“सीमा राजभर को लेकर सियासत गरम, अखिलेश यादव ने राजभर पर बोला हमला

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर राजभर समाज को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी द्वारा सीमा राजभर को महिला सभा की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद पूर्वांचल की राजनीति में नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता Fakhrul Hasan ने दावा किया है कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) प्रमुख Om Prakash Rajbhar सीमा राजभर से राजनीतिक रूप से असहज महसूस करते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि राजभर समाज के मुद्दों पर सरकार में रहते हुए भी सही तरीके से आवाज नहीं उठाई जा रही है, जबकि समाजवादी पार्टी के नेता लगातार इन मुद्दों को उठा रहे हैं।

समाजवादी पार्टी ने हाल ही में Seema Rajbhar को महिला सभा की कमान सौंपी है। पार्टी का मानना है कि उनके जरिए पूर्वांचल में राजभर समाज के बीच संगठन को मजबूत किया जा सकता है।

सीमा राजभर मूल रूप से बलिया की रहने वाली हैं और उन्होंने अपनी राजनीतिक शुरुआत सुहेलदेव समाज पार्टी से की थी। बाद में उन्होंने 2022 में पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया था।

सीमा राजभर की नियुक्ति के बाद से ही पूर्वांचल की राजनीति में सुभासपा और सपा के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। सपा प्रवक्ता का कहना है कि राजभर समाज के मुद्दों पर सवाल पूछे जाने से विरोधी खेमे में बेचैनी बढ़ी है।

Om Prakash Rajbhar पर आरोप लगाया जा रहा है कि वह सत्ता में रहते हुए समाज के मुद्दों पर प्रभावी ढंग से आवाज नहीं उठा पा रहे हैं। वहीं, सुभासपा की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजभर समाज को लेकर हो रही यह सियासी खींचतान पूर्वांचल के चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है। सपा और सुभासपा दोनों ही दल इस समुदाय में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

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