इस देश में पूर्वानुमान से दोगुनी रफ्तार से बढ़ रहा समुद्र का स्तर

जुबिली न्यूज डेस्क
एक नये रिसर्च रिपोर्ट ने न्यूजीलैंड की चिंता बढ़ा दी है। शोध में पता चला है कि न्यूजीलैंड के इर्द-गिर्द समुद्र का जलस्तर पूर्वानुमान से दोगुनी रफ्तार से बढ़ रहा है, जिसकी वजह से इस देश के दो सबसे बड़े शहरों पर खतरा बढ़ रहा है।

न्यूजीलैंड के तटीय इलाकों से सरकारी समर्थन प्राप्त जो आंकड़ा मिला है उससे पता चला है कि कुछ क्षेत्र अभी से हर वर्ष तीन से चार मिलीमीटर तक डूबना शुरू भी हो गए हैं। इससे भविष्य में आने वाले खतरे की गति और तेज हो गई है।
यह इन्फॉर्मेशन जिस प्रोग्राम के तहत मिली है उसका नाम है ‘एनजेड सी-राइज’ जो कि गर्वमेंट द्वारा वित्त पोषित 5 साल लंबा रिचर्स प्रोग्राम है। इसमें दर्जनों स्थानीय और कई इंटरनेशनल साइंटिस्ट ने मिल कर काम किया।
इस रिचर्स प्रोग्राम के सह-नेता टिम नैश राजधानी वेलिंगटन के विक्टोरिया यूनीवर्सिटी में पढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि 2100 तक वैश्विक समुद्र स्तर के करीब आधा मीटर तक बढऩे का अनुमान है, मगर न्यूजीलैंड के कई इलाकों में यह एक मीटर के करीब हो सकता है क्योंकि जमीन डूबती जा रही है।
वेलिंगटन के लिए यह एक कड़वा सच है। अनुमान है कि इस शहर में 2040 तक ही समुद्र स्तर 30 सेंटीमीटर तक बढ़ जाएगा, जिसकी 2060 से पहले होने की संभावना नहीं थी। इस तरह की बढ़ोतरी की वजह से औसतन हर साल ऐसी बाढ़ आ सकती है जैसी 100 सालों में आती है।
टिम नैश कहते हैं, “हमारे पास इसके लिए कोई कदम उठाने के लिए समय बहुत कम है। समुद्र के सतह में इतनी नुकसानदेह बढ़ोतरी का असर जितना सोचा था उससे पहले ही दिखाई देना शुरू हो जाएगा। मकान, सडक़े डूबने लगेंगे। हां, यह थोड़ा डरावना है लेकिन अभी भी समय है और मुझे लगता यही इस समस्या को देखने का सही तरीका है।”
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तेजी से बढ़ेगा समुद्र का स्तर
आंकड़ों के अनुसार, अधिक आबादी वाले नॉर्थ आइलैंड की दक्षिण पूर्वी तट रेखा को सबसे अधिक खतरा है, लेकिन उसके अलावा और कई तटीय समुदायों और कस्बों को नुकसान होगा।
17 लाख आबादी वाला ऑकलैंड देश का दूसरे सबसे बड़ा शहर है और इस पर भी विशेष रूप से खतरा है। अनुमान है कि शहर के डाउनटाउन वॉटरफ्रंट और केंद्रीय इलाकों में समुद्र का स्तर 50 फीसदी और अधिक तेजी से बढ़ेगा और इसका व्यापक असर मकानों के दाम और बीमा दरों पर पड़ेगा।
वहीं ‘एनजेड सी-राइज’ ने एक ऑनलाइन टूल भी बनाया है जिसकी मदद से स्थानीय लोग और अधिकारी तटरेखा के अपने हिस्से के लिए पूर्वानुमान का पता लगा सकते हैं। इससे वो बाढ़ और कटाव के खतरे का मूल्यांकन कर सकते हैं।
टिम नैश ने यह भी कहा, “हमारे पास अभी भी समय है, लेकिन हाथ पर हाथ रख कर बैठे रखने का समय नहीं है। अगर आप स्थानीय परिषद में प्रतिनिधि हैं या इमारतें बनाने वाले हैं या न्यूजीलैंड के तटीय इलाकों में फैसले लेने वालों में से हैं, तो आपको तुरंत यह सोचना शुरू कर देना चाहिए कि स्थिति से निपटने के लिए क्या किया जाना चाहिए। ”
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इस मामले में न्यूजीलैंड की पीएम जेसिंडा आर्डर्न ने कहा, अनुकूलन नियोजन शुरू हो चुका है, जिसमें कुछ समुदायों और इंफ्रास्ट्रक्चर के तटीय इलाकों से दूर पुनर्वास के लिए बजट बनाना शामिल है।
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आर्डर्न ने रेडियो न्यूजीलैंड से कहा, “जरूरी नहीं कि हमारी पहली प्रतिक्रिया इन इलाकों को छोड़ देने की तैयारी की ही हो क्योंकी ऐसे कई विकल्प हैं जिनका इस्तेमाल किया जा सकता है।”
उन्होंने यह भी कहा, “इनमें से कुछ विकल्पों का खर्च कौन उठाएगा इस पर स्थानीय प्रशासन और बीमा कंपनियों से बात कर रहे हैं।”
पीएम आर्डर्न ने यह भी कहा की देश के निवासियों को यह मान नहीं लेना चाहिए कि समुद्र के स्तर का बढऩा बचाया नहीं जा सकता और हर नागरिक को उत्सर्जन कम करने और जलवायु परिवर्तन के असर को कम करने के लिए वो सब करना चाहिए जो वो कर सकते हैं।



