IT रूल्स पर सरकार ने दिया Twitter को अल्टीमेटम, कहा-कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहे

जुबिली स्पेशल डेस्क

नई दिल्ली। बीते कुछ दिनों से ट्विटर और केंद्र सरकार के बीच लगातार तनातनी देखने को मिल रही है। दोनों के बीच विवाद का बड़ा कारण है नये आईटी नियम। केंद्र सरकार अब बेहद सख्त नजर आ रहा है। आलम तो यह है कि नए आईटी नियम लागू न करने पर सरकार अब कड़ा एक्शन लेने की तैयारी में है।

इसको लेकर केंद्र सरकार ने ट्वीटर को फाइनल नोटिस भेज दिया है। इस नोटिस में केंद्र सरकार ने सख्त लहजे में ट्वीट्र को चेताया गया है।

नोटिस में कहा गया है कि वो या तो नियम माने या फिर भारतीय कानूनों के मुताबिक नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहे। जानकारी के मुताबिक आईटी मंत्रालय की ओर से नए नियमों को लेकर 26 मई को ट्विटर को नोटिस भेजा था।

उसके बाद सरकार ने 28 मई और 2 जून को भी नोटिस भेजा था लेकिन अब सरकार ने एक सख्त नजर आ रही है और उसने अंतिम बार नोटिस देकर ट्विटर के खिलाफ एक्शन लेने की तैयारी में है।

इसके साथ ही सोशल मीडिया कंपनियों के लिए देश के नए नियमों का पालन करते हुए ट्विटर को भारत-आधारित अधिकारियों को नियुक्त करने का अंतिम मौका दिया गया है। सरकार की ओर से चेतावनी दी गई है अगर ट्विटर इन नियमों का अनुपालन करने में विफल रहती है, तो वह आईटी कानून के तहत दायित्व से छूट को गंवा देगी।

वहीं पिछले हफ्ते ट्विटर ने दिल्ली हाईकोट में अपनी पक्ष रखते हुए कहा था कि 28 मई को शिकायत अधिकारी की नियुक्ति कर दी है। लेकिन सरकार इससे संतुष्ट नहीं है।

नोटिस में क्या लिखा गया है

नोटिस में लिखा है, “भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र है. ट्विटर को यहां खुले हाथों से अपनाया गया, लेकिन 10 साल से यहां काम करने के बावजूद ट्विटर ऐसा कोई मैकेनिज्म नहीं बना पाया जिससे भारत के लोगों को ट्विटर के बारे में अपनी शिकायत को सुलझाने का मौका मिल सके।

जिन लोगों को ट्विटर के प्लेटफॉर्म पर अपशब्दों का सामना करना पड़ता है या यौन दुराचार का सामना करना पड़ता है उन्हें अपनी शिकायत के समाधान के लिए मैकेनिज्म मिलना ही चाहिए. ट्विटर को 26 मई 2021 से ही नियमों को मानना होगा।”

इसमें आगे लिखा गया है, “सद्भावना के तौर पर नए आईटी नियमों के पालन का एक आखिरी मौका ट्विटर को दिया जा रहा है. इसका पालन न करने पर ट्विटर को आईटी कानून के अनुच्छेद 79 के तहत दायित्व से छूट वापस हो जाएगी।  इसके बाद ट्विटर आईटी कानून और भारत के अन्य कानूनों के तहत परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे।

बता दें कि व्हाट्सएप द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए नए आईटी नियमों को लेकर भारत सरकार के खिलाफ कोर्ट जाने के बाद, ट्विटर ने   आईटी मंत्रालय से अनुरोध किया था कि वह कंपनी को नए दिशानिर्देश को लागू करने के लिए कम से कम तीन महीने के विस्तार पर विचार करे। कथित कांग्रेस टूलकिट विवाद से संबंधित इस सप्ताह की शुरूआत में दिल्ली और गुरुग्राम में ट्विटर कार्यालयों पर पुलिस ने छापे मारे थे।

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