भारत-इजरायल के बीच अहम बातचीत, ईरान और होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ते तनाव पर चर्चा

जुबिली न्यूज डेस्क
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच गिदोन सार और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच मंगलवार (14 अप्रैल) को अहम फोन वार्ता हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।
इजरायल के विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि बातचीत में ईरान, लेबनान और होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ती चुनौतियों पर खास फोकस रहा।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चिंता
गिदोन सार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना बेहद जरूरी है। उन्होंने अमेरिका के स्पष्ट रुख की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि संवर्धन (enrichment) पर रोक और परमाणु सामग्री को हटाने जैसे कदम अहम हैं।
वैश्विक व्यापार पर असर की चेतावनी
इजरायली विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि ईरान द्वारा नौवहन की स्वतंत्रता में बाधा डालना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बन रहा है। उन्होंने कहा कि भारत और खाड़ी देशों सहित सभी देशों के जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना जरूरी है।
भारत की सक्रिय कूटनीति
इससे पहले एस. जयशंकर ने कुवैत और सिंगापुर के विदेश मंत्रियों से भी बातचीत की थी। इस दौरान क्षेत्रीय हालात और वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा पर चर्चा हुई।
कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबा के साथ बातचीत में भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। वहीं, सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालकृष्णन के साथ पश्चिम एशिया संकट के व्यापक प्रभावों पर चर्चा हुई।



