Bihar CM Race: BJP का ‘सोशल इंजीनियरिंग’ फॉर्मूला तय करेगा नया चेहरा

जुबिली स्पेशल डेस्क
पटना। बिहार में सत्ता परिवर्तन के बीच भारतीय जनता पार्टी अब अपने नए मुख्यमंत्री के चयन के अंतिम चरण में पहुंच गई है। मंगलवार दोपहर होने वाली विधायक दल की बैठक में राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग सकती है। केंद्रीय मंत्री Shivraj Singh Chouhan को पर्यवेक्षक बनाकर पटना भेजा गया है, जो इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
सिर्फ नाम नहीं, ‘मैसेज’ भी तय करेगी बीजेपी
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, इस बार मुख्यमंत्री का चयन सिर्फ व्यक्ति नहीं, बल्कि एक बड़े सामाजिक और चुनावी संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी जातीय समीकरणों के जरिए 2026 के चुनावों की रणनीति भी तैयार कर रही है।
Samrat Choudhary सबसे आगे, लेकिन सरप्राइज संभव
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी फिलहाल रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि उन्हें सहयोगी दलों का भी समर्थन मिल सकता है। उनकी सामाजिक पृष्ठभूमि (कुशवाहा समुदाय) को देखते हुए यह फैसला पिछड़े वर्गों में बड़ा संदेश दे सकता है।
हालांकि, बीजेपी की परंपरा को देखते हुए आखिरी वक्त पर नए चेहरे की एंट्री से इनकार नहीं किया जा सकता।
महिला और EBC कार्ड भी विकल्प में
सूत्रों की मानें तो पार्टी महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने के विकल्प पर भी विचार कर सकती है। इसी क्रम में विधायक निशा सिंह का नाम चर्चा में है।
वहीं अति पिछड़ा वर्ग (EBC) से चेहरा लाकर बड़ा सामाजिक संतुलन साधने की रणनीति भी बनाई जा सकती है। इस कैटेगरी में प्रमोद चंद्रवंशी और संजीव चौरसिया जैसे नाम चर्चा में हैं।
दलित चेहरे पर भी मंथन
बीजेपी अनुसूचित जाति से मुख्यमंत्री बनाकर बड़ा राजनीतिक संदेश देने पर भी विचार कर रही है। इस वर्ग की राज्य में करीब 20% आबादी है। ऐसे में जनक राम जैसे नेताओं के नाम भी चर्चा में बने हुए हैं।
दिल्ली का फाइनल फैसला, पटना में औपचारिकता
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व द्वारा पहले ही तय किया जा चुका है और विधायक दल की बैठक सिर्फ औपचारिक मुहर होगी।
आज खत्म होगी सस्पेंस की कहानी
दोपहर 2 बजे होने वाली बैठक के बाद बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल जाएगा। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि बीजेपी ‘सेफ ऑप्शन’ चुनती है या फिर एक बार फिर चौंकाने वाला फैसला करती है।
