NEET Paper Leak: CJP का महा-प्रदर्शन आज, पुलिस ने दी मंजूरी

नई दिल्ली। नीट (NEET) पेपर लीक और देश की शिक्षा व्यवस्था में कथित धांधली को लेकर राजधानी दिल्ली में आज एक बड़ा छात्र आंदोलन शुरू होने जा रहा है। तमाम कानूनी अड़चनों और सुरक्षा चिंताओं के बीच, दिल्ली पुलिस ने आखिरकार ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की औपचारिक अनुमति दे दी है।
इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने इस प्रदर्शन के खिलाफ दायर एक याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया, जिससे आंदोलनकारियों का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया।
“किताब, तिरंगा और गुलाब”-गांधीवादी तरीके से डिजिटल आर्मी सड़कों पर
जहां एक तरफ पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, वहीं आंदोलन का नेतृत्व कर रहे CJP फाउंडर अभिजीत दिपके ने इसे पूरी तरह ‘शांतिपूर्ण और गांधीवादी’ रूप दे दिया है। अमेरिका के बोस्टन से आज सुबह ही दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरे अभिजीत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर समर्थकों के लिए एक अनोखी गाइडलाइन जारी की:
“लैंडिंग हो गई है। जंतर-मंतर पर आप सभी से मिलने का बेसब्री से इंतजार है। अपने साथ एक किताब और हमारा तिरंगा लाना न भूलें! सहानुभूति और कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को फूल (गुलाब) भेंट करें। हमें इस आंदोलन का नेतृत्व प्रेम और शांति के साथ करना है!”
इस डिजिटल-टू-जमीन (Digital-to-Ground) रणनीति ने सुरक्षा एजेंसियों को भी प्रभावित किया है, जिसके बाद टकराव के बजाय बातचीत का रास्ता चुना गया।
छावनी में तब्दील हुई लुटियंस दिल्ली: 12 ज़ोन और 1,000+ जवान
भले ही प्रदर्शन शांतिपूर्ण हो, लेकिन संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को ऐतिहासिक रूप से मजबूत किया है।
- 12 ज़ोन में बंटी दिल्ली: नई दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली क्षेत्र को 12 अलग-अलग ज़ोन में विभाजित किया गया है। हर ज़ोन की कमान एक DCP रैंक के अधिकारी को सौंपी गई है।
- VVIP सुरक्षा अलर्ट: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के सरकारी आवासों के बाहर मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
- टकराव से बचने के निर्देश: दिल्ली पुलिस ने अपने जवानों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे प्रदर्शनकारियों (छात्रों) के साथ सीधे टकराव से बचें और बातचीत के जरिए शांति बनाए रखें।
क्या हैं आंदोलनकारियों की मुख्य मांगें?
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: NEET पेपर लीक मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
- सोनम वांगचुक का समर्थन: मशहूर शिक्षा सुधारक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया है। उन्होंने पहले ही अल्टीमेटम दिया था कि 5 जून तक इस्तीफा न होने पर वह खुद इस प्रदर्शन का हिस्सा बनेंगे।


