जुबिली स्पेशल डेस्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधान सभा चुनाव होना है। समाजवादी पार्टी अपनी सरकार बनाने का दावा जरूर कर रही है जबकि बीजेपी को पूरा विश्वास है कि उत्तर प्रदेश में एक बार फिर कमल का फूल खिलेंगा।
वहीं कांग्रेस अपनी खोयी हुई राजनीतिक जमीन को दोबारा पाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। प्रियंका गांधी के सहारे कांग्रेस एक फिर से यूपी में मजबूत दावेदारी पेश करती नजर आ रही है।
दूसरी ओर अखिलेश यादव भी लगातर यूपी में सक्रिय नजर आ रहे हैं और उनको भरोसा जनता उनको वोट जरूर देगी। इस बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कृषि कानूनों को लेकर बड़ा बयान दिया है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार आगामी पंजाब और उत्तर प्रदेश चुनावों के मद्देनजर कृषि कानूनों को वापस ले सकती है और बाद में चुनाव खत्म होने के बाद उन्हें नए सिरे से लागू कर सकती है।
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हालांकि अखिलेश यादव के इस बयान राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। अखिलेश यादव ने एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि भाजपा सरकार उन उद्योगपतियों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिन्होंने कृषि कानूनों के कारण पहले से ही साइलो और अन्य बुनियादी ढांचे की स्थापना की है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने कहा “एक संभावना है, मैं आज आपको बता रहा हूं। पंजाब और उत्तर प्रदेश में चुनावों को ध्यान में रखते हुए, 3 कृषि कानूनों को वापस लिया जा सकता है और चुनाव के बाद एक नए रूप में फिर से लागू किया जा सकता है।
यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार चुनाव के बाद कृषि कानूनों को नए सिरे से लागू करेगी क्योंकि यह उन कॉरपोरेट्स की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिन्होंने कृषि कानून लागू होने के बाद आवश्यक बुनियादी ढांचे की स्थापना पर पहले ही पैसा खर्च कर दिया है।
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