रूसी ध्वज वाला तेल टैंकर अमेरिकी कब्जे में, वेनेजुएला डील ने बढ़ाया तनाव

- वेनेजुएला से जुड़ा रूसी ध्वज वाला तेल टैंकर अटलांटिक में जब्त
- पास में दिखे रूसी वॉरशिप
जुबिली स्पेशल डेस्क
वेनेजुएला से जुड़े एक तेल टैंकर को अमेरिकी कोस्ट गार्ड को चकमा देकर फरार होने के बाद आखिरकार अमेरिका ने उत्तरी अटलांटिक महासागर में जब्त कर लिया है। इस टैंकर को पकड़ने के लिए अमेरिकी सेना पिछले दो हफ्तों से व्यापक ऑपरेशन चला रही थी। अमेरिकी सेना के मुताबिक, जब्त किए गए इस रूसी ध्वज वाले टैंकर का नाम बेला-1 है।
न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, जिस इलाके में अमेरिकी सेना ने बेला-1 को रोका, वहां रूस की एक पनडुब्बी और वॉरशिप भी मौजूद थी। यूएस यूरोपियन कमांड ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि प्रतिबंधों के उल्लंघन के कारण बेला-1 को जब्त किया गया। यह कार्रवाई अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग और सैन्य बलों का संयुक्त अभियान था।
अमेरिका पिछले महीने से इस टैंकर का पीछा कर रहा था, जब उसने वेनेजुएला के आसपास अमेरिकी नाकाबंदी से बचने की कोशिश की थी। अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने पिछले महीने इसे रोकने का प्रयास किया था, लेकिन टैंकर ने जहाज पर चढ़ने से इनकार कर दिया और भाग निकला। इसके बाद इसे रूसी ध्वज के तहत पंजीकृत कर लिया गया।
रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिकी तटरक्षक बल ने लैटिन अमेरिकी जलक्षेत्र में वेनेजुएला से जुड़े एक अन्य टैंकर को भी रोका है। इस पूरे ऑपरेशन का वीडियो अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने सोशल मीडिया पर जारी किया है।

होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने बताया कि यूएस कोस्ट गार्ड ने दो ‘शैडो फ्लीट’ टैंकर—बेला-1 और सोफिया को जब्त किया है। उन्होंने कहा कि बेला-1 कई हफ्तों तक तटरक्षक बल से बचता रहा। इस दौरान टैंकर ने न सिर्फ अपना झंडा बदला, बल्कि जहाज का नाम भी बदल दिया।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, खराब मौसम और खतरनाक समुद्री हालात के बावजूद यूएससीजीसी मुनरो के क्रू मेंबर्स ने लगातार इस जहाज का पीछा किया। निगरानी के लिए इंग्लैंड के सफोक स्थित आरएएफ मिल्डेनहॉल से अमेरिकी पी-8 निगरानी विमान भी तैनात किए गए।
इस बीच टैंकर के चालक दल ने दावा किया कि जहाज रूसी संरक्षण में है। बाद में इसे रूस के आधिकारिक जहाज रजिस्टर में नए नाम ‘मेरिनेरा’ के तहत दर्ज कर लिया गया। रूस ने पिछले महीने अमेरिका को चेतावनी दी थी कि वह इस पोत का पीछा बंद करे।
गौरतलब है कि अवैध तेल परिवहन से जुड़े ‘शैडो फ्लीट’ नेटवर्क का हिस्सा होने के चलते अमेरिका ने 2024 में इस टैंकर पर प्रतिबंध लगाए थे।
वहीं, ब्रिटेन ने इस पूरे मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि ब्रिटेन अन्य देशों की सैन्य या परिचालन गतिविधियों पर टिप्पणी नहीं करता, यह सरकार का पुराना रुख है।


