IPL 2026 : LSG की लगातार हार, संज़ीव गोयनका क्या करें? टीम के खराब प्रदर्शन ने बढ़ाई मुश्किलें

दिव्या नौटियाल

लखनऊ। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) में लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रदर्शन इस सीजन भी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा है। पिछले साल की निराशा इस बार भी दोहराई जा रही है। टीम के कप्तान ऋषभ पंत की फॉर्म और निकोलस पूरन की नाकामी अब टीम पर भारी पड़ती दिख रही है।

घरेलू मैदान इकाना क्रिकेट स्टेडियम पर भी टीम का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा है। हालिया मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ लखनऊ को 40 रनों से हार का सामना करना पड़ा।

कप्तान ऋषभ पंत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। शुरुआती ओवरों में यह रणनीति सही भी साबित हुई।

मोहम्मद शमी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए यशस्वी जायसवाल और ध्रुव जुरेल को जल्दी आउट कर दिया। इसके बाद युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी सिर्फ 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।राजस्थान की टीम 32 रन पर 3 विकेट खोकर संघर्ष कर रही थी, लेकिन लखनऊ इस मौके का फायदा नहीं उठा सकी।

संघर्ष के बीच रवींद्र जडेजा ने अहम पारी खेलते हुए टीम को 159 रन तक पहुंचाया। हालांकि, लक्ष्य बड़ा नहीं था, लेकिन इकाना की धीमी पिच बल्लेबाजों के लिए मुश्किल साबित हुई।

  • आयुष बडोनी (ओपनर के रूप में भेजे गए) खाता नहीं खोल सके
  • कप्तान ऋषभ पंत शून्य पर आउट
  • एडन मार्क्रम भी बिना खाता खोले पवेलियन लौटे

टीम चयन और बल्लेबाजी क्रम को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।आयुष बडोनी को ओपनिंग में भेजने का फैसला क्रिकेट विशेषज्ञों को हैरान करता है, क्योंकि उन्हें मध्यक्रम का बल्लेबाज माना जाता है।साथ ही, निकोलस पूरन की लगातार नाकामी के बावजूद टीम मैनेजमेंट की चुप्पी भी चर्चा में है।

यह हार कई मायनों में चिंता बढ़ाने वाली है

  • इस सीजन में घरेलू मैदान पर लगातार तीसरी हार
  • इकाना स्टेडियम में लगातार सातवीं हार

ऐसे में टीम मालिक संजीव गोयनका की निराशा साफ नजर आई। भारी निवेश के बावजूद अगर खिलाड़ी प्रदर्शन नहीं करें, तो सवाल स्वाभाविक हैं।अगर लखनऊ सुपर जायंट्स को टूर्नामेंट में वापसी करनी है, तो टीम को जल्द ही कड़े फैसले लेने होंगे।रणनीति, प्लेइंग इलेवन और खिलाड़ियों की भूमिका पर स्पष्टता लानी होगी, वरना हालात बदलना मुश्किल होगा।

लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए प्लेऑफ की राह अब बेहद कठिन होती जा रही है। टीम अब तक 7 मैच खेल चुकी है, जिसमें उसे सिर्फ 2 में जीत मिली है, जबकि 5 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है।

अंक तालिका में लखनऊ के पास फिलहाल 4 अंक हैं और टीम का नेट रन रेट -1.277 तक गिर चुका है, जो चिंता बढ़ाने वाला संकेत है।

अब समीकरण साफ है अगर लखनऊ को प्लेऑफ की दौड़ में बने रहना है, तो उसे बचे हुए 7 मैचों में से कम से कम 6 मुकाबले जीतने होंगे।यानी टीम के सामने अब हर मैच ‘करो या मरो’ जैसा हो गया है।

लेखक एक वरिष्ठ पत्रकार हैं; प्रस्तुत विचार उनके निजी हैं।

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