किसानों से मिलने सिंधु बार्डर पहुंचे केजरीवाल, कहा-किसानों को जेल में…

जुबिली न्यूज डेस्क

सिंधु बार्डर पर पिछले 11 दिनों से देशभर के किसान केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानून के विरोध में डटे हुए हैं। किसान इस कानून को वापस करने की मांग पर अड़े हुए हैं। वहीं कल किसान यूनियनों ने भारत बंद का आह्वान किया है।

किसान यूनियनों के भारत बंद को देश की 18 राजनीतिक दलों ने समर्थन किसा है। किसानों का मोदी सरकार के तीन नए कृषि कानून के खिलाफ आज 12वें दिन भी विरोध-प्रदर्शन जारी है। इस बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सिंघु बॉर्डर पर किसानों से मिलने पहुंचे हैं।

किसानों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब किसान आंदोलन शुरू हुआ तो मुझे 9 स्टेडियम को जेल बनाने के लिए कहा गया। मगर हमने नहीं माना। मुझे कई फोन आये। बहुत दबाव भी था, मगर मैने अपने जमीर की सुनी। मुझे लगता है कि उस फैसले के कारण किसान आंदोलन को मजबूती मिली है। केंद्र का प्लान था कि किसानों को जेल में डालने की। मगर मंजूरी नहीं मिलने से आंदोलन मजबूत हुआ है।

सिंघु बॉर्डर पर पहुंचे केजरीवाल ने कहा कि किसान आंदोलन के साथ हम शुरु से खड़े हैं। मैं किसानों की मांग से सहमत हूं। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है सभी मांगें जायज हैं। सरकार को किसानों की बात माननी चाहिए।

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उन्होंने आगे कहा कि मैं आज यहां मुख्यमंत्री बनकर नहीं आया। मैं यहां उनका सेवक बनकर आया हूं। मैंने यहां की व्यवस्था भी देखी है। कुछ पानी की दिक्कत है, उसे ठीक कर लिया जाएगा।

दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर के पास टिकरी में किसानों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। किसानों की मांग की है तीनों कानून सरकार वापस ले।

प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि इस नए कानून के कारण उन्हें अपना अनाज औने-पौने दाम पर बेचना होगा और न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था खत्म हो जाएगी।

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