सवर्णों को राज्य कृषि विश्वविद्यालयों में मिलेगा दस फीसदी आरक्षण

न्यूज़ डेस्क

प्रदेश के चारों राज्य कृषि विश्वविद्यालयों में दस प्रतिशत गरीब सवर्ण आरक्षण के तहत स्नातक, परास्नातक और पीएचडी की सीटों में इस बार बढ़ोत्तरी होगी। शासन ने विश्वविद्यालयों को नए सत्र से दस प्रतिशत गरीब सवर्ण आरक्षण (ईडब्ल्यूएस) लागू करने का निर्देश जारी कर दिए है।

जानकारी के मुताबिक इस कोटे का लाभ विद्यार्थियों को 16,17,18 मई को हुई यूपीकैटेट परीक्षा और एक जुलाई को होने वाली आईसीएआर की प्रवेश परीक्षा के माध्यम से एडमिशन में मिल सकेगा। इस कोटे का लाभ लेने के लिए छात्रों को दोनों प्रवेश परीक्षा की काउंसलिंग के दौरान ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट जमा करना होगा। चारों विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने अपने-अपने यहां इस आरक्षण को लागू करने के लिए समिति का गठन कर दिया है। सीटों में कितना इजाफा होगा, ये विवि प्रशासन तय करेंगे।

इस दौरान चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के रजिस्ट्रार प्रो. कृपाशंकर ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार आरक्षण के पैटर्न को लागू करने के तरीकों पर चर्चा शुरू हो गई है। प्रक्रिया निर्धारित होने के बाद पहले सभी विश्वविद्यालय अपनी-अपनी एकेडमिक काउंसिल और एग्जीक्यूटिव काउंसिल से इसे पास कराएंगे। इसके बाद चारों विश्वविद्यालयों की एक साथ बैठक होगी। एक समान आरक्षण लागू करने के प्रस्ताव को फिर शासन को भेजा जाएगा।

चारों कृषि विश्वविद्यालयों में सीटें  विश्वविद्यालय                                               स्नातक   परास्नातक     पीएचडी

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय                                                   766         210                65

नरेंद्र देव यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी, अयोध्या                                  437        369                121

बांदा यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी                                                      159        65                   00

सरदार वल्लभ भाई पटेल यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी, मेरठ              332       125                 68

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