ईरान पर हमले में फेल हुआ अमेरिका! ट्रंप की रोक से बच गए 2 परमाणु ठिकाने

  • अमेरिका ने नहीं किए थे तीनों परमाणु ठिकानों पर हमले, ट्रंप ने बहुस्तरीय योजना को किया था खारिज: रिपोर्ट

वॉशिंगटन/तेहरान। पिछले महीने ईरान और इजरायल के बीच जारी तनातनी के बीच अमेरिका द्वारा तीन प्रमुख ईरानी परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया गया था, लेकिन अब अमेरिकी मीडिया हाउस NBC की एक रिपोर्ट ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी हमलों में सिर्फ फोर्दो न्यूक्लियर साइट को ही नुकसान पहुंचा, जबकि नतांज और इस्फहान पूरी तरह सुरक्षित रहे।

ट्रंप ने रोकी बहुस्तरीय सैन्य योजना

एनबीसी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के तीनों परमाणु ठिकानों को एक के बाद एक कई दिनों तक निशाना बनाने की बड़ी योजना बनाई थी। लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जैसे ही इस रणनीति के व्यापक प्रभावों की जानकारी दी गई, उन्होंने इस योजना को मंजूरी नहीं दी।

ट्रंप ने इस आशंका को जाहिर किया कि यदि यह अभियान शुरू हुआ तो अमेरिका लंबी अवधि के लिए ईरान के साथ युद्ध में उलझ सकता है, जो उनकी विदेश नीति के मूल सिद्धांतों के खिलाफ होगा। इसी कारण सिर्फ एक रात के सीमित हमले की योजना को हरी झंडी दी गई।

सिर्फ फोर्दो को पहुंचा नुकसान

उक्त हमले में सिर्फ फोर्दो स्थित परमाणु संयंत्र को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा, जबकि नतांज और इस्फहान के ठिकानों को कोई नुकसान नहीं हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने सार्वजनिक रूप से तीनों ठिकानों पर हमले का दावा कर अपनी सैन्य क्षमता का संदेश देना चाहा था।

फिर हो सकते हैं हमले?

रिपोर्ट में एक पूर्व अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि अमेरिका और इजरायल के बीच अब यह चर्चा चल रही है कि यदि ईरान:

  • परमाणु वार्ता फिर से शुरू नहीं करता है,

  • या फिर बचे हुए ठिकानों पर पुनर्निर्माण की गतिविधि शुरू करता है,

तो अमेरिका और इजरायल दोबारा इन स्थलों पर लक्षित हमले कर सकते हैं। हालांकि ईरान ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण और नागरिक उद्देश्य के लिए है।

ट्रंप का दावा अलग

हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए दावा किया था कि अमेरिका ने फोर्दो, नतांज और इस्फहान — तीनों ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है। हालांकि NBC की रिपोर्ट ट्रंप के बयान से अलग तस्वीर पेश करती है।

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