सूरत में बदली लाइफस्टाइल, विदेश यात्रा और डेस्टिनेशन वेडिंग से लोगों ने बनाई दूरी, जानें क्यों

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और विदेशी मुद्रा संरक्षण की अपील का असर अब गुजरात के सूरत शहर में दिखाई देने लगा है. शहर के कई परिवारों और युवा पेशेवरों ने अपने निजी और पारिवारिक फैसलों में बदलाव करते हुए विदेश में होने वाली डेस्टिनेशन वेडिंग और ट्रैवल प्लान रद्द कर दिए हैं.

सूरत की व्यवसायी कृतिका शाह ने बताया कि उनके परिवार में पहले विदेश में शादी समारोह आयोजित करने की योजना थी, लेकिन प्रधानमंत्री की अपील से प्रेरित होकर अब शादी सूरत में ही करने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने कहा कि इससे खर्च कम होगा और परंपरागत तरीके से शादी को सादगीपूर्ण बनाया जा सकेगा.

कृतिका शाह के अनुसार परिवार ने सोने की खरीदारी भी सीमित कर दी है और पारंपरिक गहनों के बजाय सादगीपूर्ण विकल्पों को अपनाने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि हेरिटेज ज्वेलरी और इमिटेशन ज्वेलरी का इस्तेमाल अब बेहतर विकल्प के रूप में देखा जा रहा है.

उनका कहना है कि भारतीय साड़ियों के साथ हल्के और पारंपरिक आभूषण अधिक आकर्षक लगते हैं और इससे अनावश्यक खर्च भी कम होता है.

सूरत की आर्किटेक्ट प्रांजल पटेल ने बताया कि उन्होंने भी प्रधानमंत्री की अपील को अपने जीवन में अपनाया है. अब वे ऑफिस जाने के लिए निजी वाहन के बजाय कारपूलिंग और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर रही हैं.

प्रांजल ने बताया कि दोस्तों के साथ विदेश यात्रा का प्लान भी रद्द कर दिया गया है और अब वे भारत के पर्यटन स्थलों की यात्रा करेंगी. उनका मानना है कि इससे न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि घरेलू पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील से ईंधन बचत, प्रदूषण में कमी और विदेशी मुद्रा संरक्षण जैसे उद्देश्यों को बल मिल रहा है. लोग अब ‘वोकल फॉर लोकल’ को अपनाते हुए घरेलू संसाधनों और भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं.

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