संयुक्त राष्ट्र में भारत ने खोल दिया पत्ता: जहाजों पर हमले की निंदा, होर्मुज पर बड़ी चेतावनी

न्यूयॉर्क: United Nations में भारत ने ईरान और खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को लेकर अपना स्पष्ट रुख सामने रखा है। भारत के स्थायी प्रतिनिधि Parvathaneni Harish ने कहा कि भारत शुरू से ही इस संघर्ष पर चिंता जताता रहा है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करता रहा है।
भारत का रुख: बातचीत और कूटनीति ही रास्ता
भारत ने एक बार फिर साफ किया कि किसी भी युद्ध या तनाव को खत्म करने का सबसे बेहतर तरीका बातचीत और कूटनीति है।
भारत का कहना है कि सभी देशों को:
- तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाई से बचना चाहिए
- मतभेदों को शांतिपूर्ण तरीके से हल करना चाहिए
- एक-दूसरे की संप्रभुता और सीमाओं का सम्मान करना चाहिए
संघर्ष में निर्दोष लोगों की जान पर चिंता
Parvathaneni Harish ने कहा कि इस संघर्ष के दौरान आम नागरिकों और नाविकों की जान जाना बेहद दुखद है। भारत ने विशेष रूप से कॉमर्शियल जहाजों पर हमलों की निंदा की है।
भारत का मानना है कि:
- व्यापारिक जहाजों पर हमला अस्वीकार्य है
- इससे निर्दोष लोगों की जान खतरे में पड़ती है
- वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन प्रभावित होती है
होर्मुज जलडमरूमध्य पर भारत की चिंता
भारत ने Strait of Hormuz का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है।
भारत ने स्पष्ट किया कि:
- इस मार्ग पर निर्बाध आवाजाही जरूरी है
- किसी भी तरह की रुकावट अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है
- वैश्विक व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए
अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन की अपील
भारत ने सभी देशों से अपील की है कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करें और समुद्री रास्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
भारत का कहना है कि क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक व्यापार के लिए यह बेहद जरूरी है कि तनाव को बढ़ाने के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाया जाए।



