लद्दाख दौरे पर यूपी के 4 सांसदों की तबीयत बिगड़ी, एक सांसद AIIMS में भर्ती

Ladakh News: लेह-लद्दाख दौरे पर गए उत्तर प्रदेश के चार सांसदों की तबीयत अचानक खराब हो गई। ऊंचाई वाले क्षेत्र में ऑक्सीजन की कमी और मौसम के प्रभाव के चलते सांसदों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा। इनमें एक सांसद की हालत गंभीर होने पर उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया, जबकि गाजीपुर से सांसद Afzal Ansari को ऑक्सीजन सपोर्ट देना पड़ा।

जानकारी के मुताबिक, सभी सांसद एक आधिकारिक कार्यक्रम के सिलसिले में लेह-लद्दाख पहुंचे थे। प्रवास के दौरान कई सांसदों को हाई एल्टीट्यूड सिकनेस (High Altitude Sickness) के लक्षण महसूस हुए। ऊंचाई वाले इलाकों में ऑक्सीजन का स्तर कम होने के कारण सांस लेने में परेशानी, सिरदर्द, चक्कर और कमजोरी जैसी समस्याएं सामने आईं।

सूत्रों के अनुसार, लालगंज से सांसद की तबीयत सबसे ज्यादा बिगड़ गई। उन्हें नाक और मुंह से खून की उल्टी होने लगी, जिसके बाद तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें दिल्ली लाया गया और अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका स्वास्थ्य परीक्षण लगातार जारी है।

गाजीपुर सांसद Afzal Ansari को भी सांस लेने में दिक्कत महसूस हुई। चिकित्सकों ने एहतियातन उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट दिया। समय पर उपचार मिलने के बाद उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

दौरे पर मौजूद अन्य दो सांसदों को भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ा। उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल वाहन के जरिए होटल पहुंचाया गया, जहां मेडिकल टीम की निगरानी में उपचार किया गया।

विशेषज्ञों के अनुसार, समुद्र तल से काफी अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति वहां के वातावरण के अनुकूल पूरी तरह अभ्यस्त नहीं होता, तो उसे हाई एल्टीट्यूड सिकनेस हो सकती है।

इस स्थिति में सांस फूलना, सिरदर्द, मतली, चक्कर आना और गंभीर मामलों में फेफड़ों या मस्तिष्क पर असर पड़ सकता है। इसलिए लद्दाख जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को पर्याप्त आराम और चिकित्सकीय सलाह लेने की सलाह दी जाती है।

फिलहाल सभी सांसदों की स्वास्थ्य स्थिति पर चिकित्सकों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। डॉक्टरों के अनुसार, अधिकांश मामलों में समय पर इलाज और ऑक्सीजन सपोर्ट मिलने से मरीज तेजी से स्वस्थ हो जाते हैं।

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