महिला आरक्षण पर PM मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें

जुबिली न्यूज डेस्क
संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में विस्तृत संबोधन दिया और सभी दलों से इसे राजनीतिक नजरिए से ऊपर उठकर देखने की अपील की।
PM मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें:
- ऐतिहासिक अवसर न गंवाने की अपील
पीएम ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण क्षण है और सांसदों को इसे हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। इस चर्चा से देश की दिशा तय होगी। - विकसित भारत में महिलाओं की भूमिका
उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का भारत आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है और नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी जरूरी है। - 50% आबादी को अधिकार देने की बात
पीएम ने जोर देकर कहा कि देश की आधी आबादी को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करना समय की मांग है। - महिला आरक्षण का विरोध महंगा पड़ता है
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है—महिला आरक्षण का विरोध करने वालों को महिलाओं ने चुनाव में सजा दी है। - 2024 में सर्वसम्मति का जिक्र
पीएम ने कहा कि 2024 में सभी दलों की सहमति से यह मुद्दा विवाद का विषय नहीं रहा। - राजनीति से ऊपर उठने की अपील
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देना सही नहीं है, यह राष्ट्रहित का विषय है। - ग्राउंड लेवल पर महिलाओं का उभार
पीएम ने बताया कि पंचायत स्तर पर लाखों महिलाएं नेतृत्व में आई हैं और अब वे निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी चाहती हैं। - विरोध करने वालों को चेतावनी
उन्होंने कहा कि जो आज इसका विरोध करेंगे, उन्हें भविष्य में इसकी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी। - खुद के सामाजिक पृष्ठभूमि का जिक्र
पीएम ने कहा कि वह अति पिछड़े समाज से आते हैं और संविधान ने उन्हें आगे बढ़ने का मौका दिया। - क्रेडिट लेने का खुला ऑफर
उन्होंने विपक्ष को तंज करते हुए कहा कि सरकार को क्रेडिट नहीं चाहिए—“आप चाहें तो पूरा श्रेय ले लें, हम विज्ञापन देकर धन्यवाद भी देंगे।”
पीएम मोदी के इस संबोधन के बाद महिला आरक्षण विधेयक को लेकर संसद में बहस और तेज हो गई है, जहां एक तरफ सरकार इसे ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसके लागू करने के तरीके और परिसीमन से जोड़ने पर सवाल उठा रहा है।



