Good Friday 2026: आज 3 अप्रैल को गुड फ्राइडे, जानें प्रभु यीशु के बलिदान का महत्व और ईस्टर संडे की तारीख

नई दिल्ली/लाइफस्टाइल: आज 3 अप्रैल 2026 को दुनिया भर के साथ भारत में भी ‘गुड फ्राइडे’ मनाया जा रहा है। यह दिन ईसाई समुदाय के लिए उत्सव का नहीं, बल्कि गहन चिंतन, शोक और प्रभु यीशु मसीह के सर्वोच्च बलिदान को याद करने का है। अप्रैल का यह पहला शुक्रवार आध्यात्मिक शुद्धि और विश्वास के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
दोपहर 12 से 3 बजे का वो ‘मौन’ समय
गुड फ्राइडे के दिन सबसे महत्वपूर्ण समय दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच का होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी समय के दौरान ईसा मसीह ने क्रॉस पर असहनीय पीड़ा सही थी और मानवता के पापों की मुक्ति के लिए अपने प्राण त्यागे थे।
- चर्च की स्थिति: आज के दिन चर्चों में कोई साज-सज्जा नहीं होती। घंटियाँ नहीं बजाई जातीं और भक्त काले या गहरे रंग के कपड़े पहनकर मौन प्रार्थना (Silent Prayer) में भाग लेते हैं।
- उपवास और दान: कई श्रद्धालु आज के दिन उपवास रखते हैं और अपनी कमाई का एक हिस्सा गरीबों की सेवा में लगाते हैं, जो यीशु की ‘दया’ की सीख को दर्शाता है।
बलिदान से जीत तक: गुड फ्राइडे और ईस्टर का कनेक्शन
गुड फ्राइडे का यह शोक 5 अप्रैल को ‘ईस्टर संडे’ के साथ खुशी में बदल जाएगा।
मान्यता: गुड फ्राइडे के तीसरे दिन यीशु मसीह पुनर्जीवित हो गए थे। इसलिए, जहाँ शुक्रवार ‘त्याग’ का प्रतीक है, वहीं रविवार ‘नई आशा’ और ‘बुराई पर अच्छाई की जीत’ का संदेश देता है।
अपनों को भेजें शांति और विश्वास भरे संदेश
इस डिजिटल युग में, गुड फ्राइडे के संदेश केवल ‘शुभकामनाएं’ नहीं, बल्कि शांति और धैर्य का प्रतीक हैं। सोशल मीडिया पर आज ये संदेश ट्रेंड कर रहे हैं:
- “ईश्वर का प्रेम और उनकी शांति आपके हृदय को सदा आलोकित रखे। शुभ गुड फ्राइडे।”
- “यह दिन हमें याद दिलाता है कि अंधेरे के बाद उजाला अवश्य आता है। विश्वास बनाए रखें।”
- “प्रभु यीशु का बलिदान हमें क्षमा और करुणा की राह दिखाए।”



