‘द कश्मीर फाइल्स’ पर पवार ने कहा-ऐसी फिल्म को स्क्रीनिंग के लिए मंजूरी…

जुबिली न्यूज डेस्क

‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म रिलीज के बाद से विवादों में बनी हुई है। इस फिल्म को लेकर समाज दो धड़े में बंट गया है। जहां एक धड़ा इसके सपोर्ट में है तो वहीं दूसरा इसके विरोध में।

इस फिल्म पर राजनीतिक दल भी बंटे हुए हैं। जहां भाजपा इस फिल्म का गुणगान कर रही है तो वहीं अन्य राजनीतिक दल इस फिल्म पर सवाल उठा रहे हैं।

इसी कड़ी में राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने बीजेपी पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा, ”बीजेपी ‘द कश्मीर फाइल्स’ के जरिए घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन को लेकर देश में झूठा प्रचार करके जहरीला माहौल बना रही है।”

पवार ने कहा, ”इस तरह की फिल्म को स्क्रीनिंग के लिए पास ही नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन, इसे टैक्स में छूट मिल रही है और जिन पर देश की एकता बनाए रखने की जिम्मेदारी है वो ही इस फिल्म को देखने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं जिससे लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है।”

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने ये बातें अपनी पार्टी की दिल्ली इकाई के अल्पसंख्यक विभाग के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहीं।

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शरद पवार ने कहा ,  कश्मीरी पंडितों को जरूर घाटी छोड़कर जाना पड़ा था लेकिन मुसलमानों को भी इसी तरह निशाना बनाया गया था। पाकिस्तान आधारित आंतकी समूह कश्मीरी पंडितों और मुसलमानों पर हमले के लिए जिम्मेदार हैं।

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एनसीपी प्रमुख ने कहा कि अगर मोदी सरकार वाकई कश्मीरी पंडितों की फिक्र करती है तो उसे उनके पुनर्वास के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए और अल्पसंख्यकों के खिलाफ गुस्सा नहीं बढ़ाना चाहिए।

शरद पवार ने कश्मीर की बहस में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को भी बीच में लाने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब कश्मीरी पंडितों का पलायन शुरू हुआ तो वीपी सिंह प्रधानमंत्री थे।

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