चुनाव से ठीक पहले क्या राजभर फिर बदलेंगे पाला

जुबिली स्पेशल डेस्क

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चुनाव की घोषणा हो गई है। कोरोना काल में चुनाव होना अपने आप में बड़ी चुनौती है। उधर यूपी चुनाव की डेट सामने आने के बाद से एकाएक प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल देखने को मिल रही है।

दरअसल ओम प्रकाश राजभर को लेकर बड़ी जानकारी आ रही है। कहा जा रहा है कि वो आने वाले समय में मौका देखकर पाला बदल सकते हैं। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि बीजेपी नेता दयाशंकर सिंह ने शनिवार को एक बार फिर ओमप्रकाश राजभर से मुलाकात की इसको हवा दी है। बीजेपी अब भी चाहती है कि ओमप्रकाश राजभर उनके साथ आ जाये। इस वजह से दयाशंकर सिंह ने ओमप्रकाश राजभर से मुलाकात की है।

बीजेपी का सहयोगी दल निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद भी चाहते हैं कि सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर फिर से एनडीए में शामिल हो। इसके लिए उन्होंने कहा था कि वो इसको लेकर ओम प्रकाश राजभर से बात भी करना चाहते हैं।

इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक कह दिया था कि पता नहीं कौन उनका राजनीतिक सलाहकार बन गया है जो बार-बार उनका नुकसान करा दे रहा है। वह हम लोगों के साथ आएंगे, इसके लिए कोशिश की जा रही है।

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बता दे कि ओम प्रकाश राजभर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के साथ समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन हो गया था और दोनों पार्टी मिलकर चुनाव में उतरेगी।

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ हुई मुलाकात के बाद दोनों पार्टियोंं ने गठबंधन करने का एलान किया था ।

उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव में अब चार महीने से कम वक्त का समय बचा हुआ है। ऐसे में राजनीतिक दल अपनी स्थिति को मजबूत करने में जुट गए है।

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जहां एक ओर कांग्रेस एक बार फिर यूपी में अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रही है तो दूसरी समाजवादी पार्टी अपने खोए हुए जनाधर को पाने के लिए जमीनी स्तर पर अपने संगठन को मजबूत कर रही है।हालांकि सपा ने साफ कर दिया है कि वो किसी भी बड़ी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ेगी लेकिन छोटे दलों को साथ लेकर जरूर चलेगी।

 

 

 

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