तेल की आग से बढ़ेगा महंगाई का बोझ? उदय कोटक की चेतावनी से मची हलचल

देश में महंगाई को लेकर चिंता एक बार फिर तेज हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ईरान संकट जैसे भू-राजनीतिक तनावों के बीच पेट्रोल-डीजल के दाम आने वाले समय में आम लोगों की जेब पर और भारी पड़ सकते हैं।

इसी बीच बड़े उद्योग जगत के दिग्गज भी आर्थिक हालात को लेकर सतर्कता जता रहे हैं।

उद्योगपति उदय कोटक ने हाल ही में आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा है कि भारत को संभावित आर्थिक दबाव के लिए पहले से तैयारी करनी चाहिए। CII की एनुअल बिजनेस समिट में उन्होंने संकेत दिया कि ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर अभी पूरी तरह सामने नहीं आया है, लेकिन आने वाले समय में इसका प्रभाव साफ दिखाई देगा।

उनका मानना है कि अगर वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो इसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल समेत रोजमर्रा की वस्तुओं पर पड़ेगा।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी कहा है कि पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक बना रहा, तो इसका सीधा असर भारत में ईंधन कीमतों पर पड़ सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार लंबे समय तक ईंधन पर बढ़ते दबाव को खुद वहन नहीं कर पाएगी, जिससे कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना बनी रहती है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.48% पर पहुंच गई है, जो लगातार छठे महीने की बढ़ोतरी है। खाद्य वस्तुओं की महंगाई भी बढ़कर 4.20% तक पहुंच गई है, जिससे आम घरों का बजट और दबाव में आ सकता है।

कुल मिलाकर वैश्विक तेल बाजार की अस्थिरता और घरेलू महंगाई के बढ़ते आंकड़े मिलकर आने वाले समय में आम लोगों की आर्थिक चुनौतियों को और बढ़ा सकते हैं।

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