ती और संत कबीर नगर और पश्चिम में बलरामपुर से घिरा हुआ है। जिले का प्रशासनिक मुख्यालय सिद्धार्थनगर में है जो नौगढ़ तहसील में आता है। यहां की शिक्षण संस्थानों में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय मुख्य है।

आबादी/ शिक्षा

उत्तर प्रदेश की डुमरियागंज लोकसभा सीट से भाजपा के जगदंबिका पाल सांसद हैं, साल 2014 में भाजपा ने ये सीट बसपा को 103588 वोटों से हराकर जीती थी।


भारत सरकार ने 2001 में इस जिले को सबसे ज्यादा घनी मुस्लिम आबादी वाले जिलों में से एक बताया था जहां मूलभूत सुविधाओं की घोर कमी थी। 2,895 वर्ग किलोमीटर में फैले इस जिले को 2006 में देश के सबसे पिछड़े जिलों में शामिल किया था।

डुमरियागंज लोकसभा सीट में यूपी विधानसभा की पांच विधानसभा सीटें आती है जिसमें शोहरातगढ़, इटवा, कपिलवस्तु, डुमरियागंज और बांसी शामिल है। कपिलवस्तु की विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। सिद्धार्थ नगर में पांच तहसीलें हैं- नौगड़, बांसी, डुमरियागंज, इटवा, शोहरातगढ़।

2011 की जनगणना के अनुसार यहां की आबादी 25,59,297 लाख है जिनमें पुरुषों की संख्या 12,95,095 और महिलाओं की संख्या 12,64,202 है। यूपी के औसत लिंगानुपात 912 के मुताबिक यहां प्रति 1000 पुरुषों पर 976 महिलाएं हैं।

जिले की औसत साक्षरता दर 48.02 प्रतिशत है जिसमें पुरुषों की साक्षरता दर 57.19 प्रतिशत और महिलाओं की साक्षरता दर 38.62 प्रतिशत है। सिद्धार्थ नगर की 93.72 प्रतिशत आबादी शहरों में जबकि 6.29 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है।

यहां की आबादी में 15.97 प्रतिशत हिस्सा अनुसूचित जाति और 0.47 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति का है। सिद्धार्थ नगर में हिन्दुओं की आबादी 69.23 प्रतिशत और मुस्लिमों की जनसंख्या 29.23 प्रतिशत है। यहां मतदाताओं की कुल संख्या 1,761,415 है जिसमें महिला मतदाता 799,313 और पुरुष मतदाताओं की संख्या 961,957 है।

राजनीतिक घटनाक्रम

डुमरियागंज लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 60वें नंबर की सीट है। अस्तित्व में आने के बाद से ही यह लोकसभा सीट सामान्य श्रेणी की रही है। 1952 में यहां पहली बार चुनाव हुए। उस वक्त यह सीट गोंडा-बस्ती सीट का हिस्सा थी।

1952 में हुए चुनावों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के के.डी. मालवीय ने जीत दर्ज की। 1957 में डुमरियागंज में पहले आम चुनाव हुए, जिसमें कांग्रेस के राम शंकर लाल ने जीत हासिल की और यहां के पहले सांसद बने। 1962 के चुनावों में कांग्रेस और 1967 के चुनावों में जनसंघ ने जीत पाई। 1971 में कांग्रेस के केशव मालवीय इस सीट पर जीत हासिल करके एक बार फिर लोकसभा पहुंचे।

1977 से 1989 तक अलग-अलग पार्टी के प्रत्याशियों ने डुमरियागंज का प्रतिनिधित्व किया 1991 में बीजेपी और 1996 में सपा ने इस सीट पर कब्जा किया। 1998 और 1999 के आम चुनाव जीतकर भाजपा की नजर तीसरी जीत पर थी मगर 2004 में हुए चुनावों में बसपा

ने उसके सपनों पर पानी फेर दिया। 2009 में कांग्रेस के जगदम्बिका पाल चुनाव जीतकर डुमरियागंज के सांसद बने। 2014 में चुनाव के ठीक पहले जगदम्बिका पाल भाजपा में शामिल हो गए और भाजपा के टिकट पर जीतकर लोकसभा पहुंच गए।

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