कैलाश विजयवर्गीय के विवादित बयान से बढ़ी भाजपा की मुश्किलें

जुबिली न्यूज डेस्क
भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का विवादों से चोली-दामन का साथ है। वह अक्सर अपने विवादित बयान की वजह से चर्चा में रहते हैं।
एक बार फिर विजयवर्गीय अपने विवादित बयान की वजह से चर्चा में हैं। लेकिन इस बार उन्होंने अपने बयान से न सिर्फ पार्टी की मुश्किलों को बढ़ाने का काम किया है बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कही छवि को सवालों के घेरे में ला दिया है।
दरअसल भाजपा महासचिव विजयवर्गीय ने कहा कि मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार गिराने में अहम भूमिका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की थी। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इसमें कोई रोल नहीं था।

विजयर्गीय ने यह बयान मंगलवार को इंदौर में भाजपा के किसानों के समर्थन में आयोजित सम्मेलन में दिया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मैं आज एक ऐसा खुलासा कर रहा हूं, जिसकी जानकारी अब तक किसी को नहीं थी।
भाजपा महासचिव ने कहा कि प्रदेश की कमलनाथ सरकार गिराने में अहम भूमिका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की थी। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इसमें कोई रोल नहीं था।
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लेकिन जैसे ही उनके बयान पर सियासी हलचल शुरु हुई उनकी तरफ से सफाई भी आ गई। बाद में जब इस बारे में उनसे पूछा गया तो विजयवर्गीय ने कहा कि वहां मौजूद लोगों को पता है कि यह विशुद्ध रूप से मजाक था।
उन्होंने कहा कि यह बात मैंने हल्के-फुल्के मजकिया लहजे में ही कही थी। मालूम हो इस साल ही मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार गिर गई थी और मार्च के महीने में शिवराज सरकार बनी थी।
इसी साल मार्च में कांग्रेस के कभी दिग्गज और भरोसेमंद नेता रहे भाजपा के मौजूदा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति निष्ठावान 22 विधायकों (छह मंत्रियों सहित) ने विधानसभा और कांग्रेस छोड़ दी थी। इसके परिणामस्वरूप एमपी में सियासी संकट पैदा हो गया था और करीब 15 महीने पुरानी कमलनाथ सरकार गिर गई थी।
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