सुप्रीम कोर्ट से पवन खेड़ा को झटका, अग्रिम जमानत पर दिया ये निर्देश

जुबिली न्यूज डेस्क
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी अग्रिम जमानत से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए फिलहाल राहत देने से इनकार कर दिया और उन्हें असम हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया है।
तेलंगाना हाईकोर्ट से मिली थी राहत
इससे पहले पवन खेड़ा को तेलंगाना हाईकोर्ट ने एक सप्ताह की अग्रिम जमानत दी थी। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां असम सरकार ने इस आदेश को चुनौती दी।
सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले का उचित मंच असम हाईकोर्ट है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता वहां जाकर अपनी जमानत याचिका दाखिल करें।
यह सुनवाई न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदुरकर की बेंच ने की।
असम सरकार का पक्ष
असम सरकार ने कोर्ट में दलील दी कि यह मामला गुवाहाटी से जुड़ा है, लेकिन याचिका हैदराबाद में दाखिल की गई थी। सरकार ने आरोप लगाया कि अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) का गलत इस्तेमाल किया गया है।
सरकार का कहना है कि दस्तावेजों में दिए गए पते और आधार कार्ड से जुड़े तथ्यों में भी विसंगति पाई गई है।
पूरा मामला क्या है?
पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में असम के मुख्यमंत्री की पत्नी पर आरोप लगाए थे। इसके बाद उनके खिलाफ गुवाहाटी में एफआईआर दर्ज की गई।
हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी की ओर से दर्ज शिकायत में कहा गया कि लगाए गए आरोप झूठे और मानहानि करने वाले हैं।
कानूनी धाराओं में केस दर्ज
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है, जिनमें धोखाधड़ी और झूठे बयान से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत के लिए असम हाईकोर्ट का रुख करना होगा। मामला फिलहाल कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा।



