महिला आरक्षण पर सियासत तेज: कांग्रेस का 29 शहरों में अभियान, बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने

जुबिली न्यूज डेस्क

महिला आरक्षण विधेयक को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। लोकसभा में विधेयक के पारित न होने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने बुधवार (21 अप्रैल) को देश के 29 शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का फैसला किया है। पार्टी का दावा है कि इस अभियान के जरिए वह महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दों को जनता तक लेकर जाएगी।

इस दौरान पार्टी के बड़े नेता अलग-अलग शहरों में भेजे जाएंगे।

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका संबोधन डर और घबराहट का प्रतीक था।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण की आड़ में ऐसे परिसीमन की योजना बना रही थी जिससे राजनीतिक लाभ लिया जा सके।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने मांग की है कि महिला आरक्षण को मौजूदा 543 लोकसभा सीटों के आधार पर तुरंत लागू किया जाए और किसी भी शर्त को हटाया जाए।

पार्टी का कहना है कि अगर सरकार ऐसा करती है तो विपक्ष समर्थन देने को तैयार है।

नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपने संबोधन में कांग्रेस का कई बार नाम लेकर राजनीतिक ध्रुवीकरण की कोशिश की।

कांग्रेस का दावा है कि सरकार महिला सशक्तिकरण की बात तो करती है, लेकिन वास्तविक रूप से आरक्षण लागू करने से बच रही है।

कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि सरकार ने परिसीमन और सीटों में बदलाव को लेकर स्पष्टता नहीं दी है, जिससे दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है।

महिला आरक्षण विधेयक अब केवल कानून का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक टकराव का बड़ा केंद्र बन गया है, जहां दोनों दल जनता के बीच अपनी-अपनी बात मजबूती से रखने में जुटे हैं।

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