कश्मीर में बंगाली मजदूरों की हत्या पर राजनीति तेज

न्यूज डेस्क

मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में आतंकियों द्वारा मारे गए 5 बंगाली मजदूरों पर राजनीति तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मामले में मोदी सरकार पर सवाल उठाया है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का पूरा प्रशासन अब केंद्र सरकार के हाथों है। जब केन्द्र सरकार ने ईयू सांसदों के दौरे को देखते हुए सभी तरह की सावधानियां बरती तो फिर इन मजदूरों की हत्या कैसे हो गई।

गौरतलब है कि 29 अक्टूबर को कश्मीर के कुलगाम के कतारसू में आतंकियों ने रात 8:45 बजे कश्मीर से बाहर के पांच मजदूरों की हत्या कर दी थी। इस हमले को आतंकियों ने तब अंजाम दिया जब यूरोपीय सांसदों का एक 27 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल जम्मू-कश्मीर के दौरे पर आने वाला था।

वहीं इस मामले में पुलिस ने बताया कि पांच गैर कश्मीरी मजदूरों के शव बरामद किए जाने के बाद इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया गया है और साथ ही सेना, सीआरपीएफ और पुलिस के अतिरिक्त जवानों को भी इलाके में भेजा गया। घटना में घायल एक मजदूर की बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

मालूम हो कि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 निष्प्रभावी होने के बाद से यह पहली ऐसी घटना है जिसमें आतंकियों ने एक साथ इतने प्रवासी श्रमिकों को मार डाला हो। मारे गए पांचों श्रमिक पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के थे।

जम्मू-कश्मीर से 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 निष्प्रभावी किया गया था। इसके बाद से यहां कफ्र्यू जैसे हालात है। सरकार ने धीरे-धीरे कुछ मामलों में छूट दी है। सरकार ऐसा दावा कर रही है कि यहां जन-जीवन सामान्य हो गया है।

मालूम हो जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद से ही बौखलाए आतंकी ट्रक ड्राइवरों, कारोबारियों और दूसरे राज्यों से आए मजदूरों को निशाना बना रहे हैं। इससे पहले भी आतंकियों ने एक गैर-कश्मीरी मजदूर की हत्या कर दी थी। पिछले 15 दिनों में आतंकवादियों ने 6 ट्रक ड्राइवरों, एक सेब कारोबारी और दूसरे राज्य से आए 6 मजदूरों की हत्या कर चुके हैं।

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