इसलिए WHO ने मंकीपॉक्स को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया

जुबिली स्पेशल डेस्क

कोरोना महामारी के बीच इस समय दुनिया के कई देशों में मंकीपॉक्स के केस सामने आ रहे हैं। इसके बढ़ते मामलों को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि क्या अब मंकीपॉक्स वैश्विक महामारी का रूप लेगा।

लोगों की इस आशंकाओं को देखते हुए अब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बड़ी जानकारी साझा की है। ब्ल्यूएचओ ने कहा था कि उसे अभी इस बात की चिंता नहीं है कि अफ्रीकी देशों से परे मंकीपॉक्स एक वैश्विक महामारी को जन्म दे सकता है।

इतना ही नहीं अब मंकीपॉक्स को डब्लूएचओ ने ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने का फैसला किया है। यह खतरनाक बीमारी अब तक दुनिया के 70 से अधिक देशों में फैल चुकी है। इसको लेकर डब्लूएचओ महानिदेशक डॉ. टेड्रोस ए. घेब्रेयसस के मुताबिक मंकीपॉक्स के अभी तक 16 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। बैठक में लंबी चर्चा के बाद WHO ने यह फैसला लिया है। मंकीपॉक्स अब तक 80 देशों में चपेट में ले चुकी है। 

वर्ल्ड में मंकीपॉक्स के लगभग 17 हजार मामले

Monkeypoxmeter.com के डेटा पर गौर करे तो भारत समेत 80 देशों में 16,886 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से यूरोप में सबसे ज्यादा 11,985 लोग मंकीपॉक्स मिले है। वहीं, बीमारी से ग्रस्त टॉप 10 देशों में ब्रिटेन, स्पेन, अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, पुर्तगाल, कनाडा, नीदरलैंड्स, इटली और बेल्जियम शामिल हैं। मंकीपॉक्स से तीन लोगों की मौत  भी हो चुकी है ।

हाल में ही डब्ल्यूएचओ की विशेषज्ञ डॉक्टर रोजमंड लुईस ने कहा था कि एक बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह बीमारी फैलती कैसे है। एक बड़ा सवाल यह भी है कि क्या दशकों पहले चेचक टीकाकरण पर रोक लगाए जाने की वजह से इस तरह इसका प्रसार तेज हो सकता है।

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