विदेश में छाई बिहार की बेटी, इवांका ट्रंप ने की तारीफ

न्यूज डेस्क

लॉक डाउन जैसे मुश्किल दौर में प्रवासी मजदूरों की तकलीफ देश में हर कोई देख रह हैं। कई लोग हज़ारों किलोमीटर के सफ़र पर पैदल ही निकल रहे हैं। इस बीच कई तरह की तस्वीरें देखने को मिली। कोई श्रवण कुमार की तरह से कांवर बनाकर अपने माँ-बाप को घर लेकर घर जा रहा है, तो कोई साइकिल पर।

इसी तरह सफ़र करते हुए बहादुरों की सूची में एक और नाम जुड़ गया है जिसकी देश में नहीं विदेश में भी लोग प्रशंसा कर रहे हैं। दरअसल हम बात कर रहे हैं बिहार के दरभंगा जिले की ज्योति की। ज्योति अपने घायल पिता को साइकिल से लेकर गुरुग्राम से दरभंगा के 1200 किलोमीटर के सफ़र को पूरा कर चुकी है। उनकी इस बहादुरी को देख कर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप ने भी तारीफ की हैं।

इवांका ने ज्योति की तारीफ करते हुए ट्वीट किया. उन्होंने ट्वीट में लिखा कि, 15 साल की ज्योति कुमारी, अपने घायल पिता को साइकिल के पीछे बैठाकर सात दिनों में 1,200 किलोमीटर की दूरी तय करके अपने घर गाँव ले गई। धीरज और प्रेम के इस खूबसूरत करतब ने भारतीय लोगों और साइकलिंग फेडरेशन की कल्पना पर कब्जा कर लिया है!

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इससे पहले ज्योति की ये बहादुरी को देखते हुए भारतीय साइकिलिंग महासंघ ने उसे ट्रायल का मौका देने की बात कही थी। भारतीय साइकिलिंग महासंघ के चेयरमैन ओंकार सिंह ने बताया था कि अगर कक्षा आठ की छात्रा कुमारी ने ट्रायल पास कर किया, तो उसे यहां के आईजीआई स्टेडियम परिसर में अत्याधुनिक नेशनल साइक्लिंग अकादमी में प्रशिक्षु के रूप में चुना जाएगा।

 

उन्होंने कहा कि भारतीय खेल प्राधिकरण के तत्वावधान में अकादमी, एशिया में सबसे उन्नत सुविधाओं में से एक है और खेल की विश्व संस्था यूसीआई की मान्यता है। हमने आज सुबह लड़की से बात करके उसे बताया है कि लॉकडाउन हटते ही उसे अगले महीने दिल्ली बुलाया जाएगा। उनकी यात्रा, ठहरने और अन्य खर्चों का सारा खर्च हमारे द्वारा वहन किया जाएगा।

भारतीय साइकिलिंग महासंघ के चेयरमैन ने की बातचीत

ओंकार सिंह ने बताया कि ज्योति का सफर सोशल मीडिया पर भी एक व्यापक चर्चा का विषय बन गया है, जहाँ इस बारे में बात हुई है कि करियर के रूप में साइक्लिंग को आगे बढ़ाने के लिए उसमें क्या है। उन्होंने कहा कि अगर उसे घर से किसी के साथ जाने की जरूरत है, तो हम उसे भी अनुमति देंगे। हम अपनी बिहार राज्य इकाई के साथ परामर्श करके देखेंगे कि कैसे उसे परीक्षण के लिए दिल्ली लाया जा सकता है।

पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने दिया एक लाख रुपये का इनाम

गौरतलब है कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उसे एक लाख रुपये का इनाम देने का एलान किया है। अखिलेश यादव ने ट्वीटर के माध्यम से एलान किया कि उसके साहस का अभिनंदन करते हुए हम उस तक एक लाख रुपये की मदद पहुंचाएंगे।

बता दें कि ज्योति 15 साल की है। उसके पिता मोहन पासवान गुरुग्राम में ई-रिक्शा चलाते हैं। कुछ दिन पहले हुई दुर्घटना में वह घायल हो गए थे। लॉक डाउन में कमाई के साधन तो बंद थे ही ऐसे में इलाज कराना भी मुश्किल हो गया था। ऐसे में ज्योति ने एक हिम्मत वाला फैसला लिया और साइकिल पर पिता को बिठाकर घर जाने का फैसला किया।

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