‘जो करना है कर लो, अब डरने का मन नहीं करता’

न्यूज डेस्क

देश में बलात्कार जैसी जघन्य घटनाएं अब मामूली घटनाओं की श्रेणी में आ गई है। दिसंबर 2012 में जब निर्भया कांड हुआ था तो पूरा देश एकजुट होकर इस घटना के खिलाफ सड़क पर उतरा गया था। उस समय ऐसा लगा कि अब इस देश में दूसरा निर्भया कांड नहीं होगा। लेकिन नहीं, हम गलत साबित हुए। इन सात सालों में कई निर्भया अपनी आबरू लुटने के साथ-साथ जान से गई और हम मूकदर्शक बने देखते रहे।

एक बार फिर पूरा देश शर्मशार है। देश की एक बेटी फिर वहशी दंरिदों का शिकार हुई। हैदराबाद में एक डॉक्टर लड़की से हैवानों ने मदद करने के बहाने से उसके साथ बलात्कार किया और फिर उसकी हत्या कर दी। इतना ही लाश पहचान में न आए वहशी दरिंदों ने जला दिया। रूह कंपाने वाली इस घटना के विरोध में दिल्ली की एक लड़की अनु दुबे शनिवार सुबह सात बजे संसद के बाहर प्रदर्शन करने बैठी, लेकिन कुछ ही देर बाद दिल्ली पुलिस अनु दुबे को वहां से जबरन उठाकर संसद थाने में ले गई और लगभग चार घंटे तक वहां रखा।

अब पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया है और अब अनु का कहना है कि उनका विरोध सिर्फ हैदराबाद वाले मामले के खिलाफ नहीं है बल्कि दुष्कर्म के सभी मामलों के खिलाफ और महिला सुरक्षा के लिए है।

अनु ने देश की महिलाओं और लड़कियों से अपील करते हुए कहा कि अगर आपके साथ कुछ गलत हो रहा है तो आप मुझे बताइए मैं आपके लिए प्रदर्शन करूंगी। उन्होंने बताया कि वो लगातार दुष्कर्म के मामले देख-देख कर थक गई थीं इसलिए अब प्रदर्शन कर रही हैं।

गिरफ्तारी से पहले एक न्यूज चैनल से बातचीत में अनु ने कहा कि हैदराबाद में प्रियंका रेड्डी जली है, कल मैं भी जलूंगी लेकिन मैं लड़ूंगी। उन्होंने यह भी कहा कि बस अब डरने का मन नहीं करता। क्या मेरा भी बाकियों जैसा हाल होगा। अनु ने कविता के माध्यम से अपनी बात रखी।

नहीं करना मुझे अब कोई नाटक-नौटंकी। जाओ कर लो बात मंदिर-मस्जिद की। बड़े लोग हो आप, हम छोटे लोगों को बस खुल के सांस लेने दो। कुछ दिन पहले मैं बाइक के साइलेंसर से जल गई थी, बहुत दर्द हुआ। अब जब तुम्हारे बारे में सुना तो रुकने का मन नहीं करता।

दिल्ली महिला आयोग को जैसे ही अनु दुबे की हिरासत की खबर मिली दिल्ली महिला आयोग की दो कार्यकर्ताएं थाने पहुंची और उन लोगों ने अनु से बात किया।

क्या है हैदराबाद का पूरा मामला

हैदराबाद में कुछ दरिंदों ने एक युवा महिला पशुचिकित्सक प्रियंका रेड्डी (27) के साथ कथित तौर दुष्कर्म किया और फिर उसे जिंदा ही जला दिया। इसके बाद प्रियंका की अधजली लाश को पुल से नीचे फेंक दिया गया।

जिस तरह निर्भया को मदद का भरोसा देकर बस में बैठा लिया गया था, उसी तरह मदद का झांसा यहां भी देकर इंसानियत को शर्मसार कर दिया गया। यहां के शादनगर थाने में हुई इस घटना के प्रकाश में आने के बाद 29 नवंबर को पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तार आरोपी पेशे से ट्रक ड्राइवर और उसके सहायक हैं। इस पशुचिकित्सक का शव शादनगर के बाहरी इलाके में बृहस्पतिवार को बरामद हुआ था। पुलिस को शक है कि इस पशुचिकित्सक के साथ दुष्कर्म करने के बाद हत्या की गई है।

प्रियंका की छोटी बहन ने पुलिस में दर्ज शिकायत में बताया कि बुधवार रात नौ बजकर 22 मिनट पर उसकी इस बड़ी बहन से बात हुई थी और उसने कहा था कि वह एक टोल प्लाजा के पास है और किसी ने उसकी स्कूटी के टायर की हवा निकली होने की बात कह कर मदद की पेशकश की थी।

वहीं इस मामले में गृहराज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि वह तेलंगाना सरकार के संपर्क में हैं ताकि दोषियों को मृत्युदंड दिलवाया जा सके। उन्होंने कहा कि मामले में लिप्त लोगों का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए और किसी वकील को उनका मुकदमा नहीं लड़ना चाहिए।

सोशल मीडिया में आया उबाल

इस घटना के सामने आने के बाद से पूरे देश में आक्रोश है। लोग ट्विटर, फेसबुक जैसे माध्यमों से अपनी नाराजगी प्रकट कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत कांग्रेस के नेता राहुल गांधी, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान, खिलाड़ी साइना नेहवाल जैसे बड़ी हस्तियां भी शामिल हैं। ट्विटर पर टॉप तीन ट्रेंड इस मामले को लेकर रहे।

जांच समिति हुई गठित

राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस नृशंस हत्याकांड के लिए जांच समिति का गठन कर दिया है। चेयरपर्सन रेखा शर्मा ने कहा कि आयोग दोषियों को सजा दिलाने में कोई कोरकसर बाकी नहीं रखेगा। आयोग ने उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है जिन्होंने पीडि़त के पिता की मदद करने से इंकार कर दिया था।

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