महाराष्ट्र MLC चुनाव: क्या ‘काउंसिल कमबैक’ करेंगे उद्धव ठाकरे?

महाराष्ट्र में होने वाले विधान परिषद (MLC) चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बार चुनाव सिर्फ सीटों का नहीं, बल्कि राजनीतिक समीकरणों के नए संकेत देने वाला माना जा रहा है।
इसी बीच सुप्रिया सुले ने बड़ा दांव चलते हुए उद्धव ठाकरे को चुनाव मैदान में उतरने की सलाह दी है, जिससे महाविकास अघाड़ी (MVA) की रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
NCP (SP) का संकेत: अनुभव पर दांव
सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि राज्य को अनुभवी नेतृत्व की जरूरत है और उद्धव ठाकरे का अनुभव सदन के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
यह अपील ऐसे समय में आई है, जब महाविकास अघाड़ी ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
MVA में बढ़ी हलचल, कांग्रेस भी दे चुकी है संकेत
सूत्रों के मुताबिक, अगर उद्धव ठाकरे चुनाव लड़ते हैं, तो उन्हें सहयोगी दलों का समर्थन मिल सकता है।
महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं ने भी पहले संकेत दिए हैं कि ऐसे फैसले पर समर्थन संभव है।
इससे साफ है कि MVA इस चुनाव को महज औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजनीतिक ताकत दिखाने के मौके के तौर पर देख रहा है।
क्यों अहम है यह चुनाव?
महाराष्ट्र विधान परिषद की 10 सीटों पर चुनाव होना है, जिनमें 9 नियमित और 1 उपचुनाव शामिल है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह चुनाव आने वाले बड़े राजनीतिक समीकरणों की दिशा तय कर सकता है।
क्या फिर से सक्रिय राजनीति में दिखेंगे उद्धव?
उद्धव ठाकरे पहले भी विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं और मुख्यमंत्री पद संभाल चुके हैं।
ऐसे में अगर वे फिर से चुनाव लड़ते हैं, तो यह उनके ‘पॉलिटिकल कमबैक’ के तौर पर देखा जा सकता है।
चुनाव का पूरा शेड्यूल
- 23 अप्रैल 2026: अधिसूचना जारी
- 30 अप्रैल 2026: नामांकन की आखिरी तारीख
- 4 मई 2026: नाम वापसी की अंतिम तिथि
- 12 मई 2026: मतदान (सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक)
- 12 मई 2026: मतगणना और नतीजे
सियासी संदेश क्या?
इस पूरे घटनाक्रम को सिर्फ एक अपील के तौर पर नहीं, बल्कि गठबंधन के भीतर शक्ति संतुलन और नेतृत्व की दिशा तय करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।अगर उद्धव ठाकरे चुनाव मैदान में उतरते हैं, तो यह मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।



