NEET-UG 2026 Paper Leak Case: CBI की जांच महाराष्ट्र तक पहुंची, नागपुर-चंद्रपुर में छापेमारी से खुलासा तेज

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच में अब नया मोड़ सामने आया है। Central Bureau of Investigation (CBI) की जांच का दायरा लगातार बढ़ते हुए महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र तक पहुंच गया है। नागपुर और चंद्रपुर जिलों में छात्रों के घरों पर छापेमारी की गई है।
नागपुर और चंद्रपुर में CBI की छापेमारी
CBI ने Nagpur और Chandrapur के कई इलाकों में कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने उन छात्रों के घरों पर तलाशी ली है, जिनके नाम कथित तौर पर पेपर लीक रैकेट से जुड़े लाभार्थियों के रूप में सामने आए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी में लैपटॉप, मोबाइल फोन, आईपैड, कंप्यूटर और नोट्स जैसे कई डिजिटल और शैक्षणिक दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
पुणे कनेक्शन और मॉक टेस्ट क्लास का आरोप
जांच में सामने आया है कि कुछ छात्रों को पुणे में विशेष मॉक टेस्ट क्लास के लिए बुलाया गया था। यह क्लास कथित तौर पर एक केमिस्ट्री लेक्चरर द्वारा ली गई थी, जिसमें मोटी रकम लेकर छात्रों को शामिल किया गया था।
इन छात्रों को नागपुर के कुछ एजेंट्स के जरिए इस क्लास तक पहुंचाया गया था।
मनीषा वाघमारे पर बड़ा आरोप
Manisha Waghmare पर आरोप है कि उन्होंने छात्रों और अभिभावकों को पेपर लीक सिंडिकेट से जोड़ने में भूमिका निभाई। उन्हें पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच में उनकी भूमिका की गहन पड़ताल की जा रही है।
जांच एजेंसी का मानना है कि वाघमारे ने ही कई छात्रों को रैकेट से जोड़ने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई।
मुख्य आरोपी और हिरासत
पुणे के केमिस्ट्री लेक्चरर Prahlad Kulkarni को इस रैकेट का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। उन्हें 10 दिन की CBI हिरासत में भेजा गया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ छात्रों को परीक्षा से पहले विशेष सत्रों में कथित तौर पर प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराए गए थे।
डिजिटल फॉरेंसिक जांच जारी
CBI अब सभी जब्त डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराने जा रही है। विशेषज्ञ डिलीट डेटा, चैट और कॉल रिकॉर्ड्स को रिकवर कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटे हैं।
लातूर में डॉक्टरों से पूछताछ
Latur में भी इस मामले से जुड़े तीन डॉक्टरों से पूछताछ की जा रही है। आरोप है कि इनका संपर्क रैकेट से जुड़े अन्य आरोपियों से था और इनके जरिए पेपर आगे छात्रों तक पहुंचाया गया।
आगे क्या?
CBI की जांच अब पूरे नेटवर्क, एजेंट्स और लाभार्थियों की पहचान पर केंद्रित है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि इस रैकेट में किन-किन स्तरों पर मिलीभगत थी।



