खामेनेई के बाद कौन? इंतजार खत्म, मोजतबा खामेनेई को मिली सर्वोच्च नेतृत्व की जिम्मेदारी

जुबिली स्पेशल डेस्क

ईरान में नए सुप्रीम लीडर को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। ईरानी टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, Assembly of Experts ने अयातुल्लाह अली खामेनेई के बेटे Mojtaba Khamenei को यह जिम्मेदारी सौंप दी है।

56 वर्षीय मोजतबा, Ayatollah Ali Khamenei के दूसरे बड़े बेटे हैं। लंबे समय से उन्हें सत्ता के भीतर प्रभावशाली चेहरा माना जाता रहा है, हालांकि उन्होंने कभी कोई औपचारिक सरकारी पद नहीं संभाला।

2019 में अमेरिका ने लगाए थे प्रतिबंध

साल 2019 में अमेरिका ने मोजतबा खामेनेई पर प्रतिबंध लगाए थे। ब्लूमबर्ग समेत कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उन्होंने विदेशों में निवेश और संपत्तियां बनाई हैं। उनकी सटीक नेट वर्थ सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, लेकिन कुछ रिपोर्टों में करोड़ों डॉलर की संपत्ति होने का उल्लेख मिलता है।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि उनके निवेश पश्चिमी बाजारों में फैले हुए हैं और स्विस बैंक खातों से जुड़े होने के आरोप भी लगाए गए हैं। ब्रिटेन में 138 मिलियन पाउंड से अधिक कीमत की एक लग्जरी संपत्ति का जिक्र भी सामने आया है। हालांकि, इन सभी दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

परिवार में कौन-कौन?

मोजतबा की शादी जहरा हदाद-अदिल से हुई है। जहरा, Gholam-Ali Haddad-Adel की बेटी हैं, जो ईरान के प्रमुख कंजर्वेटिव नेता और पूर्व संसद अध्यक्ष रह चुके हैं। बताया जाता है कि उनकी शादी 2004 में हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके तीन बच्चे हैं, हालांकि इसकी भी आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

पर्दे के पीछे प्रभावशाली भूमिका

मोजतबा खामेनेई किसी उच्च धार्मिक पद पर नहीं रहे हैं और न ही उन्होंने औपचारिक रूप से शासन में कोई पद संभाला है। इसके बावजूद, उन्हें लंबे समय से पर्दे के पीछे प्रभावशाली भूमिका निभाने वाला नेता माना जाता है। ईरान-इराक युद्ध के दौरान उन्होंने सैन्य सेवा भी दी थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि उनके संभावित चयन को लेकर विरोध की संभावना भी बनी रह सकती है, क्योंकि ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में पारिवारिक उत्तराधिकार को लेकर मतभेद रहे हैं। शिया परंपरा में पिता से बेटे को सर्वोच्च धार्मिक पद मिलना सामान्य परंपरा नहीं मानी जाती।

IRGC से करीबी संबंध

ऐसा माना जाता है कि मोजतबा के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के साथ मजबूत संबंध रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उनके चयन में आईआरजीसी का प्रभाव हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

यह भी कहा जाता है कि अयातुल्लाह अली खामेनेई ने पिछले वर्ष संभावित उत्तराधिकारियों की एक सूची तैयार की थी, जिसमें कथित तौर पर मोजतबा का नाम शामिल नहीं था।

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