भूपेंद्र पटेल होंगे Gujarat के नए CM

  • भूपेंद्र पटेल गुजरात के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे
  • भूपेंद्र पटेल राज्यपाल से मुलाकात करने जाएंगे
  • सोमवार को 15 मंत्री शपथ ले सकते हैं

जुबिली स्पेशल डेस्क

विजय रुपाणी के इस्तीफे के बाद गुजरात के नये सीएम का ऐलान बीजेपी ने रविवार को कर दिया है। इसके साथी भूपेंद्र पटेल गुजरात के नये सीएम होंगे। घाटलोडिया सीट से विधायक भूपेंद्र पटेल के नाम का प्रस्ताव खुद विजय रुपाणी ने किया था।

हालांकि इस दौरान कल से कई नामों को लेकर कयास लग रहे थे लेकिन भूपेंद्र पटेल ने बाजी मार ली है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री की दौड़ में में केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया, पुरुषोत्तम रुपाला, लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल पटेल, डिप्टी सीएम नितिन पटेल, सीआर पाटिल और गोरधन झड़फिया का नाम भी लेकिन रविवार को आखिरकार बीजेपी विधायक दल की बैठक में भूपेंद्र पटेल के नाम पर एक राय बन गई और बगैर किसी देर के बीजेपी ने उनके नाम का ऐलान कर दिया है।

ये नाम चौकाने वाले है क्योंकि जितने भी नाम चर्चा में थे उनमें से किसी को भी गुजरात की कुर्सी नहीं मिली है. केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भूपेंद्र पटेल के नाम का एलान किया।

कौन है भूपेंद्र पटेल

भूपेंद्र पटेल घाटलोडिया सीट से विधायक हैं। 2017 में पहली बार भूपेंद्र पटेल विधायक बने थे। भूपेंद्र पटेल अहमदाबाद अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एयूडीए) के चेयरमैन रहे हैं, भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (एएमसी) की स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन के तौर पर भी काम किया है।

यह भी पढ़े : विजय रूपाणी के इस्तीफा देने की क्या है वजह?

यह भी पढ़े :  एक तस्वीर धुंधली ही सही,मगर यह भी है आज के अफगानिस्तान की

यह भी पढ़े :  BJP के लिए चेहरा नहीं सत्ता है महत्वपूर्ण !

बता दे कि  गुजरात में शनिवार को विजय रूपाणी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया । उन्होंने इस्तीफा ऐसे समय में दिया जब विधानसभा चुनाव होने में सिर्फ एक साल का समय बचा है।

यह भी पढ़े :  व्यंग्य / बड़े अदब से : चिन्दी चिन्दी हिन्दी

यह भी पढ़े :  मुंबई में एक और ‘निर्भया’ ने तोड़ा दम 

यह भी पढ़े :   पानी-पानी हुई दिल्ली 

पिछले दो माह वह भाजपा के तीसरे ऐसे नेता हैं जिन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके पहले उत्तराखंड और कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदले गए थे।

हालांकि, इसके पीछे एक बड़ी वजह यह भी मानी जा रही है कि भाजपा को झारखंड में मिलने वाली हार के बाद अब भाजपा किसी भी राज्य में जोखिम नहीं उठाना चाहती है। इस कारण से उन मुख्यमंत्रियों की विदाई हो रही है जो अपेक्षाओं के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं।

Related Articles

Back to top button