चाचा-भतीजे की लड़ाई में फ्रीज हुआ एलजेपी का ‘बंगला’

जुबिली न्यूज डेस्क

पिछले कुछ महीनों से एलजेपी पर कब्जे को लेकर चिराग पासवान व उनके आमने-सामने हैं। इन दोनों की लड़ाई में रामविलास पासवान के भाई पशुपति कुमार पारस को बड़ा झटका लगा है।

दरअसल चुनाव आयोग ने एलजेपी के चुनाव चिह्न बंगला को फ्रीज कर दिया है। फिलहाल यह चुनाव चिह्न पारस या चिराग पासवान किसी गुट को नहीं मिलेगा। दोनों की ओर से इसके लिए दावे किये गए थे।

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चुनाव आयोग का कहना है कि पशुपति पारस या चिराग दोनों गुटों में से किसी को भी लोजपा के प्रतीक का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। दोनों गुटों को अंतरिम उपाय के रूप में नए नाम और चुनाव चिह्न उम्मीदवारों को आवंटित किए जा सकते हैं।

चिराग पासवान के चाचा पशुपति पारस ने लोकसभा में खुद को संसदीय दल का नेता घोषित कराने के बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन कर अपने आपको अध्यक्ष भी घोषित किया हुआ है। इसके बाद भी चुनाव आयोग से एलजेपी का नाम और चुनाव चिह्न नहीं मिलना उनके लिए बड़ा झटका है।

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चुनाव आयोग में सबसे पहले पशुपति पारस की तरफ से ही नाम पर चिह्न पर दावा किया गया था। पशुपति पारस गुट की तरफ से किए गए तमाम फैसलों की जानकारी चुनाव आयोग को दी गई थी।

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