अकेलेपन की कवितायेँ
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लिट्फेस्ट
फूल भला क्यों प्रेम करेगा कौन गायेगा कोयल…!
फूल भला क्यों प्रेम करेगा कौन गायेगा कोयल राग उपवन मे जब पतझर होगा, कहां पियेगा भ्रमर पराग। वासना से…
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कलाई मे कंगन झिलमिला जाने दोधुली चांदनी को खिलखिला…!
कलाई मे कंगन झिलमिला जाने दो धुली चांदनी को खिलखिला जाने दो गीत रोता रहा मरमरी सांझ में दम सिसकता…
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तुम बदले हम नहीं बदले,न बदला ये…!
तुम बदले हम नहीं बदले, न बदला ये संसार, वचन निभाना मुझको आता, वचन दिया उपहार। आंधी अंधड़ अक्सर आते,…
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शाखाएं मौसम हवायें सब उसी के खिलाफ…
शाखाएं मौसम हवायें सब उसी के खिलाफ हैं बस इसीलिए वो पत्ते आवारा हुए जा रहे हैं कलम दवात दिख…
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लिट्फेस्ट
सुख और दुख में फर्क यूं खुद को बताते हो…
सुख और दुख में फर्क यूं खुद को बताते हो, तुम उसको याद करते हो और भूल जाते हो तुम…
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तुम्हारा हंसना मादक है, मैंने बुरा नही माना…
तुम्हारा हंसना मादक है, मैंने बुरा नही माना, लेकिन मेरे आंसू का प्रिय तुमने भेद नही जाना। अपनेपन के हृदय…
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