Tuesday - 1 December 2020 - 4:26 AM

आधी रात को क्यों हटाए गए पुलिस कमिश्न‍र सुजीत पांडेय

जुबिली न्यूज़ डेस्क

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ व फिरोज़ाबाद में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में मंगलवार को देर रात बड़ी कार्रवाई कर दी। लखनऊ के पुलिस आयुक्त सुजीत पाण्डेय को हटा दिया गया है। वहीं लखनऊ व फिरोजाबाद के जिला आबकारी अधिकारी हटा दिए गए हैं जबकि इन दोनों जिलों के आबकारी निरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है।

लखनऊ में जहरीली शराब से छह लोगों की मौत के मामले में पुलिस कमिश्नर सुजीत पाण्डेय को हटा दिया गया है। उनके स्थान पर डीके ठाकुर लखनऊ के पुलिस कमिश्नर बनाए गए हैं। लखनऊ के नए पुलिस कमिश्‍नर के रूप में डीके ठाकुर ने आधी रात को ही चार्ज भी ले लिया।

लखनऊ के नए पुलिस कमिश्‍नर डीके ठाकुर 1994 बैच के आईपीएस अफसर हैं और लखनऊ के एसएसपी भी रह चुके हैं। उनके अलावा, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे जीके गोस्वामी को एटीएस का एडीजी बनाया गया है और राजकुमार को एडीजी कार्मिक बनाया गया है।

बिहार के पटना में जन्मे सुजीत पांडेय 1994 बैच के आईपीएस अफसर हैं। लखनऊ का पुलिस कमिश्नर बनने से पहले वो प्रयागराज जोन के एडीजी थे। उन्हें अब सीतापुर का अपर पुलिस महानिदेशक पीटीसी नियुक्त किया गया है।

योगी सरकार ने लखनऊ व फिरोजाबाद के जिला आबकारी अधिकारियों को निलम्बित कर दिया है। लखनऊ के आबकारी निरीक्षक आलोक पाण्डेय तो फिरोजाबाद के आबकारी निरीक्षक आरके सिंह को निलंबित किया गया है।

मंगलवार देर रात हुए इस फैसले के अनुसार फिरोजाबाद के जिला आबकारी अधिकारी राम स्वार्थ चौधरी और लखनऊ के जिला आबकारी अधिकारी सुदर्शन सिंह को तत्काल प्रभाव से हटाते हुए उन्हें प्रयागराज में मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है

बता दें कि लखनऊ के बंथरा में 12 नवंबर को जहरीली शराब पीने से 6 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, कई लोग बीमार पड़ गए थे। लोगों के मुताबिक, शराब में मिट्टी का तेल मिले होने की आशंका थी, जिससे तबीयत खराब हुई।

मौके पर पहुंची पुलिस ने देसी शराब की दुकान को सील कर दी। लखनऊ के डीएम अभिषेक प्रकाश ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए। इसके साथ मजिस्ट्रेट की टीम और आबकारी की टीम मौके पर पहुंचकर पूरी घटना का मुआयना की।

हालांकि, तत्कालीन पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय ने लापरवाही बरतने की वजह से इंस्पेक्टर रमेश सिंह रावत समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। डीसीपी सेंट्रल जोन सोमेन वर्मा के मुताबिक, देसी सरकारी शराब कोटेदार ननकऊ उधार में शराब बेचता था। इसके बाद राशन न देकर रुपये काट लेता था। इसके साथ आरोपी लोगों का राशन भी बेच देता था। आरोपी कोटेदार की राशन की दुकान से बड़ी संख्या में शराब की बोतलें मिली हैं।

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