PAK ने इजरायल को क्यों दी कड़ी चेतावनी?

जुबिली स्पेशल डेस्क

लाहौर। मध्य-पूर्व में जारी तनाव अब और बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले लगातार जारी हैं, वहीं ईरान भी इसका जवाब मिसाइल हमलों से दे रहा है।

इसी बीच यह तनाव पाकिस्तान तक भी पहुंच गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल द्वारा पाकिस्तान में स्ट्राइक किए जाने के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। हालांकि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन पाकिस्तान ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

पाकिस्तान ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह अपनी संप्रभुता पर किसी भी तरह का हमला बर्दाश्त नहीं करेगा और इसका जवाब देने के लिए तैयार है।

चोट नहीं आई, लेकिन एंबेसी कंपाउंड और आस-पास की कई दूसरी इमारतें धमाके में बुरी तरह हिल गईं।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने इजरायल को कड़ी चेतावनी दी है। पाकिस्तान स्ट्रेटेजिक फोरम के बयान में साफ कहा गया है कि अगर दुनिया में कहीं भी पाकिस्तानी राजनयिकों को नुकसान पहुंचाया गया, तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। बयान में यह भी कहा गया कि “पाकिस्तान कोई कतर नहीं है,” और किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

तेहरान एयरस्ट्राइक से मचा हड़कंप

यह बयान ऐसे समय आया है जब सेंट्रल तेहरान में इजरायल और यूनाइटेड स्टेट्स द्वारा कथित एयरस्ट्राइक की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले पाकिस्तानी एंबेसी और राजदूत के आवास के पास हुए।

हालांकि पाकिस्तानी राजदूत ने पुष्टि की कि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन धमाकों की वजह से एंबेसी परिसर और आसपास की कई इमारतें बुरी तरह हिल गईं, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

मध्यस्थता के लिए आगे आया पाकिस्तान

तनावपूर्ण हालात के बीच पाकिस्तान ने कूटनीतिक पहल भी दिखाई है। पाकिस्तान प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि अगर दोनों पक्ष तैयार हों, तो इस्लामाबाद अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने को तैयार है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी “अर्थपूर्ण और ठोस बातचीत” के लिए मध्यस्थता की पेशकश दोहराई है। पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका ने ईरान के साथ संवाद के लिए पाकिस्तान को एक बैक-चैनल के रूप में इस्तेमाल किया है।

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