<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Jubilee Post &#060; Jubilee Post | जुबिली पोस्ट</title>
	<atom:link href="https://www.jubileepost.in/tag/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%A0%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%87/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.jubileepost.in/</link>
	<description>News &#38; Information Portal</description>
	<lastBuildDate>Sat, 02 Nov 2024 12:14:12 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>
	<item>
		<title>महाराष्ट्र चुनाव में वंशवाद कितना होगा कामयाब ?</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/how-successful-will-dynasty-rule-be-in-maharashtra-elections/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 02 Nov 2024 12:12:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[इण्डिया]]></category>
		<category><![CDATA[ब्रेकिंग न्यूज़]]></category>
		<category><![CDATA[आदित्य ठाकरे]]></category>
		<category><![CDATA[जयंत पाटिल]]></category>
		<category><![CDATA[ठाकरे]]></category>
		<category><![CDATA[पवार]]></category>
		<category><![CDATA[पाटिल परिवार]]></category>
		<category><![CDATA[पृथ्वीराज चौहान]]></category>
		<category><![CDATA[बाल ठाकरे]]></category>
		<category><![CDATA[महाराष्ट्र]]></category>
		<category><![CDATA[महाराष्ट्र चुनाव]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.jubileepost.in/?p=309391</guid>

					<description><![CDATA[जुबिली स्पेशल डेस्क महाराष्ट्र की राजनीति में वंशवाद का एक लंबा और गहरा इतिहास रहा है। यहाँ के प्रमुख राजनीतिक परिवार, जैसे कि पवार, चव्हाण, ठाकरे, और पाटिल, दशकों से राज्य की सत्ता और चुनावों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे हैं। महाराष्ट्र की राजनीति में इन परिवारों की पकड़ और वर्चस्व ने न &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #0000ff;"><strong>जुबिली स्पेशल डेस्क</strong></span></p>
<p>महाराष्ट्र की राजनीति में वंशवाद का एक लंबा और गहरा इतिहास रहा है। यहाँ के प्रमुख राजनीतिक परिवार, जैसे कि पवार, चव्हाण, ठाकरे, और पाटिल, दशकों से राज्य की सत्ता और चुनावों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे हैं। महाराष्ट्र की राजनीति में इन परिवारों की पकड़ और वर्चस्व ने न केवल सत्ता के समीकरण बदले हैं, बल्कि इसने वंशवाद को एक स्थायी राजनैतिक वास्तविकता बना दिया है।</p>
<p><span style="color: #ff9900;"><strong>वंशवादी राजनीति के प्रमुख परिवार</strong></span></p>
<p><strong>1. पवार परिवार</strong></p>
<p>महाराष्ट्र में वंशवादी राजनीति की सबसे बड़ी मिसाल पवार परिवार है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार राज्य के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक रहे हैं। शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने भी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई है और संसद में उनकी आवाज़ को काफी अहमियत दी जाती है। साथ ही, उनके भतीजे अजीत पवार भी महाराष्ट्र की राजनीति में मजबूत उपस्थिति रखते हैं। अजीत पवार ने राज्य में कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली है और वर्तमान में भी उनके नेतृत्व की चर्चा होती रहती है। पवार परिवार का प्रभाव महाराष्ट्र की राजनीति में न केवल एनसीपी तक सीमित है, बल्कि कई छोटे दलों और निर्दलीय नेताओं पर भी इसका असर देखा जा सकता है।</p>
<p><strong>2. चव्हाण परिवार</strong></p>
<p>कांग्रेस पार्टी में चव्हाण परिवार का नाम प्रमुखता से आता है। पृथ्वीराज चव्हाण और अशोक चव्हाण ने महाराष्ट्र की राजनीति में कांग्रेस का नेतृत्व किया है और दोनों ही अपने-अपने कार्यकाल में मुख्यमंत्री रह चुके हैं। अशोक चव्हाण के पिता, शंकरराव चव्हाण, भी एक प्रमुख कांग्रेसी नेता थे और कई बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने। चव्हाण परिवार की विरासत कांग्रेस पार्टी में मजबूती से टिकी हुई है, और यह परिवार अब भी राज्य में पार्टी को पुनर्जीवित करने की कोशिश में लगा हुआ है। हालांकि, वंशवाद के कारण कई युवा कांग्रेसी नेताओं को संघर्ष करना पड़ता है, लेकिन चव्हाण परिवार का नाम एक महत्वपूर्ण शक्ति का प्रतीक बना हुआ है।</p>
<p><strong>3. ठाकरे परिवार</strong></p>
<p>शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे ने महाराष्ट्र में एक नये प्रकार की राजनीति की शुरुआत की थी। उन्होंने मराठी अस्मिता और हिंदुत्व को आधार बनाकर पार्टी को खड़ा किया। उनके बेटे उद्धव ठाकरे ने इस विरासत को आगे बढ़ाया, और उनके पोते आदित्य ठाकरे ने भी राजनीति में कदम रखा। आदित्य ठाकरे ने महाराष्ट्र विधानसभा में जीत हासिल कर पार्टी को एक नई पीढ़ी के साथ जोड़ने का प्रयास किया। हालांकि शिवसेना में हाल ही में हुई टूट और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में पार्टी के बंटवारे ने ठाकरे परिवार के लिए कई चुनौतियाँ खड़ी की हैं। फिर भी, उद्धव और आदित्य का जनाधार बरकरार है, और वे शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के माध्यम से अपनी विरासत को कायम रखने की कोशिश में हैं।</p>
<p><strong>4. पाटिल परिवार</strong></p>
<p>महाराष्ट्र की राजनीति में पाटिल परिवार भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह परिवार खासकर पश्चिम महाराष्ट्र और कोल्हापुर क्षेत्र में प्रभावी है। आर.आर. पाटिल, जिन्हें &#8220;आबा&#8221; के नाम से जाना जाता था, ने अपने काम और छवि से जनता में एक भरोसा कायम किया था। उनके बाद, परिवार के अन्य सदस्य भी राजनीति में आए हैं और कोशिश कर रहे हैं कि पाटिल परिवार का जनाधार और प्रभाव बरकरार रहे। पश्चिम महाराष्ट्र में पाटिल परिवार का असर अक्सर ग्रामीण इलाकों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।</p>
<p><strong>वंशवाद का प्रभाव और चुनौतियाँ</strong></p>
<p>महाराष्ट्र में वंशवादी राजनीति की उपस्थिति ने कई संभावित युवा नेताओं और काबिल उम्मीदवारों के लिए चुनौती खड़ी की है। वंशवाद के कारण नए नेताओं को वह अवसर नहीं मिल पाते जो वंशवादी परिवारों के सदस्यों को मिलते हैं। इसके अलावा, राजनीति में परिवारवाद के कारण राज्य में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, और कार्यकुशलता में कमी जैसे मुद्दे भी उभरते हैं।</p>
<p>हालाँकि, कुछ वंशवादी नेता जैसे आदित्य ठाकरे और सुप्रिया सुले अपनी योग्यता के आधार पर जनता का समर्थन हासिल करने में कामयाब रहे हैं, लेकिन उनकी वंशवादी पृष्ठभूमि के कारण उन्हें अकसर आलोचना का सामना भी करना पड़ता है। इसके साथ ही, पवार और ठाकरे परिवारों के बीच शक्ति संघर्ष ने भी वंशवादी राजनीति में नए समीकरण पैदा किए हैं।</p>
<p><strong>महाराष्ट्र की राजनीति और वंशवाद का भविष्य</strong></p>
<p>महाराष्ट्र में वंशवाद की जड़ें काफी गहरी हैं, और इससे जल्द छुटकारा मिलना मुश्किल है। जनता की बढ़ती जागरूकता और युवा नेतृत्व की मांग के बावजूद, महाराष्ट्र की राजनीति में वंशवादी नेताओं का प्रभाव कम होता नहीं दिखता। चुनाव के दौरान कई बार यह देखा गया है कि वंशवादी पृष्ठभूमि वाले नेताओं को जनता का समर्थन मिलता है, लेकिन यह भी सच है कि वंशवाद के विरोध में आवाजें लगातार तेज हो रही हैं।</p>
<p>राजनीति में वंशवाद पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए राजनीतिक दलों को आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है। साथ ही, जनता को भी ऐसे नेताओं का चुनाव करना चाहिए जो योग्य हों और पारिवारिक पृष्ठभूमि से स्वतंत्र होकर अपनी पहचान बनाए हों। महाराष्ट्र की राजनीति में बदलाव लाने के लिए यह आवश्यक है कि दल और मतदाता दोनों ही वंशवाद के प्रभाव को चुनौती दें और नए और सक्षम नेताओं को अवसर दें।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>खालिस्तान समर्थकों और शिवसैनिकों के बीच संघर्ष, तलवारें लहराईं, लाठीचार्ज और फायरिंग</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/clashes-between-khalistan-supporters-and-shiv-sainiks-waving-swords-lathi-charge-and-firing/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 Apr 2022 10:21:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[इण्डिया]]></category>
		<category><![CDATA[खालिस्तान]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[पटियाला]]></category>
		<category><![CDATA[बाल ठाकरे]]></category>
		<category><![CDATA[भगवंत मान]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री]]></category>
		<category><![CDATA[लाठीचार्ज]]></category>
		<category><![CDATA[शिवसेना]]></category>
		<category><![CDATA[सिक्ख फॉर जस्टिस]]></category>
		<category><![CDATA[हवाई फायरिंग]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.jubileepost.in/?p=254589</guid>

					<description><![CDATA[जुबिली न्यूज़ ब्यूरो नई दिल्ली. पंजाब के पटियाला शहर में शुक्रवार को खालिस्तान समर्थकों और शिवसेना कार्यकर्ताओं के बीच ज़बरदस्त झड़प हो गई. उग्र भीड़ सड़क पर तलवारें लहराती नज़र आयी. देखते ही देखते भयावाह मंजर तैयार हो गया. पुलिस ने बातचीत के ज़रिये मामला सुलझाने की कोशिश की तो भीड़ ने पुलिस पर ही &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #0000ff;"><strong>जुबिली न्यूज़ ब्यूरो</strong></span></p>
<p><strong>नई दिल्ली.</strong> पंजाब के पटियाला शहर में शुक्रवार को खालिस्तान समर्थकों और शिवसेना कार्यकर्ताओं के बीच ज़बरदस्त झड़प हो गई. उग्र भीड़ सड़क पर तलवारें लहराती नज़र आयी. देखते ही देखते भयावाह मंजर तैयार हो गया. पुलिस ने बातचीत के ज़रिये मामला सुलझाने की कोशिश की तो भीड़ ने पुलिस पर ही पथराव कर दिया. पथराव से एक पुलिस इंस्पेक्टर घायल हो गया. इन्स्पेक्टर के घायल होने के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया और भीड़ को तितर-बितर कर दिया. लाठीचार्ज के बाद सड़क से भीड़ तो गायब हो गई लेकिन तनाव पूरे शहर में फैल गया. हालात को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात कर दी गई है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले में पुलिस महानिदेशक से तत्काल बात की और घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि हम किसी को भी पंजाब में अशांति नहीं फैलाने देंगे.</p>
<p><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-254590 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/04/patiyala-3-2.jpg" alt="" width="753" height="371" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/04/patiyala-3-2.jpg 753w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/04/patiyala-3-2-300x148.jpg 300w" sizes="(max-width: 753px) 100vw, 753px" /></p>
<p>दरअसल खालिस्तानी आतंकी संगठन सिक्ख फॉर जस्टिस के संस्थापक गुरपतवंत सिंह ने शुक्रवार को खलिस्तान स्थापना दिवस मनाने का एलान किया था. उन्होंने एलान किया था कि इस मौके पर पंजाब के सरकारी दफ्तरों पर खालिस्तान के झंडे फहराए जाएँ. झंडा फहराने का वीडियो भेजने वाले को एक लाख डालर का इनाम दिया जाएगा.</p>
<p>इस एलन के जवाब में शिवसेना (बाल ठाकरे) ने इस मार्च के खिलाफ पटियाला में खालिस्तानी मुर्दाबाद मार्च निकालने का एलान कर दिया. शुक्रवार की दोपहर को हरीश सिंगला के नेतृत्व में आर्य समाज चौक से खालिस्तान मुर्दाबाद मार्च शुरू भी हो गया. शिवसेना कार्यकर्ता खालिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए मार्च निकालने लगे. शिवसेना ने कहा कि वह किसी भी सूरत में खालिस्तान नहीं बनने देगी. इसी बीच हाथों में नंगी तलवारें लहराते हुए खालिस्तान समर्थक इस मार्च के सामने आ गए. दोनों तरफ से नारेबाजी शुरू हो गई और तनाव फैल गया.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-254591 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/04/patiyala-2.jpg" alt="" width="931" height="485" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/04/patiyala-2.jpg 931w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/04/patiyala-2-300x156.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2022/04/patiyala-2-768x400.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 931px) 100vw, 931px" /></p>
<p>देखते ही देखते दोनों पक्षों में टकराव शुरू हो गया और तलवारें चलने लगीं. पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इसके बाद भी स्थितियां नहीं सुधरीं तो पुलिस ने हवाई फायरिंग की. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि वह पंजाब की शान्ति और सद्भाव को आंच नहीं आने देंगे.</p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/is-khalistans-dream-getting-fertilizer-and-water-again/">डंके की चोट पर : क्या खालिस्तान के सपने को फिर मिल रहा है खाद-पानी</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/pakistan-removes-khalistan-supporter-gopal-singh-chawla-from-kartarpur-corridor-committee/">दबाव में झुका पाकिस्तान, करतारपुर कमेटी से खालिस्तानी समर्थक हटाया</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/ib-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%b2%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%b8/">IB का अलर्ट- लाल किले पर खालिस्तान का झंडा फहराने की प्लानिंग कर रहा है सिख फॉर जस्टिस</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/pakistan-khalistan-indiaso-is-lahore-the-capital-of-khalistan/">तो क्या खालिस्तान की राजधानी लाहौर है</a></strong></span></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>&#8230;तो देश में शिवसेना का प्रधानमंत्री होता, बोले संजय राउत</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/then-shiv-sena-would-have-been-the-prime-minister-in-the-country-said-sanjay-raut/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 24 Jan 2022 08:23:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[इण्डिया]]></category>
		<category><![CDATA[...तो देश में शिवसेना का प्रधानमंत्री होता]]></category>
		<category><![CDATA[गठबंधन]]></category>
		<category><![CDATA[जुबिली पोस्ट]]></category>
		<category><![CDATA[जुबिली पोस्ट हिंदी खबर हिंदी समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[पीएम मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[बाल ठाकरे]]></category>
		<category><![CDATA[बीजेपी हिंदुत्व]]></category>
		<category><![CDATA[बोले संजय राउत]]></category>
		<category><![CDATA[महाराष्ट्र]]></category>
		<category><![CDATA[विधानसभा चुनाव शिवसेना]]></category>
		<category><![CDATA[शिवसेना]]></category>
		<category><![CDATA[शिवसेना के संस्थापक]]></category>
		<category><![CDATA[शिवसेना प्रवक्ता संजय रावत]]></category>
		<category><![CDATA[हिंदी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[हिंदी समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[हिंदी समाचार जुबिली पोस्ट]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.jubileepost.in/?p=246453</guid>

					<description><![CDATA[जुबिली न्यूज डेस्क शिवसेना के नेता संजय राउत ने भाजपा को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी महाराष्ट्र में भाजपा को शीर्ष पर लेकर आई थी। पत्रकारों से बातचीत में शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा- बाबरी के बाद उत्तर भारत में शिवसेना की लहर थी। अगर हमने उस समय चुनाव &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #000080;"><strong>जुबिली न्यूज डेस्क</strong></span></p>
<p>शिवसेना के नेता संजय राउत ने भाजपा को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी महाराष्ट्र में भाजपा को शीर्ष पर लेकर आई थी।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-147815 size-full" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/01/Sanjay-Raut.jpg" alt="" width="1200" height="800" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/01/Sanjay-Raut.jpg 1200w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/01/Sanjay-Raut-300x200.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/01/Sanjay-Raut-1024x683.jpg 1024w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/01/Sanjay-Raut-768x512.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></p>
<p>पत्रकारों से बातचीत में शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा- बाबरी के बाद उत्तर भारत में शिवसेना की लहर थी। अगर हमने उस समय चुनाव लड़ा होता, तो देश में शिवसेना का प्रधानमंत्री होता, लेकिन हमने भाजपा के लिए ये छोड़ दिया।</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/corona-more-than-three-lakh-new-cases-of-infection-in-india-in-the-last-24-hours/">कोरोना : भारत में बीते 24 घंटों में संक्रमण के तीन लाख से अधिक नए मामले</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/who-became-ill-and-wealthy-due-to-corona-know-in-this-report/">कोरोना की मार से कौन हुआ बेहाल व मालामाल ? जानिए इस रिपोर्ट में</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें :  <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/who-told-which-people-are-at-risk-of-death-from-omicron-variant/">WHO ने बताया-किन लोगों को है ओमिक्रॉन वेरिएंट से मौत का खतरा</a></strong></span></p>
<p>राउत ने कहा, बीजेपी हिंदुत्व का इस्तेमाल सिर्फ सत्ता के लिए करती है। महाराष्ट्र में पिछला विधानसभा चुनाव शिवसेना और बीजेपी ने मिलकर लड़ा था, लेकिन चुनावी नतीजों के बाद मुख्यमंत्री पद की मांग को लेकर भाजपा और शिवसेना में दरार आ गई।</p>
<p>उन्होंने कहा, इसके बाद क्या हुआ आप सभी जानते हैं। भाजपा से सहमति न बन पाने पर शिवसेना ने महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई। इस समय शिवसेना के उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हैं।</p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/then-this-girl-can-give-you-a-job-of-rs-2-lakhs/">… तो यह लड़की आपको दे सकती है सवा दो लाख रुपये की नौकरी</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/why-did-bjp-ask-akhilesh-yadav-to-apologize/">भाजपा ने अखिलेश यादव से माफी मांगने को क्यों कहा?</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #800000;"><strong>यह भी पढ़ें :  <a style="color: #800000;" href="https://www.jubileepost.in/then-the-havoc-of-cold-will-increase-further/">…तो अभी और बढ़ेगा ठंड का कहर</a></strong></span></p>
<p>वहीं रविवार को शिवसेना के संस्थापक और अपने पिता बाल ठाकरे के 96वें जन्मदिन पर शिवसैनिकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा था कि शिवसेना ने भाजपा के सहयोगी के तौर पर 25 साल बर्बाद किए।</p>
<p>ठाकरे ने कहा कि शिवसेना ने भाजपा के साथ इसलिए गठबंधन किया था ताकि हिंदुत्व के एजेंडा को आगे बढ़ाए, लेकिन पार्टी ने कभी सत्ता के लिए हिंदुत्व का इस्तेमाल नहीं किया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>प्रीस्ट और पालिटीशियन इस मुल्क के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं : गोपाल दास नीरज</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/priest-and-politician-are-the-biggest-threat-to-this-country-gopal-das-neeraj/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 04 Jan 2021 11:56:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[लिट्फेस्ट]]></category>
		<category><![CDATA[स्पेशल स्टोरी]]></category>
		<category><![CDATA[अमरीकी राष्ट्रपति]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य रजनीश]]></category>
		<category><![CDATA[ईराक]]></category>
		<category><![CDATA[गौतम बुद्ध]]></category>
		<category><![CDATA[बाल ठाकरे]]></category>
		<category><![CDATA[बिल क्लिंटन]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान श्रीकृष्ण]]></category>
		<category><![CDATA[मदर टेरेसा]]></category>
		<category><![CDATA[महावीर]]></category>
		<category><![CDATA[राम कृष्ण परमहंस]]></category>
		<category><![CDATA[लिंग भेद]]></category>
		<category><![CDATA[सद्दाम हुसैन]]></category>
		<category><![CDATA[हिन्दुस्तान]]></category>
		<category><![CDATA[हैलीकाप्टर]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.jubileepost.in/?p=204354</guid>

					<description><![CDATA[गीत सम्राट गोपाल दास नीरज का आज जन्मदिन है. यह इंटरव्यू दो दशक से भी ज्यादा पुराना है. राजभवन के कवि सम्मेलन के बाद होटल के कमरे में नीरज जी के साथ रात-भर बातचीत हुई थी. व्यंग्यकार सर्वेश अस्थाना भी साथ थे. सुबह के चार बज गए तो वह उठ खड़े हुए. नीरज जी बोले &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>गीत सम्राट गोपाल दास नीरज का आज जन्मदिन है. यह इंटरव्यू दो दशक से भी ज्यादा पुराना है. राजभवन के कवि सम्मेलन के बाद होटल के कमरे में नीरज जी के साथ रात-भर बातचीत हुई थी. व्यंग्यकार सर्वेश अस्थाना भी साथ थे. सुबह के चार बज गए तो वह उठ खड़े हुए. नीरज जी बोले एक घंटा और बैठो, फिर तुम लोग घर चले जाना और मैं स्टेशन. चले जाओगे तो सो जाऊँगा और मेरी ट्रेन छूट जायेगी.</strong></span></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>इस मुलाक़ात के बाद नीरज जी से मुलाकातों का सिलसिला सा चल निकला. नीरज जी आज नहीं हैं तो वह पल बड़े अनमोल लगते हैं जो उनके साथ गुज़ारे. उन्हें मंचों पर कवितायें पढ़ते देखा. मंच पर अभिनय करते देखा. नवयुग गर्ल्स कालेज में उनके एकल काव्य पाठ के दौरान उन्हें असली हीरो की शक्ल में देखा. आटोग्राफ के लिए उन्हें लोगों से घिरा देखा.</strong></span></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>गोपाल दास नीरज जिन्होंने फिल्मों के लिए लिखा. जो सत्ता के करीब रहकर भी सत्ता से दूर रहे. भाषा संस्थान के अध्यक्ष के तौर पर जब उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला था तब भी अपनी जेब से पैसे निकालकर चाय मंगवाकर पिलाते थे.</strong></span></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>गोपाल दास नीरज का लखनऊ में सर्वेश अस्थाना से बड़ा ख़ास रिश्ता था. इस रिश्ते की गहराई को समझना हो तो गन्ना संस्थान में नीरज जी नाटक में अभिनय कर रहे थे. हाल में लोग आ चुके थे. इसी बीच किसी बात को लेकर नीरज जी के बेटे और सर्वेश अस्थाना में कहासुनी शुरू हो गई. नीरज जी बीच में आ गए. दोनों को अलग किया क्योंकि शो शुरू होने वाला था. शो के बाद सर्वेश नीरज जी के बगल में बैठे थे और बेटा सामने.</strong></span></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>स्मृतियों में इतना कुछ उभर रहा है कि लिखना बंद नहीं होगा. जुबिली पोस्ट के पाठकों के लिए दो दशक से ज्यादा पुराना इंटरव्यू ज्यों का त्यों पेश कर रहा हूँ. इंटरव्यू पुराना है लेकिन पढ़िएगा तो हालात वहीं नज़र आयेंगे जहाँ तब थे.</strong></span></p>
<p><span style="color: #0000ff;"><strong>शबाहत हुसैन विजेता</strong></span></p>
<p>बाल ठाकरे राष्ट्रवादी व्यक्ति थे लेकिन थोड़ा बहक गये थे। बहके तो अमरीकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भी थे लेकिन वह हद से ज्यादा बहक गये थे। बाल ठाकरे ने महाराष्ट्र का चौधरी बनने की जद्दोजहद की थी तो क्लिंटन ने पूरी दुनिया का चौधरी बनना चाहा था। नतीजा क्या हुआ उनके गुनाहों की गगरी कभी मोनिका लेविंस्की के नाम पर चटकती नजर आयी तो कभी सद्दाम हुसैन के नाम पर फूटती नजर आयी। हिन्दी कविता के काल पुरुष गोपाल दास नीरज ईश्वर को छोड़कर हर विषय पर बड़ी बेबाकी से बोलते हैं। वह कम लोगों से प्रभावित होते हैं लेकिन सद्दाम हुसैन का प्रभाव उनके जेहन पर इस हद तक है कि वह कहते हैं :- <span style="color: #993300;"><strong>&#8216;बारूद के पहाड़ पर वह नाम लिखेंगे, हम कर्बला का फिर नया पैगाम लिखेंगे, मर्दानगी का जिक्र कहीं जब भी छिड़ेगा, सब लोग बड़े फख्र से सद्दाम लिखेंगे</strong></span>। यह पंक्तियां सुनाते हुए नीरज के चेहरे पर सद्दाम हुसैन के कई रूप तैर जाते हैं। ईराक की सत्ता संभालते हुए अमरीका के सामने न झुकना, सत्ता से बेदखल हो जाने के बाद भी खुद को शासक मानते रहना, अदालत में सुनवाई के दौरान खुद का परिचय देते हुए &#8216;आई एम प्रेसीडेंट आफ ईराक कहना और फांसी की सजा हो जाने पर चेहरे पर डर का कोई भाव न आना, फांसी का फंदा खुद ही अपने गले में डालकर मौत को गले लगा लेने के हुनर ने सद्दाम को हिन्दी कविता के काल पुरुष के जेहन में अमर कर दिया है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class=" wp-image-204355 aligncenter" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/01/Neeraj-3-300x172.jpg" alt="" width="574" height="329" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/01/Neeraj-3-300x172.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/01/Neeraj-3.jpg 640w" sizes="auto, (max-width: 574px) 100vw, 574px" /></p>
<p>भगवान श्रीकृष्ण, राम कृष्ण परमहंस, महावीर, गौतम, बुद्ध, आचार्य रजनीश और मदर टेरेसा गोपाल दास नीरज की गुड बुक्स में हैं। वह इन पर रात भर धारा प्रवाह बोल सकते हैं। कुछ साल पहले नीरज जी से रात भर बात हुई थी और बात करते हुए वह न तो थकते नजर आये थे और न ही नींद उन पर हावी होती नजर आयी थी। हिन्दी कविता के अलावा भी तमाम मुद्दों पर नीरज जी पैनी नजर रखते हैं। विज्ञान कभी नीरज जी का विषय नहीं रहा लेकिन जेनेटिक्स इंजीनियरिंग पर उनकी नालेज किसी वैज्ञानिक से कम नहीं है।</p>
<p>नीरज का मानना है कि कुष्ठ, एड्स टीबी, ब्लड कैंसर और असाध्य रोगों से पीडि़त व्यक्ति को बच्चे पैदा करने का अधिकार नहीं होना चाहिए। वह कहते हैं कि पपीते तक की नस्ल सुधारने पर शोध हो रहा है। अच्छे जानवर कैसे पैदा हों इस पर वैज्ञानिक मगजमारी कर रहे हैं। विदेशों में अच्छे मनुष्य पैदा करने के लिए &#8216;स्पर्म बैंक खोले जा चुके हैं। क्लोनिंग के जरिये दूसरे नीरज और आइंसटीन पैदा करने में वैज्ञानिक सफल हो गये हैं तो फिर इसकी क्या जरूरत है कि कुष्ठरोगी भी अपनी जमात बढ़ाता रहे और एड्स पीडि़त भी खतरे की घंटी बजाता रहे। उनका कहना है कि जब विज्ञान के जरिये हम मनचाही योग्यता के बच्चे पैदा कर सकते हैं तो बुद्ध और आइंसटीन क्यों न पैदा करें।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class=" wp-image-204356" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/01/Neeraj-4-300x249.jpg" alt="" width="573" height="476" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/01/Neeraj-4-300x249.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/01/Neeraj-4.jpg 578w" sizes="auto, (max-width: 573px) 100vw, 573px" /></p>
<p>नीरज को हिन्दुस्तान के लिए प्रीस्ट और पालिटीशियन सबसे बड़ा खतरा नजर आते हैं। वह चाहते हैं कि बुद्धिजीवी तबका राजनीति में आये। और माफियाओं को इस क्षेत्र से बेदखल करे। मंडल, कमंडल और कश्मीर की समस्याओं को वह राजनीति की देन मानते हैं। उनका कहना है कि राजनेताओं के बेटे राजनेता तो बन रहे हैं लेकिन क्वालिटी नदारद होती जा रही है। कुर्सी और पैसे की हवस हिन्दुस्तान को छोटे से छोटा करती जा रही है। वह कहते हैं कि अभी हाल में चर्च में जो घटनाएं घटीं वह हिन्दुओं को बदनाम करने के लिए अंजाम दी गयीं। नेताओं के स्वार्थ ने देश की मुख्य समस्याओं को बनाए और बचाए रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पहले हिन्दू-मुसलमान लड़ाए, फिर हिन्दू- सरदार लड़ाए, फिर हिन्दू- इसाई लड़ाए। अब किसको लड़ाएं यह सोचने की जरूरत नहीं है। अब तो 33 फीसदी महिला आरक्षण के जरिये लिंग भेद की लड़ाई शुरू हो चुकी है। नीरज की नजर में लिंग भेद का संघर्ष सबसे खतरनाक संघर्ष होगा।</p>
<p>चेहरे पर हताशा की थकान लाकर नीरज बोलते जाते हैं। मैं बहुत हताश होता हूं जब मंच से थर्ड ग्रेड की कविता सराही जाती है और शानदार कविता श्रोताओं तक आते-आते मर जाती है। मैं तब भी हताश हुआ था जब अपनी चौधराहट कायम करने के लिए अमरीकी राष्ट्रपति ने बसरा पर मिसाइलें छोड़कर हजारों निर्दोषों को मरवा दिया था। गुजरात में जो हालात बने थे उसने भी मुझे हताश किया था लेकिन जब सोचता हूं कि लालची नेताओं के बनाये 33 प्रतिशत आरक्षण के पुल पर चढ़कर महिलाएं जब राजनीति में आएंगी, उनके मासूम बच्चे मां के प्यार को तरसेंगे, पति हीन भावना से ग्रस्त होंगे, संयुक्त परिवार टूटेंगे, स्त्री की हया और हिन्दू समाज के संस्कार टूटेंगे, राजनीति और बराबरी के चक्कर में महिलाएं जब पुरुष बन जाएंगी तो हिन्दुस्तान में होने वाली सबसे बड़ी टूटन को सोचकर मैं सबसे ज्यादा निराश होता हूं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class=" wp-image-204357 aligncenter" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/01/Neeraj-2-252x300.jpg" alt="" width="551" height="656" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/01/Neeraj-2-252x300.jpg 252w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/01/Neeraj-2.jpg 480w" sizes="auto, (max-width: 551px) 100vw, 551px" /></p>
<p>आज के माहौल में नीरज को कोई संत नजर नहीं आता। वह संत उसे मानते हैं जिसके निकट बैठने भर से मनुष्य के अंदर रूपान्तरण की प्रक्रिया शुरू हो जाए। यह प्रक्रिया नीरज के जीवन में दो ही लोग पैदा कर सके, एक आचार्य रजनीश और दूसरी मदर टेरेसा। 1965 की एक घटना याद करते हुए नीरज जी बताते हैं कि मां ने मुझे एक लिफाफा भेजा जिसमें कोई संदेश नहीं सिर्फ एक गुलाब का फूल था। मैंने जैसे ही फूल हाथ में पकड़ा होंठ बोल उठे, &#8216;मां मत ऐसे टेर कि मेरा तन अकुलाए- मन अकुलाए।</p>
<p>प्रगति के मामले में हिन्दुस्तान के लगातार पिछड़ते जाने के लिए नीरज ईश्वर को दोषी ठहराते हैं। ईश्वर के सम्बन्ध में उनकी सोच इन पंक्तियों में स्पष्टï होती है:-&#8216;कहते जिसे खुदा वह दिमागों का खलल है, जैसे कि नदी हो के भी सहराओं में जल है। वह चाहते हैं कि जिस ईश्वर की पूजा होती है उसकी मृत्यु हो जाए। साथ ही विश्वास भी जताते हैं कि 21 वीं सदी में ईश्वर का जन्म कर्म में होगा। वैज्ञानिक आधार पर अपने कथन की पुष्टि करते हुए वह कहते हैं कि ईश्वर के मानने वाले यह स्वीकारते हैं कि पदार्थ ऊर्जा में और ऊर्जा पदार्थ में बदल सकती है। इसी प्रक्रिया से मनुष्य का शरीर नष्ट होता है तो आत्मा दूसरा शरीर पा जाती है। ऐसा विज्ञान रोज साबित करता है। वह हमें ऊर्जा के जरिये एक छोटे से कैसेट में बदलता है फिर उसे फैलाकर घर-घर में टेलीविजन के जरिये से पहुंचा देता है।</p>
<p>नीरज चाहते हैं कि मनुष्य अपने चौथाई दिमाग के प्रयोग से ऊपर उठे, अपने को जीते, ईश्वर को मंदिर में नहीं कर्म में तलाशे, शेष तीन चौथाई दिमाग क्रियाशील कर &#8216;सुपर माइंड डेवलप करे। दिमाग को बुद्ध और कृष्ण की तर्ज पर इस्तेमाल करे। तब वह दिन दूर नहीं जब न तो वह पांच-पांच दिन क्रिकेट की कमेन्ट्री सुनकर वक्त बर्बाद करेगा और न ही रात-रात भर कवि सम्मेलन के लिए जागेगा। नीरज का मानना है कि सरकार दो घंटे से ज्यादा चलने वाले कवि सम्मेलनों पर प्रतिबंध लगाए ताकि इस गरीब का देश का नागरिक कुछ समय अपने देश के विकास के चिन्तन के लिए बचा पाए।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class=" wp-image-204358 aligncenter" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/01/Neeraj-300x252.jpg" alt="" width="573" height="481" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/01/Neeraj-300x252.jpg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2021/01/Neeraj.jpg 571w" sizes="auto, (max-width: 573px) 100vw, 573px" /></p>
<p>यह सोचकर नीरज बहुत दुखी होते हैं कि सवा अरब जनसंख्या वाले देश में एक भी अखबार ऐसा नहीं जिसका प्रसार 50 लाख से ज्यादा हो। उन्हें यह देखकर शर्म आती है कि एक अखबार पूरी ट्रेन पढ़ लेती है। वह चाहते हैं कि अखबार खरीदने वाले ऐसे लोगों को मुफ्त में अखबार न पढऩे दें जो सिगरेट पर सिगरेट फूंकते हैं लेकिन खबरें पढऩे लिए पैसा नहीं खर्च करते। धर्म, राजनीति, ज्ञान और कला सब कुछ पैसे पर आधारित हो जाने से भी नीरज बड़े निराश दिखते हैं। वह इस बात को हिन्दी साहित्य का दुर्भाग्य मानते हैं कि 73 साल से कविता के मंचों पर सक्रिय और लोकप्रिय नीरज के काव्य संग्रह ग्यारह सौ से बाइस सौ की संख्या से ज्यादा कभी प्रकाशित नहीं हुए। वह कहते हैं कि एक-एक मिनट जोड़ो तो शायद चालीस साल मैंने मंचों पर ही गंवा दिये। यह समय रीडिंग रूम में बीतता तो कितना साहित्य लिख जाता। वह इसे शर्म की बात मानते हैं कि देश का सबसे लोकप्रिय कवि मंचों पर जीविका तलाशता फिरता है। उनका कहना है कि लंदन के किसी कवि ने इतना लिखा होतो हैलीकाप्टर का मालिक होता।</p>
<p>आज की कविता को नीरज विषय भ्रमित मानते हैं। होली, दीवाली, दर्शन और रोमांस पर लिखी कविताएं वह वक्त की बर्बादी मानते हैं। अपने फिल्मी कैरियर से नीरज पूरी तरह से संतुष्ट हैं लेकिन आज जो फिल्मी गीत आ रहे हैं उन्हें वह गीत की श्रेणी में नहीं रखना चाहते। राजनीति में बुद्धिजीवियों के आने की जोरदार वकालत करने वाले नीरज सबसे अच्छे राजनीतिक दल के सवाल पर बोलते हैं कि किसे अच्छा कहें, सब एक से हैं। प्रीस्ट और पालिटीशियन देश की बर्बादी की जड़ हैं। राजनीति बड़ी घृणास्पद है। यह इस देश को बर्बाद करके छोड़ेगी।</p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/atal-politics-continues-from-ekana-to-frontier-gandhi/">डंके की चोट पर : इकाना से सीमान्त गांधी तक जारी है अटल सियासत</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/the-spirits-of-many-kings-breathe-in-this-king/">इस राजा में कई राजाओं की रूहें सांस लेती हैं</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/the-last-mughal-emperors-teacher-is-sleeping-on-the-footpath-of-delhi/">डंके की चोट पर : दिल्ली के फुटपाथ पर सो रहा है आख़री मुग़ल बादशाह का टीचर</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/love-refuses-to-obey-such-a-law/">डंके की चोट पर : मोहब्बत ऐसे क़ानून को मानने से इनकार करती है</a></strong></span></p>
<p>ईश्वर के अस्तित्व को नकारने वाले नीरज को अगले जन्म पर पूरा भरोसा है। भले ही वह उर्दू के शायर बनें लेकिन रहेंगे रचनाधर्मिता में ही। कहते हैं कि कोई भी चीज नष्ट नहीं होती है। अगले जन्म में वही चीज प्रारब्ध बनती है जो पिछले जन्म का संचय था। मेरी आज की लोकप्रियता 90 बरस की तपस्या नहीं पिछले जन्मों के संचय का योग है। सात सौ पांच जन्म के बाद सिद्धार्थ गौतम बुद्ध बन सके थे। हर व्यक्ति को अगले जन्म का प्रारब्ध अच्छा बनाने के लिए इस जन्म में अच्छे कर्मों का संचय जरूर करना चाहिए।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कंगना के पक्ष में आये अयोध्या के संत, किया शिवसेना का अंतिम संस्कार</title>
		<link>https://www.jubileepost.in/ayodhya-saints-came-in-favor-of-kangana-shiv-sena-cremated/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Syed Mohammad Abbas]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 10 Sep 2020 15:56:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[अयोध्या]]></category>
		<category><![CDATA[उद्धव ठाकरे]]></category>
		<category><![CDATA[कंगना रनौत]]></category>
		<category><![CDATA[बाल ठाकरे]]></category>
		<category><![CDATA[बालीवुड अभिनेत्री]]></category>
		<category><![CDATA[महंत परमहंस]]></category>
		<category><![CDATA[महाराष्ट्र]]></category>
		<category><![CDATA[मातोश्री]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री]]></category>
		<category><![CDATA[मुम्बई]]></category>
		<category><![CDATA[शिवसेना]]></category>
		<category><![CDATA[संजय राउत]]></category>
		<category><![CDATA[सरकार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.jubileepost.in/?p=186307</guid>

					<description><![CDATA[जुबिली न्यूज़ डेस्क लखनऊ. बालीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के पक्ष में अब अयोध्या के संत भी आ गए हैं. संतों ने कहा कि मुम्बई में कंगना का ऑफिस गिराया जाना बदले की कार्रवाई है. अगर कंगना का ऑफिस अवैध था तो फिर मातोश्री भी तोड़ा जाना चाहिए क्योंकि मानकों के हिसाब से तो वह भी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #0000ff;">जुबिली न्यूज़ डेस्क</span> </strong></p>
<p><strong>लखनऊ.</strong> बालीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के पक्ष में अब अयोध्या के संत भी आ गए हैं. संतों ने कहा कि मुम्बई में कंगना का ऑफिस गिराया जाना बदले की कार्रवाई है. अगर कंगना का ऑफिस अवैध था तो फिर मातोश्री भी तोड़ा जाना चाहिए क्योंकि मानकों के हिसाब से तो वह भी नहीं बना है. साधू-संतों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की तस्वीर जलाकर अपना विरोध जताया.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class=" wp-image-186308 aligncenter" src="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/09/ayodhya-300x203.jpeg" alt="" width="575" height="389" srcset="https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/09/ayodhya-300x203.jpeg 300w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/09/ayodhya-110x75.jpeg 110w, https://www.jubileepost.in/wp-content/uploads/2020/09/ayodhya.jpeg 640w" sizes="auto, (max-width: 575px) 100vw, 575px" /></p>
<p>अयोध्या के संतों ने कहा कि महाराष्ट्र की सरकार बाल ठाकरे के रास्ते से भटक गई है. संतों ने कहा कि देश की बेटी के साथ जिस तरह का बर्ताव हुआ उसके बाद उद्धव सरकार को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए. संतों ने कंगना के बारे में अपशब्द बोलने पर सांसद संजय राउत पर भी निशाना साधा.</p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/governors-entry-in-the-battle-of-kangana-and-thackeray/">कंगना और ठाकरे की लड़ाई में हुई राज्यपाल की एंट्री</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/sharad-pawar-said-on-demolition-job-at-kangana-ranauts-office/">भाजपा नहीं शिवसेना कंगना की ज़्यादा हितैषी है</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें :  <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/lalu-wrote-from-raghuvansh-resignation-you-are-not-going-anywhere/">रघुवंश के इस्तीफे से बेचैन लालू ने लिखा, आप कहीं नहीं जा रहे</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #993300;"><strong>यह भी पढ़ें : <a style="color: #993300;" href="https://www.jubileepost.in/this-virus-is-more-dangerous-than-corona/">डंके की चोट पर : कोरोना से ज्यादा खतरनाक है यह वायरस</a></strong></span></p>
<p>संतों ने कहा कि मुम्बई में तमाम अवैध निर्माण हैं, उन्हें भी गिराया जाना चाहिए. महंत परमहंस ने कहा कि आज पूरे देश में आक्रोश है. बाल ठाकरे ने हिंदुत्व और भगवा की रक्षा के लिए शिवसेना बनाई थी लेकिन अब शिवसेना देश विरोधियों का संगठन बन गई है. तपस्वी छावनी ने आज उद्धव ठाकरे की तस्वीर जलाकर शिवसेना का अंतिम संस्कार कर दिया. संतों ने एलान किया है कि वह देश की किसी भी नारी का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 

Served from: www.jubileepost.in @ 2026-05-17 20:51:33 by W3 Total Cache
-->